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रोजगार और बेहतर भविष्य की उम्मीद लेकर करीब डेढ़ साल पहले रूस गए अमृतसर के गांव गग्गोमाहल निवासी लवप्रीत सिंह के परिवार पर इन दिनों चिंता के बादल छाए हुए हैं. पिछले एक महीने से लवप्रीत का अपने घरवालों से कोई संपर्क नहीं हुआ है. बेटे की एक आवाज सुनने के लिए परिवार हर दिन इंतजार कर रहा है, लेकिन लगातार बीतते दिनों के साथ उनकी चिंता और बढ़ती जा रही है.
परिवार के सदस्यों के मुताबिक, लवप्रीत के साथ रहने वाले कुछ लोगों ने उन्हें जानकारी दी कि लवप्रीत और दो अन्य पंजाबी युवकों को रूसी सेना ने हिरासत में ले लिया है. इस सूचना के सामने आने के बाद परिवार की धड़कनें तेज हो गई हैं. उन्हें डर सता रहा है कि कहीं उनका बेटा रूस-यूक्रेन युद्ध के माहौल में किसी बड़ी परेशानी में तो नहीं फंस गया.
एक महीने से नहीं आया बेटे का फोन
घर का माहौल पूरी तरह गमगीन है. मां सुखदीप कौर अपने बेटे की सलामती के लिए लगातार दुआ कर रही हैं. उनका कहना है कि एक महीने से बेटे की कोई खबर नहीं मिली है. हर दिन फोन की घंटी बजने का इंतजार रहता है, लेकिन अब तक कोई संपर्क नहीं हो पाया है. परिवार का कहना है कि बेटे से बात करवाने का भरोसा देकर कुछ लोगों ने उनसे करीब एक लाख रुपये भी ले लिए. इसके बावजूद न तो लवप्रीत से बात हो सकी और न ही पैसे लेने वाले लोगों से दोबारा संपर्क हो पाया. परिवार का आरोप है कि उन लोगों ने अपने फोन भी बंद कर लिए हैं.
लवप्रीत के पिता प्रकाश सिंह, भाई जसविंदर सिंह और भाई बिक्रमजीत सिंह ने भी चिंता जताते हुए कहा कि परिवार बेहद मुश्किल दौर से गुजर रहा है. उन्हें केवल अपने बेटे की सुरक्षा और उसकी वापसी की चिंता है. परिवार का कहना है कि उन्हें किसी तरह लवप्रीत की सही जानकारी मिल जाए और वह सुरक्षित अपने घर लौट आए.
विदेश मंत्रालय और सरकार से परिवार की भावुक अपील
परिवार ने पंजाब सरकार, भारत सरकार और विदेश मंत्रालय से भावुक अपील की है कि इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप किया जाए. उनका कहना है कि लवप्रीत का पता लगाकर उसे सुरक्षित उसके परिवार तक पहुंचाया जाए. गांव के लोग भी परिवार के साथ खड़े हैं और लवप्रीत सिंह की सुरक्षित वापसी के लिए लगातार प्रार्थना कर रहे हैं.
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