कृपया धैर्य रखें।
केंद्र सरकार ने देश में पेट्रोल-डीजल की कमी से इनकार किया है, हालांकि थोक खरीदारों के खुदरा पंपों की ओर बढ़ने से कुछ स्थानों पर डीजल की मांग बढ़ी है। …और पढ़ें
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा
केंद्र सरकार ने देश में ईंधन की कमी से इनकार किया
थोक खरीदारों के खुदरा पंपों पर जाने से मांग बढ़ी
नागरिकों से घबराहट में खरीदारी न करने की अपील की
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने गुरुवार को कहा कि देश में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है और एलपीजी की आपूर्ति भी सामान्य बनी हुई है। साथ ही कहा कि थोक डीजल उपभोक्ताओं के खुदरा पेट्रोल पंपों की ओर बढ़ते रुख के कारण देश में कुछ स्थानों पर ईंधन की मांग में बढ़ोतरी जरूर हुई है।
थोक व खुदरा कीमतों में 40-42 रुपये प्रति लीटर का अंतर होने के कारण यह हालात पैदा हुए हैं। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि कुछ पेट्रोल पंपों पर मांग में 20-30 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
इसके पीछे पहली वजह है कि फसल कटाई का मौसम होने से डीजल की मांग बढ़ना और दूसरे, थोक उपभोक्ता के खुदरा पंपों से डीजल लेना। इस कारण कुछ क्षेत्रों में पेट्रोल पंपों में ईंधन की कमी जैसी स्थिति उत्पन्न हो रही है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल पंप कारों और दोपहिया वाहनों को ईंधन प्रदान करते हैं।
पेट्रोल पंपों पर ईंधन लागत से नीचे बेचा जा रहा है जबकि थोक आपूर्ति सामान्यत: बाजार मूल्य पर होती है। थोक खरीदार जैसे राज्य सड़क परिवहन की बसें और टेलीकाम टावर जो पावर जेनसेट्स में डीजल का उपयोग करते हैं, को ईंधन थोक आपूर्ति प्वाइंटों से खरीदना चाहिए।
शर्मा ने नागरिकों से अपील की कि वे घबराहट में खरीदारी न करें। भारत के पास कच्चे तेल, पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की पर्याप्त आपूर्ति है और रिफाइनरियां घरेलू मांग को पूरा करने के लिए पूरी क्षमता पर काम कर रही हैं। रिफाइनरियां प्रतिदिन 46,000-47,000 टन एलपीजी का उत्पादन कर रही हैं।
एएनआई के अनुसार बंदरगाह, शिपिंग और जलमार्ग मंत्रालय के सचिव मुकेश मंगल ने कहा है कि पश्चिम एशिया में फंसे सभी भारतीय समुद्री नाविक सुरक्षित हैं। क्षेत्र में चल रहे तनाव के बीच सरकार ने 3300 से अधिक भारतीयों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की है।
पिछले 72 घंटों में ही 99 लोग आए हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में होर्मुज स्ट्रेट में 13 भारतीय झंडे वाले जहाज और एक भारतीय स्वामित्व वाला जहाज अभी भी हैं।
(न्यूज एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)