अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अरब और मुस्लिम देशों के नेताओं के साथ शनिवार को हुई बातचीत की जानकारी साझा की है.
रौनक भैड़ा, सुमंत सिंह
अब इस लाइव पेज को विराम देने का वक़्त आ गया है. मुझे यानी बीबीसी संवाददाता सुमंत सिंह को दीजिए इजाज़त.
कल सुबह एक नए लाइव पेज के साथ हम फिर हाज़िर होंगे.
बीबीसी न्यूज़ हिन्दी की वेबसाइट पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को विस्तार से पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें.
– फिर बढ़े पेट्रोल-डीज़ल के दाम, विपक्ष ने पूछे सरकार से ये सवाल
– 'कॉकरोच जनता पार्टी' पर मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने ये कहा
– रणवीर सिंह को 'डॉन 3' छोड़ना पड़ा भारी, फ़िल्म इंडस्ट्री की संस्था ने लगाया बैन
– क्या पाकिस्तान, सऊदी अरब और क़तर इसराइल को मान्यता देंगे? ट्रंप की अपील पर चर्चा
– यूक्रेन ने रूसी ड्रोन हमलों से निपटने के लिए निकाला ये हाई-टेक तरीक़ा
इमेज स्रोत, Al Drago for The Washington Post via Getty Images
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अरब और मुस्लिम देशों के नेताओं के साथ शनिवार को हुई बातचीत की जानकारी साझा की है.
ट्रंप ने बताया कि उन्होंने सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), क़तर, पाकिस्तान, तुर्की, मिस्र, जॉर्डन और बहरीन के नेताओं से बातचीत की. इस दौरान उन्होंने इन देशों से अब्राहम समझौते पर हस्ताक्षर करने की बात कही.
उन्होंने कहा, "संभव है कि एक या दो देशों के पास ऐसा न करने की कोई वजह हो और उसे स्वीकार किया जाएगा. लेकिन ज़्यादातर देशों को ईरान के साथ इस समझौते को पहले से कहीं ज़्यादा ऐतिहासिक बनाने के लिए तैयार, इच्छुक और सक्षम होना चाहिए."
ट्रंप ने अब्राहम समझौते के बारे में कहा कि इसका सम्मान दुनिया में कहीं भी हुए किसी भी समझौते से ज़्यादा होगा.
उन्होंने कहा, "इसकी शुरुआत सऊदी अरब और क़तर के तत्काल हस्ताक्षर से होनी चाहिए और बाकी देशों को भी उसके बाद आगे आना चाहिए. अगर वे ऐसा नहीं करते तो उन्हें इस (ईरान) समझौते का हिस्सा नहीं होना चाहिए, क्योंकि यह ग़लत इरादे को दिखाता है."
अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान को भी अब्राहम समझौते में शामिल करने की बात कही.
उन्होंने कहा, "ऊपर बताए गए देशों के नेताओं ने कहा कि जैसे ही हमारे दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर होंगे, वे ईरान को भी अब्राहम समझौते का हिस्सा बनाने को सम्मान की बात मानेंगे. यह वास्तव में बहुत ख़ास होगा."
संबंधित ख़बर: क्या पाकिस्तान, सऊदी अरब और क़तर इसराइल को मान्यता देंगे? ट्रंप की अपील पर चर्चा
इमेज स्रोत, X/Cockroachisback
लीगल मामलों को रिपोर्ट करने वालीं वेबसाइट 'लाइव लॉ' और 'बार एंड बेंच' के मुताबिक़, 'कॉकरोच जनता पार्टी' के संस्थापक अभिजीत दीपके ने पार्टी के एक्स अकाउंट को ब्लॉक किए जाने के ख़िलाफ़ दिल्ली हाई कोर्ट का रुख़ किया है.
'कॉकरोच जनता पार्टी' एक व्यंग्यात्मक सोशल मीडिया अभियान है, जो सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की एक मौखिक टिप्पणी के बाद शुरू हुआ था.
सुनवाई के दौरान सीजेआई ने ऑनलाइन एक्टिविज़्म की आड़ में व्यवस्था पर हमला करने वाले बेरोज़गार युवाओं की तुलना 'कॉकरोच' से की थी. बाद में सीजेआई ने स्पष्ट किया था कि उनका इशारा फ़र्ज़ी डिग्री रखने वाले लोगों की तरफ़ था.
