मुख्य बातें
आज 17 जून को देश में एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। लेकिन, बड़ी खबर यह है कि भारत के करोड़ों किचन में एलपीजी की सप्लाई आगे ईरान जैसे युद्धों की वजह से बाधित न हो, इसके लिए पीएम नरेंद्र मोदी कनाडा के पीएम से मिले।
विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, भारत और कनाडा के रिश्तों में नई गर्मजोशी देखने को मिल रही है। फ्रांस के एवियन में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की मुलाकात की। बैठक के दौरान दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग की समीक्षा की गई।
विशेष रूप से एलएनजी (LNG), एलपीजी (LPG) और मेटलर्जिकल कोल से जुड़े बिजनेस डील पर चर्चा हुई। ऐसे समय में जब दुनिया ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंतित है, भारत और कनाडा के बीच यह सहयोग रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाला घरेलू गैस सिलेंडर ₹942 और 19 किलोग्राम वाला कमर्शियल सिलेंडर ₹3,113.50 में मिल रहा है। हालांकि, अलग-अलग राज्यों और शहरों में एलपीजी की कीमतों में बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है।
इंडियन ऑयल के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, देश में सबसे महंगा घरेलू एलपीजी सिलेंडर लेह में बिक रहा है। यहां 14.2 किलो का सिलेंडर ₹1,179 का है। इसके अलावा पूर्वोत्तर और पहाड़ी क्षेत्रों में भी गैस की कीमतें काफी ऊंची हैं।
दिल्ली में 19 किलो का कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर ₹3,113.50 का है, जबकि लेह जैसे क्षेत्रों में इसकी कीमत ₹3,700 से भी ऊपर बनी हुई है। होटल, रेस्टोरेंट और छोटे कारोबारियों के लिए यह लागत एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
नॉर्थ त्रिपुरा में घरेलू सिलेंडर ₹1,119.50, गंगटोक में ₹1,094.50, आइजॉल में ₹1,094 और वेस्ट इंफाल में ₹1,093.50 का मिल रहा है। वहीं श्रीनगर में उपभोक्ताओं को एक सिलेंडर के लिए ₹1,058 चुकाने पड़ रहे हैं।
देश के कई प्रमुख शहरों में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत अभी भी ₹1,000 से नीचे बनी हुई है। सबसे सस्ता घरेलू सिलेंडर मुंबई में ₹941.50 का है। बेंगलुरु में इसकी कीमत ₹944.50, अहमदाबाद और गुरुग्राम में ₹949, जयपुर में ₹952.50 और गोवा में ₹956 है। चेन्नई में घरेलू सिलेंडर ₹957.50, कोलकाता में ₹968 और लखनऊ में ₹976.50 का मिल रहा है। हैदराबाद में कीमत ₹994 तक पहुंच चुकी है।
विशेषज्ञों के अनुसार एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में अंतर का सबसे बड़ा कारण परिवहन लागत, भौगोलिक परिस्थितियां और स्थानीय टैक्स हैं। पहाड़ी, दूरदराज और द्वीपीय इलाकों तक सिलेंडर पहुंचाने में अधिक खर्च आता है, जिसकी वजह से वहां उपभोक्ताओं को ज्यादा कीमत चुकानी पड़ती है। यही कारण है कि लेह, पूर्वोत्तर राज्यों और कुछ विशेष क्षेत्रों में एलपीजी की कीमतें मैदानी और महानगरीय शहरों की तुलना में काफी अधिक हैं।
दृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में ‘लाइव हिन्दुस्तान’ की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए ‘कुछ अलग’ और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें
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