पहली ही बारिश में धंसी जयपुर की टोंक रोड, 20 फीट चौड़ा और 10 फीट गहरा हुआ गड्ढा,VIDEO – AajTak

Feedback
राजस्थान की राजधानी जयपुर में मानसून की पहली तेज बारिश ने शहर के विकास कार्यों की हकीकत उजागर कर दी. कुछ घंटों की बारिश के बाद शहर की सबसे व्यस्त और लाइफलाइन मानी जाने वाली टोंक रोड अचानक बीचों-बीच धंस गई. सड़क धंसते ही वहां करीब 20 फीट चौड़ा और 10 फीट गहरा विशाल गड्ढा बन गया, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई.
घटना के समय सड़क पर यातायात सामान्य रूप से चल रहा था. हालांकि राहत की बात यह रही कि जिस वक्त सड़क धंसी, उस समय वहां से कोई भारी वाहन नहीं गुजर रहा था. यदि ऐसा होता तो बड़ा सड़क हादसा हो सकता था.
यह भी पढ़ें: ग्राउंड रिपोर्ट: जयपुर में गरीबों के लिए बने 300 करोड़ के मकान खंडहर, अब नशेड़ियों और अपराधियों का अड्डा
इस घटना ने एक बार फिर सड़क निर्माण की गुणवत्ता, रखरखाव और सरकारी एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद सड़कें पहली बारिश भी नहीं झेल पा रही हैं.
कैलाश टावर के सामने धंसी सड़क, ट्रैफिक किया गया डायवर्ट
यह घटना मुख्य टोंक रोड स्थित कैलाश टावर के सामने हुई. सड़क धंसने की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंच गईं.
सुरक्षा के मद्देनजर क्षतिग्रस्त हिस्से के चारों ओर तत्काल बैरिकेडिंग की गई और प्रभावित मार्ग पर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई. इसके बाद ट्रैफिक को वैकल्पिक मार्गों से डायवर्ट किया गया.
देखें वीडियो…
अचानक ट्रैफिक डायवर्ट होने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. कई वाहन चालकों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए लंबा चक्कर लगाना पड़ा, जिससे आसपास के मार्गों पर भी यातायात का दबाव बढ़ गया.
सीवरेज और गैस पाइपलाइन के काम पर उठे सवाल
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि जिस स्थान पर सड़क धंसी, वहां पहले सीवरेज लाइन और गैस पाइपलाइन बिछाने का कार्य किया गया था.
बताया जा रहा है कि इन पाइपलाइनों के लिए बनाए गए डक्ट को तकनीकी मानकों के अनुरूप सही तरीके से नहीं भरा गया था. मानसून की पहली बारिश में पानी रिसकर डक्ट के भीतर पहुंच गया, जिससे नीचे की मिट्टी धीरे-धीरे कमजोर होती चली गई.
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि निर्माण कार्य तय तकनीकी मानकों के अनुसार किया गया होता तो सड़क इस तरह नहीं धंसती. शुरुआती जांच में लापरवाही की आशंका भी जताई जा रही है.
युद्धस्तर पर मरम्मत शुरू, 24 घंटे में सड़क खोलने का दावा
घटना की जानकारी मिलते ही जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) और संबंधित विभागों की टीमें मौके पर पहुंच गईं. भारी मशीनों की मदद से गड्ढे को भरने और सड़क की मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया.
अधिकारियों का कहना है कि प्रभावित हिस्से को अगले 24 घंटे के भीतर पूरी तरह दुरुस्त कर आम लोगों के लिए खोलने का प्रयास किया जा रहा है. तब तक सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग जारी रहेगी.
प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है ताकि मरम्मत कार्य के दौरान किसी तरह की अप्रिय घटना न हो और यातायात व्यवस्था भी सुचारु बनी रहे.
पहली बारिश ने तैयारियों पर खड़े किए सवाल
टोंक रोड पर सड़क धंसने की यह घटना अकेली नहीं रही. शुक्रवार की बारिश के बाद जयपुर के कई अन्य इलाकों से भी सड़क धंसने और जलभराव की शिकायतें सामने आई हैं.
मानसून की पहली ही बारिश में शहर की सड़कों की हालत बिगड़ने से नगर निगम, जयपुर विकास प्राधिकरण और अन्य संबंधित एजेंसियों की तैयारियों पर सवाल उठने लगे हैं.
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब करोड़ों रुपये खर्च कर बनाई गई सड़कें पहली बारिश में ही जवाब दे रही हैं, तो निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. उनका मानना है कि जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय किए बिना ऐसी घटनाओं पर रोक लगाना मुश्किल होगा.
Copyright © 2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today
होम
वीडियो
लाइव टीवी
न्यूज़ रील
मेन्यू
मेन्यू

source.freeslots dinogame telegram营销

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Toofani-News