वेनेजुएला में आए दो शक्तिशाली भूकंपों से भारी तबाही हुई है, जिसमें 589 लोगों की मौत और हजारों घायल हुए हैं। 46 हजार से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं, …और पढ़ें
वेनेजुएला में भूंकप से तबाही।
वेनेजुएला में दो शक्तिशाली भूकंपों से भारी तबाही।
589 लोगों की मौत, 46 हजार से अधिक लापता।
अंतरराष्ट्रीय बचाव दल राहत और बचाव कार्य में जुटे।
डिजिटल डेस्क, काराकस। वेनेजुएला में आए दो शक्तिशाली भूकंपों से भारी तबाही के बाद विदेशी बचाव दलों का पहुंचना शुरू हो गया है। इन भूकंपों ने राजधानी काराकस और आसपास के इलाकों को मलबे में तब्दील कर दिया है। लोग मलबों को हटाकर अपने रिश्तेदारों, दोस्तों और पड़ोसियों को ढूंढ रहे हैं।
सरकार का अनुमान है कि अब भी सैकड़ों लोग मलबे में फंसे हो सकते हैं। कई अन्य लोगों का अभी तक कोई पता नहीं चल पाया है। गुमशुदा लोगों का पता लगाने के लिए बनाई गई वेबसाइट पर 46 हजार से ज्यादा लोगों के लापता होने की जानकारी दी गई है।
स्वास्थ्य मंत्री कार्लोस अल्वाराडो ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्रों पर लगभग 235 शव लाए गए हैं। उन्होंने हताहतों की कुल संख्या नहीं बताई। हालांकि, समाचार एजेंसी एपी ने 589 लोगों की मौत और हजारों लोगों के घायल होने की जानकारी दी है। बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई इमारतों में आठ अस्पताल, रेड क्रास का मुख्यालय और फ्रांसीसी दूतावास शामिल है।
जोर-शोर से चल रहे बचाव कार्यों के बीच मृतकों और घायलों की संख्या बढ़ने की आशंका है। अंतरराष्ट्रीय आव्रजन संगठन ने कहा कि भूकंप से 67.6 लाख लोग प्रभावित हो सकते हैं। अकेले काराकस में ही लगभग 20 लाख लोग प्रभावित होंगे। वेनेजुएला के सरकारी टीवी पर बचाव कार्य की दिल दहला देने वाली तस्वीरें दिखाई जा रही हैं।
घायलों को धूल और खून से लथपथ हालत में बाहर निकाला जा रहा है, जिनमें बच्चे भी शामिल है। एक महिला सीमेंट के स्लैब के नीचे फंसी हुई थी और उसका सिर्फ एक पैर बाहर दिख रहा था। उसे बाद में बचाव कर्मियों ने सुरक्षित बाहर निकाला।
इमारतें जमींदोज हो गई हैं और सड़कों पर दरारें पड़ गई हैं। फोन सेवा बाधित होने के कारण विदेश में रह रहे लोगों को अपने रिश्तेदारों से संपर्क करने में मुश्किल हो रही है। लोग अपने घरों में वापस जाने से डर रहे हैं। काराकस शहर में सैकड़ों लोगों ने पार्कों, पार्किंग स्थलों और अन्य खुले स्थानों पर रात गुजारी। बचाव दल भेजने वालों में ऐसे देश भी शामिल हैं, जिन्होंने दशकों तक राजनीतिक दमन और आर्थिक बदहाली के दौरान वेनेजुएला का विरोध किया था।
डोमिनिकन रिपब्लिक की टीम सबसे पहले ला गुएरा पहुंची। मेक्सिको ने 250, अल सल्वाडोर ने 188 और स्पेन ने 100 बचावकर्मियों का दल भेजा है। शुक्रवार सुबह कोलंबियाई वायु सेना का एक विमान 63 बचावकर्मियों को लेकर रवाना हुआ।
स्विट्जरलैंड और जर्मनी ने भी बचाव दल भेजे हैं। कई टीमें अपने साथ खोजी कुत्ते, साउंड इक्विपमेंट और खास उपकरण लेकर आई हैं। अमेरिका ने कहा है कि वह 15 करोड़ डालर की मदद जुटा रहा है, जबकि कोलंबिया, स्विट्जरलैंड और अल साल्वाडोर जैसे देश उपकरण और जरूरी सामान भेज रहे हैं। वाशिंगटन ने वेनेजुएला पर लगे प्रतिबंधों में ढील दी है, ताकि मदद भेजी जा सके।
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