'कॉकरोच जनता पार्टी' के एक्स अकाउंट को निलंबित कर दिया गया था. इसके बाद एक दूसरे अकाउंट से पार्टी ने एक्स पर फिर एंट्री की.
'कॉकरोच जनता पार्टी' को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को टिप्पणी भी की.
मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने एक याचिकाकर्ता से कहा कि वह 'कॉकरोच जनता पार्टी' के मुद्दे को लेकर इतना भावुक न हों. यह टिप्पणी उस समय आई जब एक वकील ने इससे जुड़ी याचिका पर तत्काल सुनवाई करने की मांग की.
इमेज स्रोत, Kevin Dietsch/Getty Images
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान के साथ चल रही बातचीत और संभावित समझौते पर बयान दिया है.
उन्होंने कहा है कि ईरान के साथ समझौता "या तो बहुत बड़ा और सार्थक होगा या फिर कोई समझौता नहीं होगा."
ट्रंप ने ईरान से संभावित समझौते पर हो रही आलोचना का भी जवाब दिया है. उन्होंने डेमोक्रेट्स और रिपब्लिकन आलोचकों को 'मूर्ख' बताते हुए कहा कि "ईरान के साथ संभावित समझौते के बारे में वे कुछ नहीं जानते."
पिछले कुछ दिनों में अमेरिकी कांग्रेस के कई डेमोक्रेट और रिपब्लिकन सदस्यों ने ट्रंप प्रशासन और ईरान के बीच संभावित समझौते को लेकर गंभीर चिंता जताई है.
इनमें रिपब्लिकन सीनेटर थॉम टिलिस, बिल कैसिडी और कांग्रेसमैन थॉमस मैसी भी शामिल हैं, जिनका ज़िक्र ट्रंप ने अपनी पोस्ट में किया है.
ट्रंप ने थॉम टिलिस को नाकाम बताया और कहा कि वह जल्द ही पद से हट जाएंगे. वहीं बिल कैसिडी के बारे में कहा कि उन्हें हाल ही में प्राइमरी चुनाव में बड़ी हार मिली.
इसके अलावा उन्होंने थॉमस मैसी को 'बहुत ही ख़राब' बताया. ट्रंप ने कहा कि मैसी ने अपनी पार्टी और देश के प्रति भारी ग़ैर-वफ़ादारी दिखाई थी.
इमेज स्रोत, ANI
समाचार एजेंसी पीटीआई और एएनआई के मुताबिक़, दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को कांग्रेस नेता अल्का लांबा को 2024 में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों पर हमले से जुड़े मामले में दोषी ठहराया है.
एएनआई के मुताबिक़, यह मामला 2024 में जंतर-मंतर पर महिलाओं के लिए आरक्षण की मांग को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन के संबंध में दर्ज की गई एफ़आईआर से संबंधित है.
पीटीआई के मुताबिक़, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अश्विनी पवार ने लांबा को दोषी करार दिया और सज़ा पर दलीलें सुनने के लिए 5 जून की तारीख़ तय की.
'बार एंड बेंच' के मुताबिक़, राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने अल्का लांबा को भारतीय न्याय संहिता की धारा 132 (सरकारी कर्मचारी को सरकारी ड्यूटी निभाने से रोकने के लिए हमला या आपराधिक बल का इस्तेमाल), 221 (सरकारी कर्मचारी के काम में जानबूझकर बाधा डालना), 223 (ए) (सरकारी कर्मचारी की ओर से जारी वैध आदेश की अवहेलना) और 285 (सार्वजनिक रास्ते में किसी व्यक्ति के लिए ख़तरा, बाधा या चोट पहुंचाना) के तहत दोषी ठहराया.
अदालत ने कहा, "दस्तावेज़ी साक्ष्यों, गवाहों के बयान और रिकॉर्ड में मौजूद अन्य सामग्री के आधार पर इस अदालत को यह कहने में कोई संकोच नहीं है कि अभियुक्त उन सभी चार अपराधों में दोषी है जिनके तहत उस पर आरोप लगाए गए हैं. उपरोक्त चर्चा को देखते हुए अभियुक्त अल्का लांबा को बीएनएस की धारा 132/221/223(ए)/285 के तहत दंडनीय अपराधों में दोषी ठहराया जाता है."
