पश्चिम बंगाल के बाद महाराष्ट्र में बड़ी सियासी हलचल देखने को मिल रही है। शिवसेना (UBT) फिर एकबार अपना वजूद बचाने के लिए जद्दोजहद कर रही है। उद्धव ठाकरे की नौ सांसदों में से सात सांसदों के बगावत की बात सामने आ रही है। ये सभी सांसद कभी भी एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना का दामन थाम सकते हैं। इस पूरे प्रकरण को लेकर आज संजय राउत ने कई सनसनीखेज आरोप लगाए हैं।
महाराष्ट्र के इन बागी सांसदों की आज नई दिल्ली में एक बैठक हो सकती है। यह बैठक एकनाथ शिंदे के बेटे श्रीकांत शिंदे के सरकारी घर पर हो सकती है। इसमें सभी सांसद आगे की रणनीति पर चर्चा करेंगे। इस बैठक में एकनाथ शिंदे भी शामिल हो सकते हैं। इस बात की प्रबल संभावना है कि ये सभी शिवसेना का दामन थाम सकते हैं। इसके साथ ही NDA का आंकड़ा 313 तक पहुंच जाएगा। वहीं, शिवसेना के सांसदों की लोकसभा में संख्या 13 तक पहुंच सकती है।
संसद में जिस तेजी से एनडीए अपना आंकड़ा बढ़ाने में लगा है उससे लगता है कि महिला आरक्षण 2029 में लागू करने के लिए परिसीमन कानून जल्द संसद में लाया जा सकता है। अप्रैल में सरकार को इस कानून पर हार का सामना करना पड़ा था क्योंकि दो तिहाई बहुमत नहीं था। संविधान संशोधन के लिए 362 सांसदों की जरूरत है।
इससे पहले राज्यसभा सांसद संजय राउत ने सोमवार को कहा, “जब हमारा दिन आएगा, तब हम दिखाएंगे कि पार्टी कैसे तोड़ी जाती है।” राउत ने कहा कि उनकी पार्टी की 60 साल पुरानी विरासत है और उसका अलग-अलग मुद्दों को लेकर आंदोलन करने का इतिहास रहा है। उन्होंने कहा, “हमने अतीत में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। लेकिन हमारी पार्टी कार्यकर्ता-आधारित पार्टी है। विधायक और सांसद आते-जाते हैं, लेकिन पार्टी बनी रहती है। हमारा दिन जब आएगा, हम दिखाएंगे पार्टी कैसे तोड़ी जाती है।”
बिहार के दरभंगा जिले से ताल्लुक रखने वाले हिमांशु शेखर झा डिजिटल मीडिया जगत का एक जाना-माना नाम हैं। विज्ञान पृष्ठभूमि से होने के बावजूद (BCA और MCA), पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून के कारण उन्होंने IGNOU से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया और मीडिया को ही अपना कर्मक्षेत्र चुना।
एक दशक से भी अधिक समय का अनुभव रखने वाले हिमांशु ने देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों जैसे दैनिक भास्कर, न्यूज़-18 और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दी हैं। वर्तमान में, वे वर्ष 2019 से लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े हुए हैं।
हिमांशु की पहचान विशेष रूप से राजनीति के विश्लेषक के तौर पर होती है। उन्हें बिहार की क्षेत्रीय राजनीति के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति की गहरी और बारीक समझ है। एक पत्रकार के रूप में उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों और कई विधानसभा चुनावों को बेहद करीब से कवर किया है, जो उनके वृहद अनुभव और राजनीतिक दृष्टि को दर्शाता है।
काम के इतर, हिमांशु को सिनेमा का विशेष शौक है। वे विशेष रूप से सियासी और क्राइम बेस्ड वेब सीरीज़ देखना पसंद करते हैं, जो कहीं न कहीं समाज और सत्ता के समीकरणों को समझने की उनकी जिज्ञासा को भी प्रदर्शित करता है।
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