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कभी इजरायल के ‘सबसे बड़े दोस्त’ कहे जाने वाले डोनाल्ड ट्रंप अब बेंजामिन नेतन्याहू पर भड़के हुए हैं. G-7 समिट के मंच से ट्रंप ने इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू को ‘क्रेजी’ तक कह दिया और दावा किया कि ‘मेरे बिना इजरायल का अस्तित्व नहीं होता. बीबी को जिम्मेदार होना पड़ेगा.’ नेतन्याहू को अक्सर ‘बीबी’ कहकर बुलाया जाता है.
फ्रांस में G-7 समिट के दौरान ट्रंप ने कहा कि उन्होंने नेतन्याहू को बता दिया है कि लेबनान में हालिया हमलों से वो नाखुश हैं. ट्रंप के मुताबिक ये हमले वाशिंगटन-तेहरान के बीच ईरान युद्ध रोकने की डील को खतरे में डाल रहे हैं.
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के बिना इजरायल नहीं होता. मेरे बिना इजरायल नहीं होता क्योंकि मेरे अलावा कोई राष्ट्रपति वो नहीं करता जो मैंने किया. बीबी के साथ मेरा रिश्ता शानदार रहा है. अब बीबी को लेबनान को लेकर ज्यादा जिम्मेदार होना पड़ेगा.
Trump, earlier today:
If it weren’t for the United States of America, Israel would not exist right now.pic.twitter.com/ujhbqk0Dpl https://t.co/kcgbcyEutF
पिछले साल तक नेतन्याहू खुद ट्रंप को ‘व्हाइट हाउस में इजरायल का सबसे बड़ा दोस्त’ बता चुके हैं. दोनों ने मिलकर ईरान के खिलाफ संघर्ष शुरू किया था. पर अब ट्रंप ईरान से डील करने को बेताब हैं. डील शुक्रवार को जिनेवा में साइन होने वाली है.
नेतन्याहू पर नाराजगी की घरेलू राजनीति भी वजह है. अमेरिका में युद्ध को पसंद करने वाले कम हैं और गैसोलीन के दाम बढ़ गए हैं. ट्रंप पर दबाव है कि वो युद्ध खत्म करें.
मिडिल ईस्ट मामलों के पूर्व सलाहकार एरॉन डेविड मिलर के मुताबिक, अगर नेतन्याहू, ट्रंप के रास्ते में आए तो ट्रंप अपने सारे दबाव का इस्तेमाल करने को तैयार हैं. उन्होंने कहा कि अगर नेतन्याहू किसी ऐसी चीज के बीच आते हैं जिसे ट्रंप सच में चाहते हैं और वह है इस युद्ध से बाहर निकलना- तो वे अपने पास मौजूद ताकत का इस्तेमाल करने के लिए तैयार हैं.
अमेरिका में इजरायल को लेकर राय भी बंटी हुई है. अमेरिका में इजरायल के समर्थन पर हमेशा दोनों दलों की सहमति रही है, पर अब वो कमजोर पड़ रही है. डेनोक्रेट्स गाजा युद्ध में फिलिस्तीनियों के साथ इजरायल के व्यवहार से नाराज हैं. रिपब्लिकन भी सवाल उठा रहे हैं कि अमेरिका का समर्थन कितना जरूरी है. यहूदी डेमोक्रेटिक काउंसिल की हेली सोइफर ने ट्रंप की टिप्पणी को अत्यंत आपत्तिजनक कहा. उनका कहना है ट्रंप इजरायल के अस्तित्व को खुद से जोड़ रहे हैं.
रिपब्लिकन यहूदी गठबंधन के मैट ब्रूक्स ने इसे परिवार के सदस्यों में होने वाली मामूली असहमति बताया. उन्होंने कहा ट्रंप का इजरायल समर्थन का रिकॉर्ड मजबूत है. दूतावास तेल अवीव से यरूशलम ले जाना, गाजा से बंधकों की रिहाई. बाइडेन या कमला हैरिस की आलोचना दुश्मनी से आती थी, ट्रंप की नहीं.
गाजा में युद्ध के दौरान पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन और पूर्व उपराष्ट्रपति कमला हैरिस अक्सर नेतन्याहू से असहमत होते थे और कभी-कभी उन्होंने सार्वजनिक रूप से उनकी आलोचना भी की. लेकिन इजरायल-विरोधी होने के आरोपों से बचने के लिए वे ज्यादा सावधानी बरतते थे.
जायनिस्ट ऑर्गेनाइजेशन ऑफ अमेरिका के मोर्ट क्लेन ने कहा ट्रंप को ये बातें निजी तौर पर कहनी चाहिए थीं. उन्होंने कहा कि ट्रंप को ये टिप्पणियां निजी रखनी चाहिए थीं, खासकर तुर्की, उत्तर कोरिया और चीन के तानाशाह नेताओं की सालों से की जा रही सार्वजनिक तारीफ को देखते हुए. उन्हें चिंता है कि ट्रंप इजरायल विरोधियों को खुश करने के लिए सार्वजनिक हमला कर रहे हैं.
नेतन्याहू जब से सत्ता में हैं, तब से अमेरिका में चार राष्ट्रपति आ चुके हैं. सभी से कभी न कभी उनकी ठनी है. लेकिन किसी ने भी ट्रंप की तरह खुलकर यह बात नहीं कही, जिन्होंने नेतन्याहू के साथ मिलकर ही यह युद्ध शुरू किया था. अब सबकी नजर शुक्रवार की जिनेवा डील पर है. अगर नेतन्याहू अड़े रहे तो अमेरिका-इजरायल रिश्तों में बड़ी दरार पड़ सकती है.
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