इमेज स्रोत, Hamed Malekpour – ICANA News Agency via Getty Images
ईरान के मोहम्मद बग़र ग़ालिबाफ़ के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल क़तर पहुंचा है. ग़ालिबाफ़ के साथ विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची भी हैं.
बीबीसी फ़ारसी सेवा के मुताबिक़, यह अचानक हुआ एक दौरा है.
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी के अनुसार, "यह यात्रा उस राजनयिक प्रक्रिया को जारी रखने के लिए है जो हाल के हफ़्तों में पाकिस्तान की मध्यस्थता से युद्ध को समाप्त करने के लिए शुरू हुई और जारी है."
इससे पहले रॉयटर्स और फ़्रांस 24 ने एक अधिकारी के हवाले से इस यात्रा के बारे में रिपोर्ट किया था.
ईरानी मीडिया ने बताया कि ईरान के केंद्रीय बैंक के गवर्नर अब्दुल नासिर हिम्मती ने "आर्थिक आयोग की बातचीत के तहत और फ़्रीज़ की गईं संपत्तियों की रिहाई की समीक्षा करने" के लिए क़तर की यात्रा की थी.
क़तर के एक प्रतिनिधिमंडल ने भी पिछले हफ़्ते ईरान की यात्रा की थी.
अमेरिका के साथ बातचीत में ईरान की मांगों में से एक उसकी फ़्रीज़ की गईं वित्तीय संपत्तियों की रिहाई है.
इमेज स्रोत, X/@rashtrapatibhvn
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सोमवार को दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र को मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित किया. कला के क्षेत्र में योगदान के लिए उन्हें यह सम्मान दिया गया.
दिवंगत अभिनेता की ओर से यह सम्मान उनकी पत्नी हेमा मालिनी ने लिया. इस साल जनवरी में धर्मेंद्र समेत पांच हस्तियों को पद्म विभूषण देने की घोषणा हुई थी.
इनके अलावा 13 लोगों को पद्म भूषण पुरस्कार और 113 लोगों को पद्म श्री पुरस्कार देने का एलान हुआ था.
सोमवार को हुए समारोह में इन हस्तियों को नागरिक सम्मानों से सम्मानित किया गया. इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत कई नेता मौजूद रहे.
इमेज स्रोत, PID
चीन की सरकारी मीडिया के मुताबिक़, पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने सोमवार को राजधानी बीजिंग में मुलाक़ात की है.
बीबीसी उर्दू के मुताबिक़, इससे पहले शहबाज़ शरीफ़ ने चीन के प्रधानमंत्री से भी मुलाक़ात की थी.
पाकिस्तान की ओर से जारी एक वीडियो में शहबाज़ शरीफ़ चीनी नेताओं से बात करते दिखते हैं.
इसमें वह कहते हैं, "खाड़ी संकट के कारण दुनिया एक नाज़ुक दौर से गुज़र रही है और पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता करने के लिए ईमानदारी से काम किया है."
उन्होंने कहा कि आसिम मुनीर ने पाकिस्तानी उप-प्रधानमंत्री इसहाक़ डार के साथ मिलकर ईरानी, अमेरिकी और खाड़ी देशों के नेतृत्व के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा और महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
शहबाज़ शरीफ़ ने कहा कि खाड़ी संकट को ख़त्म करने के लिए सही दिशा में प्रगति हो रही है. उन्होंने शांति प्रयासों और युद्धविराम पहल का समर्थन करने के लिए चीनी नेतृत्व का धन्यवाद भी किया.
इमेज स्रोत, Punit PARANJPE / AFP via Getty Images
भारतीय शेयर बाज़ार सोमवार को पिछले दो हफ़्तों में अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है. अमेरिका-ईरान शांति वार्ता में प्रगति के संकेत मिलने के बाद यह तेज़ी आई है.
शांति वार्ता में प्रगति के संकेतों की वजह से कच्चे तेल की क़ीमतों में गिरावट आई है और जोखिम वाले निवेशों में दिलचस्पी बढ़ी है.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़, ब्रेंट क्रूड फ़्यूचर्स की क़ीमत 5.5 फ़ीसदी गिरकर 97.8 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई है, जो कि पिछले दो हफ़्तों में सबसे कम है.
