BAT-BMS के बाद इन ऐप्स पर चला केंद्र सरकार का चाबुक, Google और Apple iOS को जारी किया नोटिस – India.Com

केंद्र सरकार ने Apple और Google को ऐसे कम से कम सात मोबाइल ऐप हटाने का निर्देश दिया है, जिनका गलत इस्तेमाल करके बैटरी वाले ई-रिक्शा को बीच रास्ते में बंद किया जा रहा था. हाल ही में सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हुए थे, जिनमें कुछ लोग अपने मोबाइल से ई-रिक्शा को अचानक रोकते नजर आए. इन घटनाओं के बाद सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया और तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी. सरकार का कहना है कि अगर भविष्य में ऐसे दूसरे ऐप भी सामने आते हैं, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी.

सरकारी अधिकारियों के मुताबिक BAT-BMS, Lossigy और Epoch-i-ion जैसे ऐप बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) से ब्लूटूथ के जरिए जुड़ जाते हैं. अगर ई-रिक्शा का BMS सुरक्षित नहीं है, तो कोई भी व्यक्ति इन ऐप्स की मदद से वाहन की बैटरी को बंद कर सकता है. इससे ई-रिक्शा चलते-चलते रुक सकता है. इन ऐप्स का असली मकसद बैटरी की जानकारी जैसे वोल्टेज, तापमान और चार्ज की स्थिति देखना है, लेकिन सुरक्षा की कमी के कारण इनका गलत इस्तेमाल किया जा रहा है. यही वजह है कि सरकार ने इन्हें हटाने का फैसला लिया है.

सरकार ने साफ किया है कि यह कार्रवाई आईटी एक्ट की धारा 69A के तहत नहीं की जा रही है, जिसका इस्तेमाल आमतौर पर वेबसाइट या ऐप ब्लॉक करने के लिए होता है. अधिकारियों के अनुसार, अगर Apple और Google ऐसे ऐप्स को हटाने में लापरवाही करते हैं, तो उन्हें आईटी एक्ट की धारा 79 के तहत मिलने वाली कानूनी सुरक्षा प्रभावित हो सकती है. यानी अगर प्लेटफॉर्म कानूनी नोटिस मिलने के बाद भी कार्रवाई नहीं करते, तो उन्हें भी जिम्मेदार माना जा सकता है. हालांकि सरकार ने अभी यह नहीं बताया है कि इन ऐप्स ने किस कानून का उल्लंघन किया है.

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ड्राइवर की अनुमति से किए गए परीक्षण में यह साबित हुआ कि इन ऐप्स की मदद से एक ई-रिक्शा को ब्लूटूथ के जरिए बंद किया जा सकता है. जैसे ही ऐप असुरक्षित BMS से जुड़ा, वाहन की बैटरी की सप्लाई रोक दी गई. इससे साफ हो गया कि अगर बैटरी सिस्टम में सुरक्षा नहीं होगी, तो कोई भी व्यक्ति इसका गलत फायदा उठा सकता है. यही वजह है कि विशेषज्ञ अब सुरक्षित Bluetooth सिस्टम और बेहतर सुरक्षा फीचर लगाने की सलाह दे रहे हैं.
सरकार का कहना है कि केवल सात ऐप्स तक कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी. अगर आगे भी ऐसे दूसरे ऐप सामने आते हैं, जिनका इस्तेमाल ई-रिक्शा या दूसरे बैटरी वाले वाहनों को नुकसान पहुंचाने के लिए किया जा रहा है, तो उन्हें भी हटाया जाएगा. फिलहाल यह साफ नहीं है कि ऐप बनाने वाली कंपनियों या असुरक्षित BMS तैयार करने वाले निर्माताओं के खिलाफ भी कोई कार्रवाई होगी या नहीं. लेकिन सरकार का फोकस फिलहाल लोगों की सुरक्षा और ऐसे गलत इस्तेमाल को रोकने पर है.

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ऋषभ कुमार पाण्डेय डिजिटल मीडिया और न्यूज इंडस्ट्री में एक साल से अधिक समय का अनुभव रखते हैं. वे मई 2024 से Zee Media समूह के साथ जुड़े हैं. यहां … और पढ़ें
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