अमेरिका के साथ ट्रेड डील को लेकर चल रही बातचीत पर भारत में यूएस एंबेसडर सर्जियो गोर ने बताया है कि लगभग 99 प्रतिशत बात पक्की हो गई है, सिर्फ एक प्रतिशत बाकी है. उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों की लगभग सहमति बन चुकी है, बस कुछ ही मुद्दे बचे हैं, जिन पर बात होनी बाकी है. उन्होंने बताया कि बचे हुए 1 प्रतिशत काम के लिए वह कल वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात करेंगे.
एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार सर्जियो गोर ने बताया कि सिर्फ एक प्रतिशत मुद्दों पर ही सहमति बनना बाकी रह गया. हालांकि, उन्होंने यह बताने से साफ इनकार कर दिया है कि किन चीजों पर सहमति बनना बाकी है. सर्जियो गोर ने कहा कि वह सार्वजनिक तौर पर इन मुद्दों को लेकर बात नहीं करना चाहते हैं.
’99 प्रतिशत मुद्दों पर भारत के साथ बनी सहमति’, बोले सर्जियो गोर
सर्जियो गोर ने कहा, ‘मैं सार्वजिनक रूप से इन चीजों को लेकर बात नहीं करना चाहता हूं, लेकिन एक परसेंट ही ऐसी चीजें बची हैं. यह अविश्वसनीय है कि 99 प्रतिशत चीजों पर रजामंदी हो चुकी है और जब आप लक्ष्य के एकमद करीब हो तो एक परसेंट चीजें अटकी हुई हैं.’
सर्जियो गोर ने कहा कि लाभकारी परिणाम तक पहुंचने के लिए व्यापार वार्ता में दोनों पक्षों को समझौता करना पड़ता है. उन्होंने कहा, ‘देखो, ऐसी बातचीत में, हर पक्ष को कुछ देना ही पड़ता है ना? तभी तो यह दोनों पक्षों के लिए लाभकारी स्थिति मानी जाती है.’
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‘जल्दी ही ट्रेड डील पर बनेगी बात’, सर्जियो गोर ने कहा
सर्जियो गोर ने कहा कि भले ही कुछ दिक्कते हैं, लेकिन यह समझौता जल्दी ही हो जाएगा. सर्जियो गोर ने कहा कि वह वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात करेंगे और जो एक परसेंट रजामंदी होना बाकी है, उस पर बात करके इसे सुलझाएंगे. उन्होंने बताया कि जो एक प्रतिशत काम होना बाकी है, वो नीतिगत मतभेदों से नहीं, टेक्नीकल और कानूनी विवरणों से जुड़ा है.
सर्जियो गोर ने इस दौरान ट्रेड डील पर अमेरिका के साथ बात कर रही भारतीय टीम की तारीफ की और कहा कि उन्होंने अपने देश के हितों की रक्षा के लिए प्रभावी भूमिका निभाई है. उन्होंने कहा, ‘मैं भारत की प्रशंसा करते हुए कहना चाहूंगा कि आपके पास अविश्वसनीय टीम है.’ सर्जियो गोर ने यह भी कहा कि कई मुद्दों पर भारत के कड़े रुख ने उसके पार्टनर्स के साथ ट्रेड टॉक को चुनौतीपूर्ण बना दिया है.
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उन्होंने कहा कि यही वजह है कि इस ट्रेड डील को होने में इतना समय लग गया क्योंकि कुछ चीजों को लेकर भारत के सख्त रुख की वजह से अमेरिका भारत की मार्केट में प्रवेश नहीं कर सका. उन्होंने कहा कि यही वजह है कि यूरोपीयन यूनियन को भारत के साथ डील करने में 19 साल लग गए. हालांकि, सर्जियो गोर ने भारत और अमेरिका की ट्रेड डील को लेकर काफी पॉजिटिव हैं.
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