उत्तर प्रदेश में टोटी चोरी का मामला फिर से खड़ा हो गया है. यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 5 जून को एक कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का नाम लिए बिना उनपर तंज कसे थे. अब इस मामले को लेकर लाइव टीवी डिबेट में समाजवादी पार्टी और BJP प्रवक्ता आपस में भिड़ गए. सपा प्रवक्ता राजकुमार भाटी ने BJP प्रवक्ता प्रदीप भंडारी से सीधे तौर पर पूछ लिया कि टोंटी चोर कैसे बोला? लाइव डिबेट में एक समय दोनों नेताओं की बीच इतनी तीखी बहस होने लगी, कि एंकर को कुछ देर के लिए डिबेट को रोकना पड़ गया.
एक प्राइवेट न्यूज चैनल में सोमवार (8 जून) को प्रसारित हुए टीवी डिबेट में सपा प्रवक्ता राजकुमार भाटी ने BJP प्रवक्ता प्रेम शुक्ला आमने-सामने थे. योगी के टोंटी चोर वाले बयान पर बहस हो रही थी. इसी दौरान प्रदीप भंडारी ने आपत्तिजनक बातें कही. इसपर सपा प्रवक्ता भड़क गए. उन्होंने प्रदीप भंडारी की क्लास लगा दी. राजकुमार भाटी ने कहा कि एक पूर्व CM और नेता के खिलाफ टीवी पर इस तरह का शर्मनाक बयान देना BJP के क्लास को बताता है.
5 जून को CM योगी ने विश्व पर्यावरण दिवस पर नागरिकों से प्रकृति और जलस्रोतों को नुकसान पहुंचाने वाले भूमाफिया, वन माफिया, खनन माफिया व स्मगलरों के प्रति सजग रहने की अपील की है. इस दौरान उन्होंने बिना नाम लिए पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर कटाक्ष किया. योगी ने कहा, “हम नल लगवा रहे हैं और कोई टोंटी चोरी कर रहा है, कोई पानी बर्बाद कर रहा है, ऐसे लोगों को टोकें. जल संरक्षण को जीवन का हिस्सा बनाएं, कोशिश हो कि पानी व्यर्थ न हो.”
दरअसल, टोटी चोरी का मामला 2017 में सपा के यूपी की सत्ता से हटने के बाद सामने आया था. बतौर CM अखिलेश यादव को 4-विक्रमादित्य मार्ग पर आवास अलॉट था. सुप्रीम कोर्ट ने सभी पूर्व CM को आवास खाली करने का आदेश दिया था. ऐसे में अखिलेश यादव ने भी अपना आवास खाली कर दिया.
बंगला खाली होने के बाद यूपी सरकार के अधिकारियों ने आरोप लगाया कि बंगले में काफी नुकसान किया गया था. मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया कि वहां से कुछ सामान गायब था, जिनमें बाथरूम की टोंटियां यानी Faucets), बिजली के फिटिंग, टाइल्स, सजावटी सामान आदि शामिल थे. साथ ही स्विमिंग पूल और अन्य हिस्सों को नुकसान पहुंचाने के आरोप भी लगे. इसी आरोप के बाद राजनीतिक विरोधियों और सोशल मीडिया पर अखिलेश यादव को ‘टोंटी चोर’ कहकर निशाना बनाया जाने लगा.
अखिलेश यादव ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया. उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में हाथ में दो टोंटियां लेकर कहा कि अगर सरकार साबित कर दे कि उन्होंने टोंटियां निकाली हैं, तो वे उन्हें वापस देने को तैयार हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी छवि खराब करने के लिए यह विवाद खड़ा किया गया है. अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि बंगले में जो बदलाव हुए थे, उनमें से कई उन्होंने अपने खर्च पर कराए थे. नुकसान पहुंचाने के आरोप राजनीतिक साजिश का हिस्सा हैं.
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अंजलि कर्मकार 12 साल से जर्नलिज्म की फील्ड में एक्टिव हैं. उन्होंने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स में ग्रेजुएशन किया है. यहीं से मास कॉम में मास्टर्स की डिग्री ली … और पढ़ें
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