सिर्फ 2 साल में 50,000 के पार पहुंचे ड्रोन, अब भारतीय सेना ला रही है खतरनाक 'बाज बटालियन' – Live Hindustan

भारतीय सेना अपनी निगरानी क्षमता को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए एक खास ‘बाज बटालियन’ तैयार कर रही है। यह नई बटालियन सेना की फ्रंटलाइन यूनिट्स को उन्नत हवाई निगरानी और युद्ध के मैदान की स्थिति को सटीक रूप से समझने के लिए एडवांस टूल्स मुहैया कराएगी।

‘बाज बटालियन’ का मुख्य काम संवेदनशील सीमाओं पर निगरानी को और ज्यादा मजबूत करना है। इसके साथ ही, यह ड्रोन वॉरफेयर के लिए सेना की तैयारियों को पुख्ता करेगी और फ्रंटलाइन यूनिट्स व खुफिया सिस्टम के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करेगी।

सूत्रों के मुताबिक, इस बटालियन को ‘आर्मी एविएशन कोर’ के अंतर्गत रखा जा सकता है। इसमें प्रशिक्षित जवानों की एक स्पेशल टीम होगी, जो रिमोटली पायलेटेड एयरक्राफ्ट (RPA) सिस्टम का संचालन और प्रबंधन करेगी।

हाल के दिनों में हुए कई सैन्य संघर्षों में ड्रोन की भूमिका सबसे निर्णायक साबित हुई है। भारतीय सेना ने रूस-यूक्रेन युद्ध, चीन के साथ वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर हुए विवाद और पाकिस्तान के खिलाफ ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसे अहम घटनाक्रमों से बड़े सबक लिए हैं। इन्ही अनुभवों के आधार पर ड्रोन क्षमता को बढ़ाने के लिए यह पहल की गई है, ताकि सेना को भविष्य के लिए तकनीकी रूप से पूरी तरह एडवांस और तैयार रखा जा सके।

निवर्तमान सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने सोमवार को बताया कि ‘बाज बटालियन’ मौजूदा रिमोटली पायलेटेड एयरक्राफ्ट (RPA) के आधार पर ही विकसित की जाएगी। आरपीए एक तरह का मानवरहित हवाई वाहन (UAV) होता है, जिसमें कोई पायलट नहीं बैठता, बल्कि इसे एक दूर स्थित रिमोट स्टेशन से उड़ाया जाता है।

किसी भी युद्ध में ड्रोन के अहम हिस्सा बनने पर बात करते हुए जनरल द्विवेदी ने बताया कि करीब दो साल पहले भारतीय सेना के पास केवल कुछ सौ ड्रोन थे, लेकिन आज यह संख्या बढ़कर 50,000 के पार पहुंच गई है। सेना के मौजूदा रोडमैप और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए, अगले 2 से 3 सालों में इनकी संख्या दोगुनी होने की संभावना है।

‘बाज बटालियन’ की तरह ही भारतीय सेना अपनी आधुनिक युद्धनीति के तहत ‘भैरव बटालियन’ को भी फ्रंटलाइन पर उतार रही है। यह एक बेहद फुर्तीली स्पेशल टैक्टिकल फोर्स है, जिसे रेगुलर इन्फैंट्री और पैरा स्पेशल फोर्सेज के बीच के अंतर को पाटने के लिए तैयार किया गया है। भैरव बटालियन का मुख्य काम फर्स्ट-पर्सन व्यू (FPV) अटैक ड्रोन, लॉयटरिंग म्यूनिशंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सर्विलांस सिस्टम का इस्तेमाल करके दुश्मन के कमांड पोस्ट, कम्युनिकेशन लाइन और हथियारों के डिपो को पलक झपकते ही तबाह करना है। पारंपरिक युद्ध की बजाय, यह टुकड़ी छोटी और ऑटोनोमस टीमों में काम करते हुए दुश्मन को संभलने का मौका दिए बिना बेहद तेज और सटीक हमले करने में माहिर है, जिससे सैनिकों को कम से कम खतरे में डालकर बड़े ऑपरेशन को अंजाम दिया जा सके।

डिजिटल पत्रकारिता की बदलती लहरों के बीच समाचारों की तह तक जाने की ललक अमित कुमार को इस क्षेत्र में खींच लाई। समकालीन राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर पैनी नजर रखने के साथ-साथ अमित को जटिल विषयों के गूढ़ विश्लेषण में गहरी रुचि है। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के रहने वाले अमित को मीडिया जगत में एक दशक का अनुभव है। वे पिछले 4 वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
अमित न केवल समाचारों के त्वरित प्रकाशन में माहिर हैं, बल्कि वे खबरों के पीछे छिपे ‘क्यों’ और ‘कैसे’ को विस्तार से समझाने वाले एक्सप्लेनर लिखने में भी विशेष रुचि रखते हैं। डिजिटल पत्रकारिता के नए आयामों, जैसे कि कीवर्ड रिसर्च, ट्रेंड एनालिसिस और एआई-असिस्टेड कंटेंट ऑप्टिमाइजेशन को वे बखूबी समझते हैं। उनकी पत्रकारिता की नींव ‘फैक्ट-चेकिंग’ और सत्यापन पर टिकी है। एक मल्टीमीडिया पत्रकार के तौर पर अमित का सफर देश के प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ रहा है। उन्होंने अमर उजाला, वन इंडिया, इंडिया टीवी और जी न्यूज जैसे बड़े मीडिया घरानों के साथ काम किया है।
अमित ने देश के प्रतिष्ठित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से जनसंचार में मास्टर डिग्री हासिल की है। उन्होंने यूनिसेफ और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से हेल्थ जर्नलिज्म का सर्टिफिकेशन भी प्राप्त किया है। एआई-असिस्टेड कंटेंट ऑप्टिमाइजेशन और एडिटोरियल प्लानिंग में उनकी विशेषज्ञता उन्हें आज के आधुनिक न्यूज रूम के लिए एक अनिवार्य स्तंभ बनाती है। पेशेवर जीवन से इतर, अमित एक जुनूनी घुमक्कड़ हैं जिन्हें हार्डकोर ट्रेकिंग और फोटोग्राफी का शौक है, साथ ही वे ऐतिहासिक और वास्तविक जीवन पर आधारित सिनेमा देखने के भी शौकीन हैं।
आरएसएस विज्ञापन र॓टहमार॓ साथ कामकरेंहमारे बारे मेंसंपर्क करेंगोपनीयतासाइट जानकारी
Advertise with usAbout usCareers Privacy Contact usSitemapCode Of Ethics
Partner sites: Hindustan TimesMintHT TechShineHT Auto HealthshotsHT SmartcastFAB Play

source.freeslots dinogame telegram营销

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Toofani-News