Feedback
संसद का मॉनसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होने वाला है और दिल्ली में सियासी हलचल तेज हो गई है. स्पीकर ऑफिस की ओर दौड़, चिट्ठियों का आदान-प्रदान, सिग्नेचर की गिनती सब कुछ दिखा रहा है कि मोदी सरकार महिला आरक्षण संशोधन बिल और परिसीमन बिल पास कराने के लिए नंबर जुटाने में जुट गई है. सवाल ये है कि क्या PM मोदी अब वो दो-तिहाई बहुमत के करीब पहुंच गए हैं जो संविधान संशोधन के लिए चाहिए?
इस साल अप्रैल में संसद के विशेष सत्र में महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़ा संवैधानिक संशोधन बिल गिर गया था. बिल के पक्ष में 298 वोट पड़े थे जबकि विरोध में 230 वोट पड़े थे. कुल 528 सांसद मौजूद थे. पारित होने के लिए 352 वोट चाहिए थे. सरकार 54 वोट से चूक गई. तब PM मोदी ने कहा था कि कल हमारे पास नंबर नहीं थे, इसका मतलब ये नहीं कि हम हार गए. आगे और मौके आएंगे.
बंगाल फैक्टर: TMC के 20 बागी NDA के साथ
तब से अब तक समीकरण काफी बदल गए हैं. पश्चिम बंगाल से सबसे बड़ा झटका TMC को लगा है. 20 बागी TMC सांसदों ने NCPI नाम की नई पार्टी बनाकर NDA को समर्थन दे दिया है. अप्रैल के 298 में ये 20 जुड़ें तो आंकड़ा 318 हो जाता है. TMC सांसद कीर्ति आजाद ने पलटवार करते हुए कहा कि BJP ने इन्हें TMC से तोड़कर सियासी रूप से लावारिस कर दिया है. BJP 362 का आंकड़ा पार करके महाराष्ट्र में खेल करना चाहती है. वो परिसीमन बिल लाना चाहती है. पिछले 12 साल से राजनीति में नैतिकता नहीं बची.
महाराष्ट्र: शिवसेना UBT में टूट की अटकलें
दूसरा मोर्चा महाराष्ट्र है. शिवसेना UBT के 9 सांसद हैं. दल-बदल कानून के हिसाब से 6 सांसद टूटकर जाएं तो विभाजन मान्य होगा. अगर 6 सांसद NDA के साथ आ गए तो आंकड़ा 324 पहुंच जाएगा. उद्धव ठाकरे ने रविवार को सांसदों की बैठक में साफ कर दिया, कि आज मेरा दिन नहीं है, पर कल जरूर होगा. तब तक सहना पड़ेगा. जो जाना चाहे, खुशी से जाए. मैं शुभकामनाएं दूंगा.
DMK को मनाने की कवायद
नजर अब तमिलनाडु पर है. DMK ने संसद में कांग्रेस से अलग बैठने की मांग की है. INDIA ब्लॉक में दरार दिख रही है, पर DMK के NDA के साथ जाने के संकेत नहीं हैं. कांग्रेस सूत्र मानते हैं DMK को मनाना होगा. BJP ये दांव खेलेगी कि जनसंख्या आधारित परिसीमन से तमिलनाडु जैसे राज्यों को नुकसान होगा जिन्होंने आबादी कंट्रोल की है. लोकसभा सीटें 50 फीसदी बढ़ाने का प्रस्ताव दक्षिणी राज्यों को फायदा दे सकता है. कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने दावा करते हुए कहा कि DMK बिल के पक्ष में वोट नहीं करेगी. पर सरकार विपक्ष को तोड़ने की हर कोशिश कर रही है. नंबर जुटाने के लिए वो हर विकल्प आजमाएगी.
नंबर का हिसाब-किताब
NDA अप्रैल: 298 + 20 बागी TMC= 318 + 6 शिवसेना UBT बागी= 324+ 22 DMK = 346. 540 सदस्यीय लोकसभा में दो-तिहाई यानी 360 चाहिए. अभी भी 14 सांसद कम हैं.
एक बीजेपी सांसद ने कहा कि पिछली बार 12 अनुपस्थित रहे थे. इस बार अनुपस्थिति बढ़ सकती है. 14 सांसदों को या तो वोट देना होगा या सदन से गैरहाजिर रहना होगा.
JMM के 3 सांसद इस गणित में डार्क हॉर्स बन सकते हैं. छोटी पार्टियों और अनुपस्थिति से भी फर्क पड़ेगा. BJP का हिसाब कहता है रास्ता मुश्किल है, नामुमकिन नहीं. मानसून सत्र से पहले तोड़-जोड़, मनाने और नंबर जोड़ने का खेल तेज होगा. महिला आरक्षण बिल पास हुआ तो ये PM मोदी की सबसे बड़ी विधायी जीत होगी. फेल हुआ तो विपक्ष के पास बड़ा मुद्दा होगा. सियासी शतरंज की चालें अब खुलकर सामने आएंगी.
Copyright © 2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today
होम
वीडियो
लाइव टीवी
न्यूज़ रील
मेन्यू
मेन्यू