मोदी सरकार में कैबिनेट फेरबदल कभी भी हो सकता है। इन अटकलों के बीच दूसरे दलों से आए उन बागियों की चर्चा भी जोर पकड़ रही है, जिन्होंने NDA को समर्थन देने का ऐलान कर दिया है। हालांकि, अब तक साफ नहीं है कि इनमें से कितने नेताओं को कैबिनेट में मौका मिलेगा। हाल ही में आम आदमी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस और शिवसेना (उद्धव बालासाहब ठाकरे) के सांसदों ने पाला बदलकर संसद में NDA को समर्थन दे दिया है।
इसकी शुरुआत आप से हुई। पार्टी के राघव चड्ढा और हरभजन सिंह समेत 7 सांसदों ने भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने का ऐलान कर दिया था। इसके साथ ही दल के उच्च सदन में सदस्यों की संख्या 114 पर पहुंच गई है। वहीं, हाल ही में हुए राज्यसभा चुनाव में भी पार्टी को बड़ा फायदा हुआ है। इसके बाद कहा जा रहा है कि टीएमसी के इस्तीफा देने वाले 4 सांसदों की सीटों पर भी भाजपा बढ़त हासिल कर सकती है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव हारने के कुछ समय बाद ही टीएमसी में दरारें नजर आने लगी थीं। नतीजा यह हुआ कि विधायकों के बाद पार्टी के 20 सांसदों ने बगावत कर दी, जिसमें काकोली घोष दस्तीदार और सुदीप बंदोपाध्याय जैसे वरिष्ठ नेता भी शामिल थे। इन बागियों ने एक गैर मान्यता प्राप्त पार्टी NCP यानी नेशनल सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया में विलय कर लिया और एनडीए को समर्थन देने की बात कही है।
सबसे ताजा मामला शिवसेना यूबीटी का है। पार्टी के पास निचले सदन में कुल 9 सांसद थे, जिनमें से 6 ने अलग राह पकड़ी ली। इन बागियों ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना को समर्थन दिया, जो पहले ही केंद्र में NDA का साथ दे रही है। कहा जा रहा है कि लोकसभा स्पीकर ओम बिरला इन दोनों दलों को लेकर मॉनसून सत्र से पहले फैसला ले सकते हैं।
अब तक यह साफ नहीं है कि कैबिनेट फेरबदल कब होगा और इसमें किसे शामिल किया जाएगा। अटकलें हैं कि इस दौरान इन तीन दलों के कुछ नेताओं के नामों पर भी विचार किया जा सकता है। फिलहाल, चर्चा में आप से राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, शिवसेना से संजय दीना पाटिल, टीएमसी से सुदीप बंदोपाध्याय, सुखेंदु शेखर रे, शर्मिला सरकार के नाम पर विचार किया जा सकता है। हालांकि, इसे लेकर आधिकारिक रूप से कुछ नहीं कहा गया है।
न्यू इंडियन एक्सप्रेस की जून में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, रेलवे, वित्त, कॉर्पोरेट अफेयर्स, कोयला, टेक्सटाइल, सूचना एवं प्रसारण, इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी, ग्रामीण विकास, रसायन और उर्वरक, सहकारिता, मत्स्य पालन, जल शक्ति, कृषि और पर्यावरण, कानून और अन्य में बदलाव के आसार हैं। इन्हें लेकर अटकलें ही हैं और अब तक आधिकारिक रूप से कुछ नहीं कहा गया है।
भाजपा का शीर्ष नेतृत्व पदाधिकारियों की सूची को अंतिम रूप दे चुका है और ‘नितिन नवीन की टीम’ की घोषणा जल्द होने की संभावना है। पार्टी के युवा चेहरों को संगठन में प्रमुख पदों की जिम्मेदारी दिए जाने की संभावना है। भाषा के सूत्रों का कहना है कि केंद्रीय मंत्रिपरिषद में फेरबदल भाजपा के अध्यक्ष के नेतृत्व में पार्टी की नई टीम की घोषणा के साथ किया जाएगा।
निसर्ग दीक्षित न्यूजरूम में करीब एक दशक का अनुभव लिए निसर्ग दीक्षित शोर से ज़्यादा सार पर भरोसा करते हैं। पिछले 4 साल से वह लाइव हिनुस्तान में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां खबरों की योजना, लेखन, सत्यापन और प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर और न्यूज़18 जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की, जिसने उनके काम करने के तरीके को व्यावहारिक और तथ्य आधारित बनाया। निसर्ग की खास रुचि खोजी रिपोर्टिंग, ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ स्टोरीज़ में है। वे जटिल मुद्दों को सरल भाषा और स्पष्ट तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। राजनीति और जांच पड़ताल से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ है। निसर्ग लोकसभा चुनावों, कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और अहम घटनाओं को कवर कर चुके हैं। साथ ही संसदीय कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों को नियमित रूप से कवर करते हैं। गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी निसर्ग योगदान देते हैं।
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