Feedback
झारखंड के गढ़वा जिले के रमना थाना क्षेत्र में मंगलवार रात एक शादी समारोह अचानक चर्चा का विषय बन गया. जयमाला से लेकर मंगलसूत्र पहनाने तक की रस्में पूरी हो चुकी थीं, लेकिन जैसे ही सिंदूरदान का समय आया, दुल्हन ने शादी करने से साफ इनकार कर दिया. इसके बाद शादी समारोह में अफरा-तफरी मच गई और पूरी रात पंचायत व समझाइश का दौर चलता रहा. आखिरकार बारात को बिना दुल्हन के वापस लौटना पड़ा.
जानकारी के अनुसार, रमना थाना क्षेत्र के बगोंधा टोला निवासी सुखट राम की बेटी पुष्पा कुमारी की शादी गढ़वा थाना क्षेत्र के जुबैरिया गांव निवासी दशरथ राम उर्फ बसंत राम के पुत्र दीपक कुमार रवि के साथ तय हुई थी. मंगलवार रात तय कार्यक्रम के अनुसार बारात पूरे गाजे-बाजे के साथ लड़की के घर पहुंची. बारात का स्वागत किया गया और इसके बाद जयमाला की रस्म धूमधाम से पूरी हुई.
गाजे-बाजे के साथ पहुंची थी बारात
विवाह मंडप में पंडित वैदिक मंत्रोच्चार के बीच शादी की अन्य रस्में भी करवा रहे थे. मंगलसूत्र पहनाने तक सब कुछ सामान्य तरीके से चलता रहा. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब सिंदूरदान की रस्म शुरू हुई और दूल्हा दुल्हन की मांग में सिंदूर भरने लगा, तभी दुल्हन पुष्पा कुमारी ने हाथ से सिंदूर हटाते हुए शादी करने से इनकार कर दिया.
दुल्हन के अचानक फैसले से दोनों पक्षों के लोग हैरान रह गए. मंडप में मौजूद परिजन और रिश्तेदार उसे समझाने में जुट गए. गांव के ग्रामीण, स्थानीय मुखिया प्रतिनिधि विरंची पासवान और अन्य जनप्रतिनिधि भी मौके पर पहुंचे. पूरी रात पंचायत और बातचीत चलती रही, लेकिन दुल्हन अपने फैसले पर अडिग रही और शादी के लिए तैयार नहीं हुई.
जयमाला और मंगलसूत्र के बाद बदला दुल्हन का फैसला
सुबह होने तक मामला शांत नहीं हुआ तो दूल्हे के पिता दशरथ राम उर्फ बसंत राम ने स्थानीय थाना को सूचना दी. पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों से बातचीत कर मामले को सुलझाने की कोशिश की. हालांकि पुलिस हस्तक्षेप के बाद भी दुल्हन ने अपना फैसला नहीं बदला. आखिरकार काफी मशक्कत और निराशा के बाद दूल्हा पक्ष को बिना शादी के ही बारात वापस ले जानी पड़ी. घटना के बाद पूरे इलाके में यह मामला चर्चा का केंद्र बना हुआ है और लोग अलग-अलग तरह की बातें कर रहे हैं.
Copyright © 2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today
होम
वीडियो
लाइव टीवी
न्यूज़ रील
मेन्यू
मेन्यू