सोमवार को निफ़्टी-50, 1.32 फ़ीसदी (312.40 पॉइंट्स) बढ़कर 24,031.70 पर पहुंच गया, जबकि बीएसई सेंसेक्स 1.42 फ़ीसदी (1073.61 पॉइंट्स) चढ़कर 76,488.96 पर बंद हुआ. 8 मई 2026 के बाद ये दोनों सूचकांक अपने सबसे ऊंचे स्तर पर बंद हुए हैं.
हालांकि विश्लेषकों ने कहा कि अमेरिका और ईरान के अधिकारियों ने किसी तत्काल समझौते की संभावना को कम करके बताया, जिससे बाज़ार में बढ़त सीमित रही.
इमेज स्रोत, BSEINDIA
इमेज स्रोत, ANI
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग में एक रिसॉर्ट में सोमवार को केबल कार सेवा में तकनीकी ख़राबी आने के बाद सैकड़ों पर्यटक फंस गए. इन पर्यटकों को सुरक्षित निकालने के लिए बचाव अभियान चलाया जा रहा है.
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के कार्यालय ने एक बयान जारी कर बताया कि सरकार स्थिति पर क़रीबी नज़र बनाए हुए है.
बयान में कहा गया, "सभी केबिन सुरक्षित हैं और फंसे हुए पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए ज़मीन पर मौजूद प्रशिक्षित टीमें राहत और बचाव अभियान चला रही हैं."
मुख्यमंत्री कार्यालय ने कहा, "स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और घबराने की कोई वजह नहीं है."
पीटीआई के मुताबिक़, केबल कार सेवा की सबसे बड़ी केबल में तकनीकी ख़राबी आई है.
इमेज स्रोत, ANI
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने नीट पेपर लीक मामले के बाद सीबीएसई (केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड) बोर्ड परीक्षा को लेकर केंद्र सरकार को घेरा है.
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर भी निशाना साधा है.
राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा, "दशकों में पहली बार सीबीएसई बोर्ड परीक्षा पर इतने गंभीर सवाल उठे हैं. 18.5 लाख बच्चों ने परीक्षा दी और एक हफ़्ते से ओएसएम, ग़लत मार्किंग और जाँच की गड़बड़ी की शिकायतें अनसुनी पड़ी हैं."
सीबीएसई ने इस बार पहली बार उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए ऑन स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) प्रणाली लागू की. इसके तहत लगभग 98.67 लाख कॉपियों को स्कैन कर डिज़िटल रूप से जांचा गया.
बोर्ड का दावा है कि इससे मूल्यांकन प्रक्रिया तेज़, पारदर्शी और त्रुटिरहित हुई, और इसी वजह से परिणाम भी कम समय में घोषित किए जा सके.
हालांकि, परिणाम आने के बाद कई छात्र, शिक्षक और स्कूल प्रबंधन ओएसएम प्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं. छात्रों का आरोप है कि डिज़िटल मूल्यांकन में उनके विस्तृत उत्तरों का सही आकलन नहीं हुआ.
इसके अलावा कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक 17 साल के स्टूडेंट को ट्रोल करने का आरोप भी लगाया.
उन्होंने लिखा, "एक 17 साल का बच्चा, जिसकी कॉपी ग़लत जाँची गई, न्याय की उम्मीद में सोशल मीडिया पर आया. मगर उसे मदद नहीं, गालियाँ मिलीं."
संबंधित ख़बर: सीबीएसई रिज़ल्टः इस बार इतना क्यों गिरा परीक्षा पास करने वाले छात्रों का प्रतिशत
इमेज स्रोत, Fatemeh Bahrami/Anadolu via Getty Images
बीबीसी फ़ारसी सेवा के मुताबिक़, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बग़ाई ने पुष्टि की है कि अमेरिका से समझौते पर कुछ मुद्दों पर सहमति बन गई है.
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि इसका मतलब यह नहीं है कि किसी समझौते पर जल्द हस्ताक्षर होने वाले हैं.
इससे पहले रविवार को ईरानी सरकारी मीडिया की रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि दोनों देशों के बीच सिर्फ़ 'एक या दो' मुद्दों पर मतभेद बने हुए हैं.
