राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश के बैनर तले जनपद के सरकारी स्कूलों में कार्यरत अनेक शिक्षक गुरूवार को भड़क उठे। उन्होंने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। साथ ही ज्ञापन सौंपकर कार्यरत शिक्षकों को टीईटी से मुक्त रखने की मांग उठाई गई। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश (संबद्ध – अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ) के बैनर तले जिलाध्यक्ष अशोक कश्यप के नेतृत्व में कक्षा 8 तक पढ़ाने वाले अनेक शिक्षक एकत्रित होकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां उन्होंने नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी अनिवार्यता थोपने के खिलाफ प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षामंत्री एवं मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एडीएम को सौंपा। कार्यकारी जिलाध्यक्ष विजय कुमार त्यागी ने बताया कि टीईटी लागू होने से पहले से सेवारत देश के 20 लाख से भी अधिक शिक्षकों पर टीईटी अनिवार्यता थोपना गलत है।
उस समय के नियुक्ति प्रावधानों का खुला उल्लंघन है। शिक्षकों पर हो रहे इस अन्याय के खिलाफ उत्कृष्ट सेवाओं एवं लंबे शिक्षण अनुभव को दृष्टिगत रखते हुए की उनकी गौरव गरिमा, मान सम्मान एवं सेवा सुरक्षा की रक्षा करने के लिए शिक्षा का अधिकार अधिनियम में आवश्यक संशोधन होना चाहिए। इस दौरान संजय सक्सेना, मोहर सिंह, अरुण सिसोदिया ,आदर्श गोयल, रवि भूषण, रीता भाटी, ज्योति चौधरी, सोनू, प्रवेश, दिनेश, मनोज पाल, बृजपाल, अजय कुमार, कपिल, दीपक, नवीन, सविता सारंग, हरेंद्र पाल, अनंगपाल, सुनील कुमार, अजय कुमार, रीतू अग्रवाल, सुमनलता , हेमलता, फजलुर्रहमान ,अकील, आस मोहम्मद, इस्माइल , हर्षवर्धन मदनलाल, ऊषा शर्मा, विनोद, सुरेंद्र , श्याम मुरारी, सुशील, रामकिशोर, सरजीत, कैलाश चंद मौजूद रहे।
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