पेपर लीक बना 'नासूर'! NEET छात्रा भाग्यश्री के सुसाइड के बाद सोशल मीड‍िया पर आक्रोश! श‍िक्षामंत्री के इस्तीफे की मांग – AajTak

Feedback
देश में सालों से रेंग रही लचर परीक्षा प्रणाली का नतीजा अब केवल पेपर लीक के रूप में सामने नहीं आ रहा, बल्कि यह युवाओं के सपनों के कत्लेआम का वो अंतहीन सिलसिला बन चुका है जो अब थमने का नाम नहीं ले रहा. प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार लगती सेंध का ये जख्म अब देश के करोड़ों नौजवानों के सीने पर एक ऐसा ‘नासूर’ बन चुका है, जिसने होनहारों को मौत के गले लगाने पर मजबूर कर दिया है. 
NEET UG 2026 परीक्षा कैंसिल होने और उसकी दोबारा परीक्षा (Re-Exam) के कड़े मानसिक आघात के बीच कल कर्नाटक के कलबुर्गी में 18 साल की एस्पिरेंट भाग्यश्री ने आत्महत्या के जरिये जान दे दी. वो 12वीं में 92 प्रतिशत अंक लेकर आई थी. उसके पेरेंट्स के दुख ने अब लाखों अभ्यर्थ‍ियों ही नहीं पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. इस दर्दनाक खबर के सामने आते ही सोशल मीडिया पर लोग आक्रोशित हैं. पेपर लीक की घटनाएं जैसे अभ्यर्थ‍ियों के मन से प्रतियोगी पर‍ीक्षाओं से व‍िश्वास उठा रही हैं. हताशा और अवसाद में डूबे युवा अब स‍िस्टम को पूरी तरह सुधारने के साथ साथ देश के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. 
एक्स पर एक यूजर ने ल‍िखा कि NEET अभ्यर्थी भाग्यश्री ने कलबुर्गी में फांसी लगाकर अपनी जान दे दी. नीट पेपर लीक के कारण किसी छात्र की मौत का यह छठा मामला है. आज देश का युवा इस अक्षम सरकार की गलतियों का खामियाजा भुगत रहा है. यह बेहद शर्मनाक है कि इसके जिम्मेदार लोग अब भी अपनी कुर्सियों से चिपके हुए हैं. धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत प्रभाव से अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए.
एक अन्य यूजर ने ल‍िखा कि NEET की परीक्षा देकर लौटी भाग्यश्री जैसी न जाने कितनी मासूम जिंदगियां इस समय घुट-घुट कर जी रही हैं. एक तरफ छात्र अपनी रातों की नींद हराम करके पढ़ाई करते हैं,और दूसरी तरफ पेपर लीक माफिया लाखों रुपये में प्रश्नपत्रों की भाषा,ऑर्डर और पंक्चुएशन तक ब्लैक मार्केट में बेच देते हैं. 
गुस्से से भरे एक अन्य यूजर ने सरकार और मंत्रियों की जवाबदेही पर तीखा तंज कसते हुए एक्स (X) पर लिखा कि अरे, अगर दो या तीन बच्चे मर भी जाएं, तो क्या बड़ी बात है? क्योंकि ये बच्चे वैसे भी भारत का भविष्य नहीं बनने वाले हैं. क्योंकि भारत सरकार में ‘प्रधान सेवक’ के मंत्री जिस तरह से आलसी, निकम्मे हैं और अपने बेटे-बेटियों को विदेशों में भेज देते हैं. 

ये कुछ प्रतिक्र‍ियाएं स‍िर्फ बानगी भर हैं, असल में सोशल मीड‍िया से लेकर जमीन पर छात्र ऐसी ही प्रतिक्र‍ियाएं दे रहे हैं. नीट छात्रा माही ने aajtak.in से बातचीत में कहा कि सरकार अब दोबारा नीट एग्जाम ले रही है, वहीं टेल‍िग्राम आद‍ि पर जैसे दावे हो रहे हैं कि ऐसा लगता है कि र‍िनीट का पेपर भी लीक हो सकता है. सच पूछ‍िए तो हमारा एग्जाम से भरोसा उठ रहा है. समझ नहीं आता हमारा भव‍िष्य क्या होने वाला है. 
सोशल मीड‍िया के तमाम पोस्ट और कमेंट हम यहां नहीं दे सकते. लेकिन ये गुस्सा एक द‍िन का नहीं है. भारत में ज‍िस तरह लगातार प्रतियोगी परीक्षाओं में लीक जैसे मामले आ रहे हैं, उससे लाज‍ि‍मी है कि अभ्यर्थ‍ियों में न‍िराशा और हताशा भर जाए. 
एक्सपर्ट्स की चेतावनी: ‘यह परीक्षा प्रणाली का फेलियर है, बच्चों का नहीं’
छात्रों के बीच लगातार बढ़ रहे इस आक्रोश और ट्रॉमा पर देश के जाने-माने मनोचिकित्सकों का कहना है कि यह बच्चों की कमजोरी नहीं, बल्कि देश की परीक्षा प्रणाली और चयन प्रक्रिया का सबसे बड़ा फेलियर है. एक मध्यमवर्गीय छात्र जब अपनी सालों की मेहनत पर इस तरह पानी फिरते देखता है, तो उसका पूरा वजूद हिल जाता है. 
विशेषज्ञों के मुताबिक, सरकार को केवल परीक्षा सुधारने पर ही नहीं, बल्कि हर कोचिंग हब और जिले में एस्पिरेंट्स के लिए तत्काल ‘इमरजेंसी मेंटल हेल्थ काउंसलिंग’ और हेल्पलाइन शुरू करनी चाहिए.
सीकर, लखीमपुर से कर्नाटक तक… दर्द ही दर्द!
कलबुर्गी में भाग्यश्री की आत्महत्या की घटना कोई पहली नहीं है. पिछले कुछ ही दिनों में पेपर लीक के इस ‘सिंड्रोम’ ने देश के कई होनहारों को छीन लिया है. सीकर (राजस्थान) में नीट परीक्षा रद्द होने के तुरंत बाद अभ्यर्थी प्रदीप मेवाल ने आत्महत्या कर ली. परिवार को उम्मीद थी कि प्रदीप पहली परीक्षा में 650 से ज्यादा नंबर ला रहा था. यूपी के लखीमपुर खीरी में अपने तीसरे प्रयास में पूरी तरह आश्वस्त एक छात्र ने पेपर लीक और अनिश्चितता के सदमे में आकर अपनी जान दे दी.
Copyright © 2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today
होम
वीडियो
लाइव टीवी
न्यूज़ रील
मेन्यू
मेन्यू

source.freeslots dinogame telegram营销

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Toofani-News