इस्माइल बग़ाई ने समझौते पर देरी का कारण अमेरिकी अधिकारियों के विरोधाभासी रुख़ और बातचीत के बीच हमला करने के अमेरिकी इतिहास को बताया.
इससे पहले अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि ईरान और अमेरिका आज (सोमवार) युद्ध ख़त्म करने के लिए एक समझौते पर पहुंच सकते हैं.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी रविवार को कहा था कि समझौता होने ही वाला है, लेकिन बाद में उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि उन्हें समझौते पर पहुंचने की कोई जल्दी नहीं है.
इमेज स्रोत, Iranian Parliament Speaker Office/ Handout/Anadolu via Getty Images
पाकिस्तान के फ़ील्ड मार्शल आसिम मुनीर चीन दौरे पर गए हैं. इससे पहले वो ईरान के दौरे पर थे, जहां उन्होंने युद्ध ख़त्म करने की दिशा में बातचीत आगे बढ़ाई.
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने पहले से ही 23 मई से लेकर 26 मई तक चीन दौरे पर हैं.
बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक़, शहबाज़ शरीफ़ चीन में राष्ट्रपति शी जिनपिंग समेत कई नेताओं से मुलाक़ात कर रहे हैं. इन बैठकों में ईरान-अमेरिका युद्ध एक अहम मुद्दा है.
चीन ने कहा है कि वह पाकिस्तान के साथ मिलकर "मध्य पूर्व में जल्द से जल्द शांति और स्थिरता लाने में सकारात्मक योगदान देगा."
गौरतलब है कि चीन से पहले फ़ील्ड मार्शल आसिम मुनीर शुक्रवार और शनिवार को पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नक़वी के साथ तेहरान में थे, जहां उन्होंने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची से मुलाक़ात की.
आसिम मुनीर के ईरान दौरे के बाद पीएम शहबाज़ शरीफ़ ने उम्मीद जताई थी कि वो जल्द ही अमेरिका-ईरान के बीच अगली बैठक की मेज़बानी करेंगे.
नमस्कार!
अब तक बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे. अब से रात 10 बजे तक बीबीसी संवाददाता सुमंत सिंह आप तक अहम ख़बरें पहुंचाएंगे.
बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के पन्ने पर लगी कुछ अहम ख़बरें पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें.
– 'कॉकरोच जनता पार्टी' पर मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने ये कहा
– त्विषा शर्मा केस: सुप्रीम कोर्ट ने की सुनवाई, गवाहों और अभियुक्तों को लेकर क्या कहा
– फाल्टा सीट पर बीजेपी की भारी जीत के टीएमसी के लिए क्या मायने हैं?
– ईरान से समझौते पर किन बातों को लेकर बंटे राष्ट्रपति ट्रंप की पार्टी के सांसद
इमेज स्रोत, Facebook/samantaraydebashish
ओडिशा से राज्यसभा के सदस्य देबाशीष सामंतराय ने बीजू जनता दल (बीजेडी) से इस्तीफ़ा दे दिया है.
उन्होंने उप राष्ट्रपति और राज्यसभा सभापति सी पी राधाकृष्णन से मिलकर राज्यसभा से भी इस्तीफ़ा दे दिया है. इसके साथ हीं राज्यसभा में बीजेडी सदस्यों की संख्या घटकर अब पाँच रह गई है.
पूर्व सीएम नवीन पटनायक को भेजे गए अपने इस्तीफ़े में सामंतराय ने लिखा, "पिछले एक वर्ष से दल में मेरी लगातार अनदेखी हो रही है और मुझे लगता है कि पार्टी को अब मेरी कोई ज़रूरत नहीं रही."
देबाशीष सामंतराय के भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है.
इस्तीफ़ा देने के बाद बीजेपी में शामिल होने के सवाल पर उन्होंने कहा, "मैं इस दिशा में सोच रहा हूं और बीजेपी नेतृत्व के साथ इस बारे में बातचीत हो रही है. एक राष्ट्रीय दल में काम करने का पर्याप्त मौक़ा मिलेगा. वैसे भी बीजेडी में अब मेरा कोई भविष्य नहीं रहा."
गौरतलब है कि सामंतराय से पहले राज्यसभा सदस्य ममता महंत और सुजीत कुमार ने भी बीजेडी छोड़ दी थी. इसके बाद वो बीजेपी से राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए थे.
