प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14-18 जून तक फ्रांस और स्लोवाकिया की यात्रा पर हैं. पीएम मोदी 16-17 जून को फ्रांस के एविएन शहर में G7 शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे. फ्रांस की अध्यक्षता में 52वें G7 शिखर सम्मेलन का आयोजन हो रहा है. भारत अब तक 13 बार G7 में हिस्सा ले चुका है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 7 वीं बार G7 शिखर सम्मेलन में शामिल हो रहे हैं. फ्रांस ने G7 में भारत को एक साझेदार देश के रूप में आमंत्रित किया है. G7 शिखर सम्मेलनों में भारत की लगातार भागीदारी वैश्विक शांति, सुरक्षा, विकास और पर्यावरणीय स्थिरता से जुड़ी चुनौतियों के समाधान में भारत की भूमिका और योगदान की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय मान्यता को दिखाती है.
G7 शिखर सम्मेलन के आउटरीच सत्र में प्रधानमंत्री मोदी अन्य आमंत्रित देशों के नेताओं के साथ अलग अलग चर्चाओं में भाग लेंगे. इन बैठकों का मुख्य फोकस अंतरराष्ट्रीय साझेदारी और विकासात्मक एकजुटता, साझा एवं संतुलित विकास को बढ़ावा देना और AI का प्रभावी उपयोग होगा. भारत G7 में लगातार ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताओं, चिंताओं और विकास संबंधी मुद्दों को प्रमुखता से उठाता रहा है और इस बार भी भारत ग्लोबल साउथ की एक सशक्त आवाज़ बनेगा.
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भारत को मिला था G7 में शामिल होने का न्योता
भारत को इस साल G7 की अन्य बैठकों में भी आमंत्रित किया गया था. भारत के विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर ने इसी साल पेरिस में आयोजित G7 के विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लिया था. फ्रांस के उच्च राजनयिक सूत्रों ने ABP न्यूज़ से बातचीत में बताया कि भारत को G7 में सबसे ज़्यादा प्राथमिकता दी गई है. भले ही एक पार्टनर देश के तौर पर भारत G7 में हिस्सा ले रहा हो, लेकिन G7 की सभी ट्रैक मीटिंग में भारत को आमंत्रित किया गया. यह दिखाता है कि भारत और फ्रांस के द्विपक्षीय संबंध कितने मजबूत हैं.
राष्ट्रपति ट्रंप से होगी पीएम मोदी की मुलाकात
G7 फ्रांस के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कई द्विपक्षीय मुलाकात भी संभावित है. सबसे ज़्यादा नज़र भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप की द्विपक्षीय मुलाक़ात पर टिकी हुई है. ऐसी संभावना जताई जा रही है कि G7 के साइडलाइन में मोदी-ट्रंप की द्विपक्षीय मुलाक़ात 17 जून को एविएन, फ्रांस में हो सकती है. अगर मोदी और ट्रंप मिलते हैं तो ऑपरेशन सिंदूर के बाद दोनों नेताओं के बीच यह पहली मुलाकात होगी. भारत और अमेरिका के द्विपक्षीय संबंधों पर दोनों नेता बातचीत करेंगे. इसके अलावा तमाम वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी दोनों नेताओं की बातचीत संभव हो सकती है.
पीएम मोदी का दौरा क्यों है खास?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई की अन्य द्विपक्षीय मुलाकात भी निर्धारित बताई जा रही है. इसके साथ ही कई अंतराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुख के साथ भी पीएम मोदी की मुलाकात होगी. पीएम मोदी का यह दौरा वैश्विक स्तर पर भारत की साख को और मजबूत करने वाला माना जा रहा है.
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