'पायलट अभी भी कंट्रोल…', एअर इंडिया विमान दुर्घटना के मुर्दाघर में जाने वाले व्यक्ति ने बताया रोंगटे खड़े करने वाले दृश्यों का वर्णन – air india ahmedabad crash morgue horror pilot error doubts – Jagran

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अहमदाबाद हवाई अड्डे पर हुए एअर इंडिया विमान हादसे के मुर्दाघर का खौफनाक मंजर सामने आया है, जहां 260 लोगों की मौत हुई थी। …और पढ़ें
एअर इंडिया विमान दुर्घटना(फाइल फोटो)
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। 12 जून को अहमदाबाद हवाई अड्डे से लंदन गैटविक के लिए उड़ान भरने वाला एअर इंडिया का बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर टेक-ऑफ के महज 32 सेकंड बाद भीषण हादसे का शिकार हो गया था। विमान रनवे से करीब 1.6 किलोमीटर दूर स्थित बीजे मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल परिसर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
इस दर्दनाक हादसे में विमान में सवार 241 लोगों और जमीन पर मौजूद 19 लोगों सहित कुल 260 लोगों की मौत हो गई। विमान में सवार यात्रियों में से सीट 11A पर बैठे केवल एक यात्री विश्वास कुमार रमेश जीवित बचे थे।
इस हादसे के लगभग 10 महीने बाद अस्थायी शवगृह के भीतर का आंखों देखा खौफनाक मंजर सामने आया है। साथ ही, विमानन विशेषज्ञों और पायलटों के संगठन ने आधिकारिक टाइमलाइन पर सवाल उठाते हुए दावा किया है कि हादसा पायलट की गलती से नहीं, बल्कि किसी बड़ी तकनीकी खराबी के कारण हुआ होगा। विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो अगले महीने 12 जून तक इसकी अंतिम रिपोर्ट जारी कर सकता है।
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हादसे में अपने परिवार के तीन सदस्यों को खोने वाले रोमिन वोहरा ने अहमदाबाद अस्पताल के अस्थायी शवगृह के अंदर के झकझोर देने वाले दृश्यों का खुलासा किया है। कोरोना महामारी के दौरान पैथोलॉजी लैब असिस्टेंट के रूप में काम कर चुके वोहरा ने अपने संपर्कों का इस्तेमाल कर शवगृह में प्रवेश किया था ताकि अपनों की पहचान कर सकें।
डेली मेल के अनुसार, वोहरा ने कहा कि मैंने वहां वो चीजें देखीं जिन्हें मैं कभी नहीं भूल सकता। फर्श पर क्षत-विक्षत और बुरी तरह झुलसे शव बिखरे थे। उन्होंने एक ऐसी मां को भी देखा जो जलने के बाद भी अपने बच्चे को सीने से चिपकाए हुई थी।
वोहरा ने दावा किया कि उन्होंने कैप्टन सभरवाल का शव कमरे के एक कोने में अलग रखा देखा। कैप्टन की पीठ बुरी तरह झुलस गई थी, लेकिन उनके शरीर का अगला हिस्सा और वर्दी पूरी तरह सुरक्षित थी।
वोहरा के मुताबिक, कैप्टन का शव अभी भी बैठने की स्थिति में था और उनके हाथ विमान के डबल-हैंडल योक को कसकर पकड़े हुए थे। यह इस बात का संकेत है कि कैप्टन आखिरी सेकंड तक विमान को बचाने की कोशिश कर रहे थे।
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हादसे के बाद मीडिया और एविएशन फोरम में यह आशंका जताई जा रही थी कि उड़ान भरते समय दोनों इंजनों के फ्यूल कंट्रोल स्विच गलती से ‘RUN’ से ‘CUTOFF’ पोजीशन पर आ गए थे।
पिछले साल 12 जुलाई को जारी अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में AAIB ने कहा था कि टेक-ऑफ के तुरंत बाद दोनों इंजनों की ईंधन आपूर्ति एक सेकंड के भीतर कट गई थी।
