एक वीडियो, एक FIR… कौन हैं स्वपन और जसनदीप जिसके चलते घिर गए हैं भगवंत मान? – AajTak

Feedback
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़े कथित विवादित वीडियो मामले में नया मोड़ सामने आया है. वीडियो को फर्जी साबित करने के लिए तैयार की गई ‘फोरेंसिक रिपोर्ट’ के मामले में गुरुग्राम पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है. इससे पंजाब की राजनीति में हड़कंप मच गया है. विपक्षी दलों ने सीएम भगवंत सिंह मान को घेरते हुए उनकी कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं. 
सिख समुदाय की सबसे बड़ी धार्मिक संस्था अकाल तख्त ने एक कथित विवादित वीडियो मामले में सीएम भगवंत मान को ‘पंथ विरोधी’,और ‘गुरु विरोधी’ करार दिया था. इसके बाद भगवंत मान ने अकाल तख्त के सामने पेश होकर अपनी सफाई दी थी, लेकिन मामला अब फिर से एक नया मोड़ ले लिया. 
गुरुग्राम पुलिस ने भगवंत मान के कथित वीडियों को फर्जी साबित करने के लिए उन दो लोगों को गिरफ्तार किया, जो एक निजी लैब से कथित रूप से मनमाफिक फोरेंसिक रिपोर्ट तैयार कराई थी. शिकायत में दावा किया गया है कि रिपोर्ट के लिए करीब 10 लाख रुपए की डील हुई थी. इस मामले को लेकर दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री प्रवेश वर्मा ने भगवंत मान पर निशाना साधा. 
पहले जान लीजिए पूरा मामला क्या है? 
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान का एक कथित और आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था ‘अकाल तख्त’ने संज्ञान में लिया था. अकाल तख्त ने 15 जून को  सोमवार को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को ‘गुरु दोखी’ और ‘खालसा पंथ विरोधी’ घोषित किया था. इसके बाद अकाल तख्त ने कहा था कि वीडियो को दो फोरेंसिक लैब की जांच कराया गया है, जिसे प्रामाणिक पाया गया है. अकाल तख्त ने सीएम भगवंत मान को तलब किया था. 
भगवंत मान ने कथित विवादित वायरल वीडियो को पूरी तरह से खारिज कर दिया था और कहा था कि वायरल वीडियो में जो शख्स दिखाई दे रहा है वह मैं नहीं हूं. मैं हैरान हूं कि पंथ के इतने बड़े ओहदे पर बैठे लोग सियासी मोहरे की तरह काम कर रहे हैं. ये मेरे खिलाफ एक प्रोपेगंडा है. इसके बाद ही पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पिछले दिनों अकाल तख्त साहिब के समक्ष पेश होकर वीडियो की रिपोर्ट सौंपी थी, लेकिन अब मामला तब बदल गया, जब गुरुग्राम में वीडियो को फेक साबित करने के लिए 10 लाख रुपये घूस देने की शिकायत दर्ज हुई. 
जान लीजिए कैसे खुला पूरा मामला
गुरुग्राम पुलिस ने डीएलएफ इलाके में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया है. यह पूरा मामला भगवंत मान के वीडियो की फॉरेंसिक जांच और वीडियो सबूतों में दबाव बनाकर बदलाव करने के लिए रिश्वत के लेन-देन से जुड़ा हुआ है. जसवीर नामक एक व्यक्ति ने गुरुग्राम पुलिस में शिकायत दर्ज कराया कि पड़ोसी राज्य (पंजाब) के कुछ अधिकारियों द्वारा उन पर नई फॉरेंसिक रिपोर्ट बनवाने और  कथित वीडियो में AI के जरिए बदलाव करने के लिए दबाव बनाया गया था. इसके लिए 10 लाख रुपये का प्रलोभन भी दिया गया था.
शिकायत में मामला 16 जून 2026 की रात का बताया गया, जब रात करीब 10 बजे गुरुग्राम के ‘होटल क्राउन प्लाजा’ में एक अहम मीटिंग हुई थी. इस मीटिंग के बाद ही यह पूरा मामला सामने आया और शिकायत दर्ज की गई. पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर दो संदिग्धों को हिरासत में लिया है. गुरुग्राम पुलिस के अनुसार, यह वही वीडियो है, जिसे लेकर सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था अकाल तख्त ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को तलब किया था. 
गुरुग्राम पुलिस ने किया दो लोगों को गिरफ्तार
गुरुग्राम के एसीपी क्राइम नवीन शर्मा ने बताया कि इस मामले में अभी तक दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है. एक का नाम अंकित है और दूसरा अरुण है. अंकित जींद जिले का रहने वाला, जो पिछले 4-5 साल से ‘परिवार पहचान पत्र’ विभाग में कॉन्ट्रैक्ट पर काम कर रहा था. वहीं, अरुण सिरसा का रहने वाला है और NIA (National Investigation Agency) में कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर फॉरेंसिक एक्सपर्ट के तौर पर काम कर रहा था. 
