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समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे को सोशल मीडिया पर किए गए एक पोस्ट को लेकर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है. यह विवाद अयोध्या चढ़ावा गड़बड़ी मामले के आरोपी रामशंकर उर्फ टिन्नू यादव से जुड़ी पोस्ट को लेकर है.
अखिलेश यादव ने X पर पोस्ट करते हुए कहा कि जिस तरह सत्ता पक्ष के सांसद को संसदीय विशेषाधिकार प्राप्त हैं, उसी तरह विपक्ष के सांसद को भी समान अधिकार हैं. उन्होंने कहा कि भगवान राम की मर्यादा, सामाजिक शिष्टाचार और संसदीय परंपराओं का सम्मान करते हुए निशिकांत दुबे को 10 मिनट का समय दिया जाता है कि वे अपनी “झूठी पोस्ट” हटा लें, अन्यथा उनके खिलाफ तुरंत FIR दर्ज कराई जाएगी.
अखिलेश के पोस्ट का जवाब देते हुए निशिकांत ने कहा, ‘जल्दी करिए, इतना परेशान क्यों हैं? प्रश्न ही तो पूछा है? 1990 में राम भक्त पर गोली किसने चलवाई? मैं अदालत जाऊंगा.’
जल्दी करिए, इतना परेशान क्यों हैं? प्रश्न ही तो पूछा है? 1990 में राम भक्त पर गोली किसने चलवाई? मैं अदालत जाऊँगा https://t.co/UaufKjKNUy
‘अदालतों के चक्कर लगाने पड़ेंगे तो कोई नहीं आएगा’
सपा प्रमुख ने उन लोगों को भी चेतावनी दी जिन्होंने इसी तरह के आरोपों वाले पोस्ट सोशल मीडिया पर साझा किए हैं. उन्होंने कहा कि ऐसे लोग पोस्ट हटाकर सार्वजनिक रूप से माफी मांगें, नहीं तो कानूनी कार्रवाई के लिए तैयार रहें. अखिलेश ने कहा कि बीजेपी नेता किसी का साथ नहीं देते और अदालतों के चक्कर लगाने पड़ेंगे तो कोई मदद के लिए नहीं आएगा.
उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी और उसके समर्थक समाजवादी पार्टी के PDA (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) सामाजिक गठबंधन को बदनाम करने के लिए झूठ फैला रहे हैं. उन्होंने कहा कि PDA समाज एकजुट होकर इसका जवाब देगा.
अखिलेश यादव ने यह भी आरोप लगाया कि “चढ़ावा चोरों का गिरोह” जनता के गुस्से से डरकर छिपा हुआ है और विपक्ष के खिलाफ साजिश रच रहा है. उन्होंने दुनिया भर के राम भक्तों, सनातन धर्म के अनुयायियों, अयोध्या के संतों, सुप्रीम कोर्ट, लोकसभा अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश और अयोध्या की जनता तथा PDA समाज से इस मामले का संज्ञान लेने की अपील की.
उधर, पुलिस के अनुसार रामशंकर उर्फ टिन्नू यादव अयोध्या के कथित चढ़ावा चोरी मामले के प्रमुख आरोपियों में शामिल है. वह पहले श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का निजी ड्राइवर था, लेकिन बाद में मंदिर प्रशासन और वीआईपी प्रबंधन से जुड़ा करीबी सहयोगी बन गया. पुलिस का आरोप है कि उसे चढ़ावे की गिनती वाले कमरे और दान पात्रों की चाबियों तक अनधिकृत पहुंच थी, जिससे गिनती में हेराफेरी संभव हुई.
हालांकि, टिन्नू यादव की पत्नी पूनम यादव ने दावा किया है कि उनके पति निर्दोष हैं और बड़े लोगों को बचाने के लिए उन्हें इस मामले में झूठा फंसाया गया है.
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