मैथ्स और हिंदी साहित्य के प्रश्नों ने कंडिडेट्स को उलझाया – inextlive

प्रयागराज (ब्यूराे) उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नत बोर्ड की ओर से आयोजित आरक्षी नागरिक (पुलिस भर्ती) पुलिस और समकक्ष पदों की भर्ती परीक्षा सोमवार से शुरू हो गई। दो पालियों की परीक्षा में पहली पाली की परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों को सबसे ज्यादा दिक्कत मैथ्स और हिंदी साहित्य के प्रश्नों से हुई। अभ्यर्थियों का कहना है कि क्वैश्चन पेपर में यह दो सेक्शन सबसे अधिक समय खाने वाले थे। मैथ्स सेक्शन में पूछे गए सवालों की बात करें तो उसका स्तर दरोगा भर्ती परीक्षा के स्तर का था। ऐसे में ज्यादा समय उनको सॉल्व करने में लग गया। जिससे कई सवाल छूटने की स्थिति बन गई।

लंबे पेपर ने टाइम मैनेजमेंट को बिगाड़ा
एग्जाम सेंटर से परीक्षा देकर बाहर निकले अभ्यर्थियों ने बताया कि पेपर बहुत लंबा था। उसके हिसाब से समय कम था। यही कारण रहा कि टाइम मैनेजमेंट बिगड़ा गया। जबकि पहले से टाइम बनाकर प्रश्नपत्र सॉल्व करने पहुंचे थे, लेकिन ऐसा हो नहीं सका। जहां तक क्वैश्चन पेपर में करेंट अफेयर के प्रश्नों की बात करें तो वह काफी कम रहा। पेपर में पूछे गए कुछ प्रश्नों की बात करें तो पूछा गया कि प्रशासनिक और राजस्व उद्देश्यों के लिए यूपी के बलिया जिले में कितनी तहसीलें हैं। इसी प्रकार कंवर झील भारत के किस राज्य में स्थित है। संविधान और जीएसटी से जुड़े प्रश्नों को भी पूछा गया था। साथ ही अलग-अलग क्षेत्रों से संबंधित प्रश्न भी क्वेश्चन पेपर में पूछे गए थे।
अभ्यर्थियों की हुई गहन तलाशी
परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश के पहले अभ्यर्थियों की गहनता के साथ जांच की गई। इस दौरान उनके रक्षा सूत्र, गले में पहनी ताबीज, मालाएं, जूते आदि को उतरवाकर उसकी जांच की गई। इसके साथ ही किसी भी प्रकार का इलेक्ट्रानिक डिवाइस को भी अंदर नहीं जाने दिया गया। परीक्षा की सुरक्षा को देखते हुए जिले में 12 हजार पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया था। इसके अलावा एसटीएफ की टीमें भी परीक्षा की सुचिता बनाए रखने के कार्य में जुटी हुई थी। परीक्षा केंद्रों के अंदर और बहार भारी संख्या में सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। कंट्रोल रूम से भी सीसीटीवी कैमरों की मदद से लगातार निगरानी होती रही।
तीन घंटे पहले ही सेंटर्स पर पहुंचे अभ्यर्थी
परीक्षा केंद्रों पर दुसरी पाली की परीक्षा दोपहर तीन बजे से शुरू होनी थी, लेकिन अभ्यर्थी दूसरी पाली की परीक्षा के लिए 12 बजे के पहले ही सेंटर्स पर पहुंचने लगे। हालांकि तीन घंटे उन्हें परीक्षा केंद्र के बाहर ही सड़क पर कड़ी धूप में बिताना पड़ा। इस दौरान जल्दी आने का कारण पूछने पर अभ्यर्थियों ने बताया कि केंद्र खोजने में समय खराब हो सकता था। इसलिए समय से पहले ही केंद्र पर पहुंच गए। परीक्षा के लिए पहुंचे अभ्यर्थियों में सुल्तानपुर, कानपुर, मिर्जापुर, देवरिया, अमेठी और जौनपुर जिलों के अभ्यर्थी शामिल रहे।

– परीक्षा के प्रश्न ठीक थे। पेपर में मैथ्स को छोड़कर अन्य सभी सेक्शन मॉडरेट थे। अच्छे से तैयारी करने वाले अभ्यर्थी को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी।
अनुज कुमार यादव
– पेपर में जीएस के प्रश्न काफी कम थे। उम्मीद थी कि अधिक प्रश्न उससे पूछे जाएंगे। अगर पूरे पेपर की बात करें तो ठीक ही था। लेकिन पेपर बहुत लंबा था।
आकाश यादव
– मेरे हिसाब से पेपर ठीक था। पेपर का स्तर स्टैडर्ड था। मैथ्स के कुछ प्रश्न थोड़े उलझाने वाले थे। इसलिए उनको सॉल्व करने में थोड़ा समय लगा।
अतुल
– पेपर बहुत ही अच्छा आया था। मैथ्स के प्रश्नों का स्तर दरोगा भर्ती परीक्षा के समकक्ष था। साहित्यक हिंदी के प्रश्न थोड़े अधिक पूछे गए थे.जिससे समय अधिक लगा।
सत्यम
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