इमेज स्रोत, Julia Demaree Nikhinson / POOL / AFP via Getty Images
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि अमेरिका और ईरान आज (सोमवार) युद्ध ख़त्म करने के लिए एक समझौते पर पहुंच सकते हैं.
मार्को रुबियो ने दिल्ली में पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "हम अभी भी इस पर काम कर रहे हैं. जैसा मैंने पहले कहा था, हमें लगा था कि शायद कल रात कोई ख़बर आएगी, लेकिन अब शायद आज आए."
पत्रकारों के सवाल पर मार्को रुबियो ने कहा, "हमारे पास एक मज़बूत प्रस्ताव है जिसमें होर्मुज़ स्ट्रेट खुलने और तय समय में परमाणु मुद्दों पर बातचीत शुरू करने जैसी बातें शामिल हैं."
उन्होंने कहा, "इस प्रस्ताव को खाड़ी देशों में और दुनिया भर में बहुत समर्थन मिला है. हर देश ने इसे न सिर्फ़ सही बल्कि दुनिया के लिए ज़रूरी क़दम माना."
उल्लेखनीय है कि इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि उन्होंने ईरान के मुद्दे पर बातचीत करने वाले अपने प्रतिनिधियों को निर्देश दिया है कि जल्दबाज़ी में समझौता ना करें.
इमेज स्रोत, Nasir Kachroo/NurPhoto via Getty Images
सुप्रीम कोर्ट ने नीट पेपर लीक मामले में दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए दुख जताया कि परीक्षा को पेपर लीक की वजह से रद्द करना पड़ा.
बार एंड बेंच के मुताबिक़, जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ ने निराशा जताई कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने पिछली घटनाओं से कोई सबक नहीं लिया. कोर्ट ने साल 2024 में भी पेपर लीक के आरोपों पर दिशा-निर्देश दिए थे.
लाइव लॉ के मुताबिक़, डॉक्टरों और मेडिकल छात्रों की ओर से दायर याचिकाओं पर कोर्ट ने नोटिस जारी किया, जिसमें एनटीए को रिप्लेस करने की मांग की गई थी.
कोर्ट ने एनटीए से यह भी कहा कि वह हाई-पावर्ड कमेटी की सिफ़ारिशों पर उठाए गए क़दमों की स्टेटस रिपोर्ट पेश करे. यह कमेटी कोर्ट के 2024 के आदेश के बाद बनाई गई थी, ताकि नीट व्यवस्था को मज़बूत करने के सुझाव मिल सकें.
कोर्ट ने कहा, "हम एनटीए को निर्देश देते हैं कि वह हलफ़नामा दाख़िल करे, जिसमें 14 नवंबर 2024 को बनी मॉनिटरिंग कमेटी की स्थिति बताई जाए."
"हम पूर्व चेयरमैन डॉ. के. राधाकृष्णन को भी निर्देश देते हैं कि वह हलफ़नामा दाख़िल करें, कि हाई-पावर्ड कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार कौन-कौन से कदम उठाए गए. यह हलफ़नामा 3 दिन के भीतर दाख़िल किया जाए."
दरअसल, हाई-पावर्ड कमेटी केंद्र सरकार ने 2024 के नीट यूजी पेपर लीक के बाद बनाई थी. इसकी अध्यक्षता पूर्व इसरो चेयरमैन डॉ के राधाकृष्णन ने की थी.
गौरतलब है कि इस बार सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं तब दायर की गईं, जब केंद्र सरकार और एनटीए ने 3 मई को हुई नीट परीक्षा को रद्द कर दिया था.
इमेज स्रोत, Abhishek Chinnappa/Getty Images
पेट्रोल-डीज़ल के दामों में बढ़ोतरी के बाद राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने पहले आर्थिक तूफ़ान की बात कही थी, लेकिन तब 'पीएम नरेंद्र मोदी चुनाव में व्यस्त' थे.
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "महंगाई मानव मोदी का फिर से हमला. पेट्रोल-डीज़ल के दाम किश्तों में बढ़ाते हैं – ताकि चुपके-चुपके आपकी जेब कटती रहे."
उन्होंने लिखा, "मैं महीनों से आर्थिक तूफ़ान आने की बात कह रहा था. पर मोदी जी तब हमेशा की तरह चुनाव में व्यस्त थे. चुनाव ख़त्म होते ही पेट्रोल-डीज़ल 8 रुपये महंगा कर दिया."
