गणित के सवालों से छूटे पसीने, पहली पारी में बंधे रहे परीक्षार्थी; हिंदी-अंग्रेजी ने दी राहत – Dainik Bhaskar

राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड, जयपुर द्वारा आयोजित लिपिक ग्रेड-II, कनिष्ठ सहायक संयुक्त सीधी भर्ती परीक्षा-2026 रविवार को उदयपुर जिले के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर दो पारियों में शांतिपूर्वक संपन्न हुई। परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों में भारी उत्साह देखा
प्रथम पारी के प्रश्नपत्र में सामान्य ज्ञान, गणित, सामान्य विज्ञान, समसामयिक, तथा राजस्थान एवं भारत के भूगोल से जुड़े संतुलित स्तर के प्रश्न पूछे गए थे। हालांकि, कूट मिलाने वाले, सही-गलत कथन और सही मिलान वाले प्रश्नों की संख्या पर्याप्त रही। सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण गणित का भाग रहा, जिसमें कथन-कारण और कूट चयन वाले प्रश्नों ने अभ्यर्थियों को समय प्रबंधन के मामले में बांधे रखा और कई अभ्यर्थी हतप्रभ नजर आए।
द्वितीय पारी के प्रश्नपत्र में हिंदी और अंग्रेजी विषयों के कुल 150 प्रश्न पूछे गए (प्रत्येक विषय से 75 प्रश्न)। इस प्रश्नपत्र का स्तर तुलनात्मक रूप से मध्यम रहा, जिससे पहली पारी के तनाव के बाद अभ्यर्थियों ने राहत की सांस ली।
5वें विकल्प के लिए मिले 10 मिनट अतिरिक्त, खाली छोड़ा तो डिबार का नियम
इस बार परीक्षा में प्रत्येक प्रश्न के पांच विकल्प दिए गए थे। यदि अभ्यर्थी किसी प्रश्न का उत्तर नहीं देना चाहता था, तो उसे पांचवां विकल्प (अनुत्तरित प्रश्न का सर्किल) भरना अनिवार्य था। इसके लिए बोर्ड द्वारा 10 मिनट का अतिरिक्त समय भी दिया गया।
गलत उत्तर देने, एक से अधिक विकल्प चुनने या सभी पांचों सर्किल खाली छोड़ने पर एक-तिहाई अंक काटने का नियम था। वहीं, 10% से अधिक (यानी 15 से अधिक) प्रश्नों में सभी सर्किल खाली छोड़ने वाले अभ्यर्थियों को परीक्षा से डिबार (निष्कासित) करने का कड़ा प्रावधान भी लागू रहा। इसके अलावा, किसी भी प्रश्न में भाषाई अस्पष्टता होने पर केवल अंग्रेजी संस्करण को ही मान्य घोषित किया गया।
एक्सपर्ट बोले- 72 सेकंड में हल करना था एक प्रश्न, नेगेटिव मार्किंग का खौफ
मेवाड़ और वागड़ से जुड़े इन प्रमुख प्रश्नों ने बढ़ाई परीक्षा की गरिमा : } वागड़ की मीरा : राजस्थान की प्रसिद्ध कवियित्री गवरी बाई को “वागड़ की मीरा” के रूप में जाना जाता है।
} हल्दीघाटी का वीर योद्धा : हल्दीघाटी के ऐतिहासिक युद्ध (1576) में मुग़ल शासक अकबर की सेना का वीरतापूर्वक सामना कर उसे पराजित करने वाले शासक महाराणा प्रताप थे।
} एक जिला एक उत्पाद : इस कार्यक्रम के तहत प्रतापगढ़ जिले का मिलान प्रसिद्ध थेवा कला से किया गया।
} खनन क्षेत्र और खनिज : उदयपुर का प्रसिद्ध जावर खनन क्षेत्र जिंक और लेड (जस्ता और सीसा) खनिज के लिए जाना जाता है।
} औद्योगिक गलियारा : वस्त्र नगरी भीलवाड़ा औद्योगिक क्षेत्र अपने हथकरघा बुनाई, कपड़े की रंगाई के लिए प्रसिद्ध है।
} सौ द्वीपों का क्षेत्र : राजस्थान के बांसवाड़ा जिले को सौ द्वीपों का क्षेत्र कहा जाता है।
} लोदी सेना को हराने वाला राजा : बाड़ी (धौलपुर) के युद्ध में दिल्ली के इब्राहिम लोदी की सेना को परास्त करने वाले उत्तरी भारत के शक्तिशाली राजा महाराणा सांगा थे।
} मेजा बांध: यह प्रसिद्ध बांध कोठारी नदी पर स्थित है।
} जनगणना 2011 का सच : वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार, डूंगरपुर जिले में लिंगानुपात राष्ट्रीय औसत से अधिक था।
} संस्थान व विभाग का मिलान : शहरों के मिलान में खनिज, सीमा शुल्क और उत्पाद शुल्क विभाग का संबंध उदयपुर शहर से पाया गया।
} मीठे पानी की सबसे बड़ी झील : राजस्थान में मीठे पानी की सबसे बड़ी झील के रूप में जयसमंद झील को सबसे उपयुक्त विकल्प माना गया।
माय मिशन (नि:शुल्क, उदयपुर) के विश्लेषक शुभम जैन एवं प्राचार्य संजय लुणावत के अनुसार, प्रत्येक प्रश्नपत्र 100 अंकों का था, जिसमें 150 प्रश्नों को हल करने के लिए 3 घंटे (180 मिनट) का समय दिया गया था। इस प्रकार हर प्रश्न के लिए औसतन 72 सेकंड का समय मिला। परीक्षा में 1/3 (एक तिहाई) ऋणात्मक अंकन (नेगेटिव मार्किंग) का प्रावधान होने के कारण अभ्यर्थियों ने काफी फूंक-फूंक कर कदम रखे।
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