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याकूब मेनसिक ने फ्रेंच ओपन 2026 में जीत तो हासिल कर ली, लेकिन मैच खत्म होने के बाद जो दृश्य कोर्ट पर देखने को मिला, उसने खिलाड़ियों से लेकर दर्शकों तक सभी को चिंता में डाल दिया. लगभग पांच घंटे तक चले मुकाबले के बाद 20 साल का यह युवा टेनिस स्टार कोर्ट पर ही गिर पड़ा और दर्द से तड़पता नजर आया.
पेरिस की झुलसा देने वाली गर्मी, 33 डिग्री तापमान और बिना किसी छांव के खेला गया यह मुकाबला किसी परीक्षा से कम नहीं था. कोर्ट-6 पर खेले गए इस मुकाबले में मेनसिक ने मारियानो नावोन को 6-3, 2-6, 6-4, 1-6, 7-6 (11) से हराया. मुकाबला 4 घंटे 41 मिनट तक चला और आखिरी पल तक दोनों खिलाड़ियों के बीच जबरदस्त संघर्ष देखने को मिला.
Jakub Mensik, 4 saat 41 dakika süren maçtan galip geliyor, fakat yerden kalkamıyor. 🤯#RolandGarros pic.twitter.com/UzmU28jWrK
पांचवें सेट का टाईब्रेकर शुरू होते-होते मेनसिक का शरीर जवाब देने लगा था. तेज गर्मी और लंबे मुकाबले की वजह से उनके पैरों में बुरी तरह क्रैम्प्स आने लगे. वह मुश्किल से चल पा रहे थे, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी. दर्द में कराहते हुए भी वह हर पॉइंट के लिए लड़ते रहे.
टाईब्रेकर में स्कोर 13-11 पहुंचा और जैसे ही मेनसिक ने फोरहैंड विनर लगाकर मैच खत्म किया, वह तुरंत क्ले कोर्ट पर गिर पड़े. जीत का जश्न मनाने की ताकत भी उनके अंदर नहीं बची थी. वह पीठ के बल लेट गए, दोनों हाथों से चेहरा ढक लिया और कुछ देर तक बिल्कुल नहीं उठ पाए.
विपक्षी खिलाड़ी ने बढ़ाया हौसला
कुछ सेकेंड बाद याकूब मेनसिक दर्द से अपना पैर पकड़ लिया और मदद का इशारा करने लगे. स्टेडियम में मौजूद दर्शक पूरी तरह खामोश हो गए. हारने के बावजूद मारियानो नावोन ने शानदार खेल भावना दिखाई. वह तुरंत नेट पार करके मेनसिक के पास पहुंचे और उनकी हालत का हाल जाना.
अंपायर भी तेजी से नीचे उतरे और फिजियो को बुलाया गया. करीब एक मिनट तक मेनसिक कोर्ट पर ही पड़े रहे, जिसके बाद मेडिकल टीम पहुंची. उन्हें बर्फ दी गई और धूप से बचाने के लिए छाता लगाया गया. करीब 10 मिनट तक उनका इलाज चलता रहा. हालांकि हालत खराब होने के बावजूद मेनसिक ने व्हीलचेयर लेने से मना कर दिया. वह धीरे-धीरे खुद चलकर कोर्ट से बाहर गए, लेकिन उनकी चाल साफ बता रही थी कि शरीर पूरी तरह टूट चुका है.
अब सबसे बड़ी चिंता यह है कि क्या मेनसिक तीसरे दौर में खेलने के लिए फिट हो पाएंगे. अगले मुकाबले में उनका सामना दुनिया के नंबर-8 खिलाड़ी एलेक्स डी मिनौर से होना है. दरअसल, इस साल फ्रेंच ओपन में खिलाड़ियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती सिर्फ विरोधी खिलाड़ी नहीं, बल्कि पेरिस की खतरनाक गर्मी भी बन गई है. हीटवेव की वजह से कई खिलाड़ी शारीरिक परेशानियों से जूझ रहे हैं.
पूर्व फाइनलिस्ट कैस्पर रूड ने भी खुलासा किया कि उन्हें पहले दौर के मैच में हीटस्ट्रोक जैसा महसूस हुआ था. रूड ने कहा कि चौथे सेट में उन्हें चक्कर आने लगे थे और वह खुद को ‘जॉम्बी की तरह’ महसूस कर रहे थे.
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