रिपोर्ट में कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (सीवीआर) की एक बातचीत का भी हवाला दिया गया था, जिसमें एक पायलट ने पूछा कि तुमने ईंधन क्यों बंद किया? जिस पर दूसरे ने जवाब दिया कि मैंने नहीं किया। इस बातचीत के बाद यह बहस छिड़ गई कि क्या यह पायलट की मानवीय चूक थी।
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विमान के एनहैंस्ड एअरबोर्न फ्लाइट रिकॉर्डर से प्राप्त डेटा के अनुसार, घटनाक्रम कुछ इस प्रकार था।
पायलटों के संगठन फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स ने इस टाइमलाइन पर गंभीर तकनीकी विसंगति की ओर इशारा करते हुए AAIB को पत्र लिखा है। FIP का कहना है कि विमान के RAT सिस्टम के निर्माता कॉलिन्स एअरोस्पेस के दस्तावेजों के अनुसार, पूरी तरह से बिजली गुल होने के 10 से 15 सेकंड बाद RAT सक्रिय होता है।
लेकिन AAIB की टाइमलाइन में फ्यूल स्विच बंद होने के महज 4 सेकंड बाद ही RAT सक्रिय हो गया। FIP के अनुसार, यह दर्शाता है कि ईंधन स्विच के बंद होने से पहले ही विमान में कोई बड़ा इलेक्ट्रिकल फेलियर (बिजली की खराबी) हो चुका था।
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FIP ने अहमदाबाद हवाई अड्डे के एक सीसीटीवी फुटेज का हवाला भी दिया है। इस फुटेज में कथित तौर पर दिख रहा है कि जब विमान रनवे पर दौड़ ही रहा था (हवा में उठने से पहले), तभी उसके नीचे एक डार्क ऑब्जेक्ट (काली वस्तु) दिखाई दी।
पायलटों के संगठन का दावा है कि यह इस बात का सबूत हो सकता है कि विमान के हवा में जाने से पहले ही उसका RAT डोर खुल गया था या RAT सिस्टम काम करने लगा था।
FIP ने मांग की है कि इस सीसीटीवी फुटेज का ब्लैक बॉक्स डेटा के साथ मिलान किया जाए और सिम्युलेटर पर इसकी दोबारा जांच की जाए ताकि यह साफ हो सके कि असली वजह तकनीकी खराबी थी या पायलटों का कोई कदम।ahmadabad_
AAIB की प्रारंभिक रिपोर्ट में यह भी सामने आया था कि अमेरिकी फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) ने 2018 में बोइंग विमानों के फ्यूल कंट्रोल स्विच के लॉकिंग फीचर (जो स्विच को गलती से दबने से रोकता है) के खराब होने की चेतावनी जारी की थी।
चूंकि यह एडवाइजरी अनिवार्य नहीं थी, इसलिए एअर इंडिया ने इसकी जांच नहीं कराई थी। इसके अलावा, इस विमान के थ्रॉटल कंट्रोल मॉड्यूल को 2019 और फिर 2023 में बदला गया था। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि लॉकिंग फीचर में खराबी थी, तो यह मुमकिन है कि बिना पायलट के छुए भी स्विच अपने आप ‘CUTOFF’ पोजीशन पर चले गए हों।
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फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स के अध्यक्ष कैप्टन सी.एस. रंधावा ने कहा कि यदि चश्मदीद रोमिन वोहरा का दावा सही है कि कैप्टन का शव स्टीयरिंग (योक) को थामे हुए था, तो यह साबित करता है कि कैप्टन ने हार नहीं मानी थी।
कैप्टन रंधावा ने कहा कि कोई भी जिम्मेदार कैप्टन आपातकाल की स्थिति में विमान का नियंत्रण अपने हाथ में लेता है और आखिरी सेकंड तक विमान के नोज को ऊपर उठाने की पूरी कोशिश करता है। वे वही कर रहे थे जिसकी उन्हें ट्रेनिंग मिली थी।” अब पूरी विमानन इंडस्ट्री की नजरें अगले महीने आने वाली अंतिम जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं।
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