मुजफ्फरपुर। मिठनपुरा थाने के बेला कन्हौली मोड़ स्थित निजी आवास पर शनिवार की सुबह अमृता कुमारी (29) की संदिग्ध स्थिति में मौत हो गई। वह दरभंगा के जाले प्रखंड में तैनात बीडीओ मनोज कुमार की पत्नी थीं। घटना की जानकारी मिलते ही लोगों की भीड़ जुट गई। सूचना पर विवाहिता के मायके सीतामढ़ी के परिहार स्थित घर से परिजन भी पहुंच गए। बेटी को जिंदा समझकर परिजन सदर अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद मायके वाले दामाद को वहां बुलाने और उस पर कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा करने लगे。
हंगामे की सूचना पर मिठनपुरा थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मायके वाले से घटना की जानकारी ली। पुलिस ने मायके वालों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। करीब चार घंटे बाद मायके वाले शांत हुए, जिसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए एसकेएमसीएच भेजा।
मृतका की मां ने पुलिस को बताया कि उसकी बेटी की शादी 2023 में पियर इलाके के रहने वाले मनोज कुमार से हुई थी। वर्तमान में मनोज जाले प्रखंड में बीडीओ हैं। मां ने आरोप लगाया कि दामाद का किसी दूसरी महिला के साथ संबंध था। अमृता इसका विरोध करती थी, जिसके कारण उसे प्रताड़ित किया जाता था। मां ने आरोप लगाया कि इसी विरोध के चलते अमृता को जहर देकर मार डाला गया। इधर, मिठनपुरा थानेदार अजय कुमार ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के लिए एफएसएल की टीम को बुलाया गया था। शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है। देर शाम तक परिजनों का बयान दर्ज नहीं हो सका था।
बयान दर्ज करने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम और एफएसएल की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, ताकि मौत के असली कारणों का खुलासा हो सके। इस संबंध में बात करने के लिए बीडीओ मनोज कुमार को कई बार फोन किया गया, पर उनका फोन बंद आ रहा था।
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