नवीन शर्मा ने कहा कि जांच में यह भी सामने आया है कि इस मामले में करीब 10 लाख रुपये का लेन-देन हुआ है, जिसे शिकायतकर्ता के अकाउंट में जमा कराया गया था. इसके अलावा, मामले में दो ऐसी लैब्स का भी जिक्र है जो किसी भी सरकारी विभाग से मान्यता प्राप्त नहीं हैं. पुलिस अब इन लैब्स की सच्चाई और प्रामाणिकता की भी जांच कर रही है. ​एसीपी क्राइम ने साफ किया है कि जांच अभी शुरुआती चरण में है. पुलिस बैंक खातों और लैब्स से जुड़े सबूत इकट्ठा कर रही है, जिसके बाद ही इस पूरे मामले की अंतिम सच्चाई सामने आ पाएगी. 
भगवंत मान कैसे सवालों के घेरे में आ गए
गुरुग्राम के डीएलएफ इलाके में दर्ज हुई इस एफआईआर और गिरफ्तारियों के बाद पंजाब की राजनीति में भी हड़कंप मच गया है. इस मामले के तार सीधे पंजाब से जुड़े होने के कारण मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री प्रवेश वर्मा ने मंगलवार  को सोशल मीडिया के जरिए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर फर्जी फॉरेंसिक रिपोर्ट तैयार करवाने का आरोप लगाया. 
प्रवेश वर्मा ने कहा कि भगवंत मान ने अपने वीडियो को फर्जी साबित कराने के लिए पंजाब के दो अधिकारियों का भी इस्तेमाल किया गया है. बीजेपी नेता ने कहा कि अकाल तख्त साहिब के 15 जून को आए आदेश के बाद ही सीएम भगवंत मान ने लुधियाना के सीपी और एसपी को अपने पक्ष में एक फर्जी फॉरेंसिक रिपोर्ट तैयार करवाने का काम सौंपा था. 
CP स्वपन शर्मा और SP जसनदीप पर सवाल
दिल्ली सरकार में मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि अकाल तख्त साहिब के भगवंत मान के खिलाफ आदेश के बाद ही भगवंत मान ने लुधियाना के सीपी स्वपन शर्मा और एसपी जसनदीप को अपने पक्ष में एक फर्जी फॉरेंसिक रिपोर्ट तैयार कराने का काम सौंपा था. 16 जून को स्वपन शर्मा और जसनदीप गुरुग्राम आए और 10 लाख रुपए की डील करने के लिए क्राउन प्लाजा होटल में एक फॉरेंसिक लैब के मालिकों से मुलाकात की. 
प्रवेश वर्मा ने स्वपन शर्मा और जसनदीप का एक वीडियो भी जारी किया. उन्होंने कहा कि यह क्राउन प्लाजा की सीसीटीवी फुटेज है, जिसमें स्वपन शर्मा, जसनदीप और लैब मालिकों के बीच हुई बैठक दिखाई दे रही है. वीडियो को फर्जी साबित कराने के लिए ये दोनों अधिकारी 10 लाख रुपए लेकर गुरुग्राम आए थे और फॉरेंसिक लैब के मालिकों से मुलाकात भी की थी. 
वर्मा ने बताया कि अब इस मामले में गुरुग्राम पुलिस ने लैब मालिकों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है. गुरुग्राम पुलिस द्वारा अब FIR दर्ज कर दोनों लैब मालिकों को गिरफ्तार कर लिया गया है. भगवंत मान अपने अधिकारियों के जरिए वीडियो को फर्जी साबित कराने के लिए रिपोर्ट तैयार करने के लिए डील कराया है. 
#WATCH | Delhi | Over purported video allegedly showing desecration of Sikh Guru photos by Punjab CM, Delhi Minister Manjinder Singh Sirsa says, “…Bhagwant Mann remained silent, Arvind Kejriwal also remained silent, and today the arrests and case filed against those who… pic.twitter.com/mVvQfaPuQ7
बीजेपी नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि पंजाब के सीएम भगवंत पैसे के दम पर अकाल तख्त को बदनाम करना चाह रहे हैं. सिरसा नपंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि अकाल तख्त के फैसले के बाद सीएम मान ने एक ‘फर्जी’ फॉरेंसिक रिपोर्ट बनवाने के लिए पुलिस और राज्य मशीनरी का दुरुपयोग किया और इसके लिए Rs 10 लाख की डील की गई है. इस तरह पैसे दे दम पर श्री अकाल तख्त को बदनाम करना चाह रहे हैं. 
Copyright © 2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today
होम
वीडियो
लाइव टीवी
न्यूज़ रील
मेन्यू
मेन्यू

source.freeslots dinogame telegram营销

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Toofani-News