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Nirjala Ekadashi 2026: आज निर्जला एकादशी का व्रत रखा जा रहा है. निर्जला एकादशी को सभी 24 एकादशियों में सबसे महत्वपूर्ण और कठिन माना जाता है. इस दिन बिना जल के उपवास रखने का विधान है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन श्रद्धापूर्वक दान करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है. यदि आप निर्जला एकादशी पर दान करने की योजना बना रहे हैं, तो इन चीजों को अपने दान की सूची में जरूर शामिल करें.
जल और शरबत (सबसे उत्तम दान)
चूंकि यह व्रत भीषण गर्मी के महीने (ज्येष्ठ मास) में आता है, इसलिए इस दिन राहगीरों और जरूरतमंदों को ठंडा पानी, शिकंजी या शरबत पिलाना सबसे बड़ा पुण्य माना जाता है. आप चाहें तो किसी मंदिर या सार्वजनिक स्थान पर प्याऊ भी लगवा सकते हैं.
मिट्टी का घड़ा (कलश)
निर्जला एकादशी पर मिट्टी के घड़े या कलश का दान करना बेहद शुभ होता है. सबसे पहले घड़े को स्वच्छ जल से भरें. फिर, उसमें थोड़ा सा सिंदूर या कुमकुम लगाएं. संभव हो तो घड़े के ऊपर एक कटोरी में चीनी या गुड़ रखकर दान करें.
गर्मी से राहत देने वाली वस्तुएं
पंखे: हाथ से झलने वाले बांस के पंखे या बिजली के छोटे पंखे.
छाता: धूप से बचने के लिए जरूरतमंदों को छाते का दान.
चप्पल या जूते: नंगे पैर चलने वाले गरीबों को चप्पल या जूते भेंट करना.
मौसमी फल और अन्न
फल: तरबूज, खरबूजा, आम, ककड़ी और केला.
अन्न: गेहूं, चावल या सत्तू का दान. सत्तू का दान इस मौसम में विशेष रूप से स्वास्थ्य और धार्मिक दृष्टि से उत्तम माना जाता है.
वस्त्र और दक्षिणा
किसी ब्राह्मण या सुपात्र व्यक्ति को वस्त्र (जैसे धोती, गमछा या कुर्ता) दान करें. ध्यान रहे कि दान अधूरा माना जाता है यदि उसके साथ अपनी सामर्थ्य के अनुसार कुछ नकद दक्षिणा न दी जाए.
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