सुभाष श्रीवास्तव चंदा गिनवाते थे, टिन्नू यादव चाबी रखते थे… चंदा चोरी में फंसे 8 लोगों का क्या-क्या रोल था? – AajTak

अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावा और चंदा चोरी मामले में एसआईटी के प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सौंपे जाने के दो दिन बाद 8 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है.  राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य श्री कृष्ण मोहन ने एसआईटी की रिपोर्ट के आधार पर यह मुकदमा दर्ज कराया गया है, जिसके बाद अयोध्या पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सभी आरोपियों से पूछताछ हो रही है.
एफआईआर में ट्रस्ट महासचिव चंपत राय के ड्राइवर राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव समेत आठ लोगों को आरोपी बनाया गया है.  टिन्नू यादव के अलावा अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष यादव, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्र और गणना इंचार्ज सुभाष श्रीवास्तव को नामजद आरोपी बनाया गया है. 
राम मंदिर चंदा चोरी मामले के नामजद आरोपियों को हिरासत में लिया गया है. इन सभी आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने धारा 305, 306, 316(5), 317(4), 317(5), 61, 3(5) बीएनएस व 13(1)(a) पीसी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है. ऐसे में सवाल उठता है कि चंदा और चढ़ावा चोरी में फंसे 8 लोगों का राम मंदिर में क्या-क्या रोल था? 
 
करुणेश पांडेय का क्या रोल था
राम मंदिर में चंदा चोरी में गिरफ्तार करुणेश पांडेय का काम मंदिर में चढ़ाए जाने वाले चढ़ावों का गणना कक्ष तक पहुंचाने का रोल था. श्रीराम मंदिर में जो भी चढ़ाया जाया करता था, उस चढ़ावे को गणना कक्ष सिर्फ ले जाने का ही नहीं बल्कि गेनने का काम था.  करुणेश पर आरोप है कि इन्होंने दानराशि चुराकर संपत्ति अर्जित की है.
रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू: श्रीराम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के करीबी रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू को गिरफ्तार किया गया. राम मंदिर में उनका काम व्यवस्थापक, मंदिर में श्रद्धालुओं के दर्शन कराने से लेकर जनसुविधाओं का ध्यान रखता था. टुन्नू यादव अकेला ऐसा शख्स था, जो बेरोकटोक मंदिर में कही आ जा सकता है. टुन्नू यादव की गाड़ी बुलेट मंदिर के अंदर जाकर खड़ी होती थी. इनका काम दानपात्रों की देखरेख करना और उन्हें बेसमेंट तक पहुंचाने का था. 
 
सुभाष चंद्र श्रीवास्तव: राम मंदिर चंदा चोरी में फंसे सुभाष चंद्र श्रीवास्तव एसबीआई से रिटार्ड बैंक कर्मी है. राम मंदिर में आने वाले चढ़ावे वाले नोट गिनने की पूरी प्रक्रिया के इंचार्ज थे.  कैश काउंटिंग सेंटर के स्टाफ की निगरानी करना था. सुभाष कैश काउंटिंग सेंटर के स्टाफ का प्रभारी था. 
लवकुश मिश्रा: अयोध्या के राम मंदिर में आने वाले तमाम चढ़ावा और नकदी को गिनने वाली टीम में लवकुश मिश्रा शामिल थे.  लवकुश मिश्र मंदिर में आने वाले चढ़ावे को गिनने का काम करता था. लवकुश मिश्र के घर से करीब 10 लाख रुपए बरामद हुए थे. 
यह भी पढ़ें: राम मंदिर चढ़ावा केस: कौन क्या करता था और किस पर क्या आरोप लगा? FIR की पूरी डिटेल समझिए
अनुकल्प मिश्रा: राम मंदिर में आने वाले चढ़ावे को गणना कक्ष में गिनने की जिम्मेदारी अनुकल्प मिश्रा के पास थी. मंदिर में चढ़ावे वाले रुपये को गिनने के काम से लगभग दो साल से कर रहा था. श्रद्धालुओं की मदद के लिए बने सुविधा सेंटर में तैनात था, लेकिन वह नोट गिनने की प्रक्रिया में शामिल था. उस पर ऊपर चढ़ावा के वाउचर में गड़बड़ी करने का आरोप है. लवकुश मिश्रा का रिश्ते में साला लगता है.
मनीष यादव: मनीष यादव पर राम मंदिर के दानपात्रों में चढ़ाए गए चढ़ावे में नकली नोट निकालने और उसे गिनकर अलग रखने की जिम्मेदारी थी. मनीष पर भी चढ़ावा चोरी का आरोप है.
अविनाश शुक्ला: राम मंदिर में चढ़ावे वाले पैसे और नकदी को दान पात्रों से निकालने और धनराशि को गणना कक्ष तक ले जाने का काम अविनाश शुक्ला करता था. वहां गिनती करने वाली टीम में शामिल था. अविनाश शुक्ला पर आरोप है कि इन्होंने दान राशि चुराने का काम किया है. 
 

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