मध्य प्रदेश के निवाड़ी जिले के सियाखास गांव में 10वीं कक्षा की एक 16 साल की दलित छात्रा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। दो दिन पहले मंदिर से लौटते समय गांव के ही अभिषेक यादव नाम के युवक ने उसके साथ छेड़छाड़ की थी। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी और 3 अन्य लोगों के खिलाफ पॉक्सो और एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। आरोप है कि इसके बाद आरोपी पक्ष की ओर से पीड़िता के परिवार पर शिकायत वापस लेने का लगातार दबाव बनाया जा रहा था, जिससे डरकर और मानसिक तनाव में आकर छात्रा ने यह आत्मघाती कदम उठा लिया।
पृथ्वीपुर थाने के प्रभारी जितेंद्र सिंह गुर्जर ने बताया कि जिला मुख्यालय से लगभग 18 किलोमीटर दूर सियाखास गांव में 16 वर्षीय दलित लड़की ने अपने घर में फंदे से लटककर जान दे दी। लड़की 10वीं कक्षा की छात्रा थी। उसने एक एक आरोपी के खिलाफ छेड़छाड़ और उत्पीड़न का केस दर्ज कराया था।
पुलिस अधिकारी ने कहा कि 2 दिन पहले अपनी भाभी के साथ एक मंदिर से घर लौट रही लड़की को उसी गांव के एक युवक अभिषेक यादव ने कथित तौर पर गलत इरादे से पकड़ लिया था। इसके बाद उसने आरोपी के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी थी। शिकायत के बाद आरोपी और तीन अन्य के खिलाफ अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अधिनियम और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी के पक्ष की ओर से कथित तौर पर लड़की के परिवार पर मामला वापस लेने के लिए दबाव डाला गया। संभवतः आरोपी पक्ष के डर एवं दबाव के कारण लड़की ने आत्महत्या कर ली। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
वहीं सिवनी जिले में एक नाबालिग आदिवासी लड़की को रिसोर्ट में बुलाकर बीयर पिलाने और उसके साथ दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है। बरघाट के पुलिस अधिकारी ललित गठरे ने बताया कि इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। वारदात पेंच टाइगर रिजर्व के कर्माझिरी गेट रास्ते पर सुकतरा के पास बने एक रिसोर्ट में हुई। रिसोर्ट मालिक के बेटे अंकित ने अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर लड़की को बुलाया और उसके साथ गलत काम किया।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी अंकित की इस लड़की से करीब दो महीने पहले पहचान हुई थी। लड़की की शिकायत पर अंकित सनोड़िया और उसके दो दोस्तों को पकड़कर कोर्ट में पेश कर दिया गया है। कुरई थाना पुलिस इस मामले की पूरी जांच कर रही है। आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और एससी-एसटी एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
कृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )
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कृष्ण बिहारी सिंह पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। कृष्ण बिहारी सिंह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। वह स्टेट टीम के साथ काम कर रहे हैं। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय मीडिया जगत में केबी उपनाम से चर्चित हैं। यूपी के मऊ जिले से ताल्लुक रखने वाले केबी महाराष्ट्र और हरियाणा में पत्रकारिता कर चुके हैं। मौजूदा वक्त में वह दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय हैं।
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शैक्षणिक पृष्ठभूमि: लॉ (एलएलबी) और साइंस (बी.एससी, बायोलॉजी) से ग्रेजुएट कृष्ण बिहारी सिंह ने महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए और एमफिल किया है। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय राजनीति और वैश्विक मामलों के साथ विधि विषय की गहरी समझ रखते हैं। अखबार से लेकर टेलीविजन और अब डिजिटल मीडिया के बदलावों के साक्षी रहे कृष्ण बिहारी सिंह पाठकों की पसंद और बदलते ट्रेंड को बारीकी से समझते हैं।
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