राहुल गांधी ने कहा कि आगे भी क़ीमतें बढ़ती जाएंगी. उन्होंने लिखा, "ये बढ़त होती ही जाएगी. महंगाई मानव मोदी का एक ही काम है- चुनाव में वादे और बाक़ी समय जनता की जेब पर वार."
गौरतलब है कि सोमवार को सरकार ने पेट्रोल की क़ीमतों में प्रति लीटर 2 रुपये 61 पैसे और डीज़ल की क़ीमतों में भी 2 रुपये 71 पैसे की बढ़ोतरी की है.
इमेज स्रोत, David Talukdar/NurPhoto via Getty Images)
असम सरकार ने सोमवार को यूनिफ़ॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) पर एक बिल विधानसभा में पेश किया, जिसमें बहुविवाह (एक से ज़्यादा शादी) पर रोक लगाने और लिव-इन रिश्तों का अनिवार्य रजिस्ट्रेशन करने की बात कही गई है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, संसदीय कार्य मंत्री अतुल बोरा ने ‘यूनिफ़ॉर्म सिविल कोड, असम, 2026 बिल’ विधानसभा में रखा.
कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने इस क़दम का विरोध करते हुए कहा कि इसे लागू करने से पहले सभी पक्षों से चर्चा होनी चाहिए.
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा, “पहली बार बिल में लिव-इन रिश्तों को क़ानूनी रूप दिया जा रहा है. अनिवार्य रजिस्ट्रेशन से पार्टनर्स और ऐसे रिश्तों से पैदा हुए बच्चों के अधिकारों को मान्यता मिलेगी.”
हालांकि, बिल में कहा गया है कि यह असम में रहने वाले किसी भी अनुसूचित जनजाति पर लागू नहीं होगा.
गुजरात विधानसभा में पास हुआ था यूसीसी बिल
गुजरात विधानसभा ने 24 मार्च को यूसीसी बिल पास किया था, जिसमें कहा गया है कि शादी, तलाक़, उत्तराधिकार और लिव-इन रिश्तों से जुड़ा एक ही कानून होगा. यानी अलग-अलग धर्मों के अलग-अलग क़ानून नहीं होंगे.
बिल में कहा गया है कि अगर शादी ज़बरदस्ती, दबाव या धोखे से कराई जाती है तो 7 साल तक जेल की सज़ा होगी. इसमें बहुविवाह पर रोक और लिव-इन का रजिस्ट्रेशन ज़रूरी किया गया है.
इमेज स्रोत, AFI
रांची में आयोजित 29वीं नेशनल सीनियर एथलेटिक्स फ़ेडरेशन प्रतियोगिता के चौथे दिन पुरुष पोल वॉल्ट स्पर्धा में दो एथलीटों ने नया रिकॉर्ड कायम किया है.
मध्य प्रदेश के पोल वॉल्ट खिलाड़ी देव कुमार मीणा और कुलदीप कुमार ने रविवार को नेशनल रिकॉर्ड बनाया. दोनों ने 5.45 मीटर के जंप के साथ नया रिकॉर्ड बनाया है.
बिरसा मुंडा स्टेडियम में देव मीणा ने 5.42 मीटर की छलांग लगाकर पहले कुलदीप कुमार का 5.41 मीटर वाला रिकॉर्ड तोड़ा, जो उन्होंने इसी महीने भुवनेश्वर में बनाया था.
इसके बाद कुलदीप ने 5.45 मीटर की छलांग लगाकर रिकॉर्ड को अपने नाम किया. इसके कुछ ही देर बाद 20 वर्षीय देव ने भी इतनी ही ऊंची छलांग लगाई और दोनों एथलीटों ने एक 'नया संयुक्त राष्ट्रीय रिकॉर्ड' दर्ज कर दिया.
काउंटडाउन नियम के आधार पर देव कुमार मीणा को गोल्ड मिला, जबकि कुलदीप कुमार को सिल्वर मेडल मिला.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित
© 2026 BBC. बाहरी साइटों की सामग्री के लिए बीबीसी ज़िम्मेदार नहीं है. बाहरी साइटों का लिंक देने की हमारी नीति के बारे में पढ़ें.