5,3,9,2,4,5,2.., यह कोई मोबाइल नंबर नहीं, इंडिया के बैटर्स का स्कोर है, बना दिया इतिहास का दूसरा सबसे लोएस्ट टोटल – Hindustan

भारत और इंग्लैंड की बीच पांच मैचों की सीरीज का तीसरा मैच नॉटिंघम में खेला गया जहां भारतीय टीम को 125 रनों से करारी हार झेलनी पड़ी। भारत कुल 76 रनों के स्कोर पर सिमट गया, जो टी-20 क्रिकेट के इतिहास में मेन इन ब्लू का दूसरा सबसे कम स्कोर बन गया है। इससे पहले टीम इंडिया 74 के स्कोर पर साल 2008 में मेलबर्न ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आउट हुई थी। यह अब भी भारत का सबसे कम स्कोर है। इसके बाद नॉटिंघम के मैच के स्कोर का नंबर आता है, जो दूसरा सबसे कम टोटल बन गया है। भारत का टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में तीसरा सबसे कम स्कोर 79 रन है, जो साल 2016 में नागपुर में न्यूजीलैंड के खिलाफ आया था। भारतीय टीम का चौथा सबसे कम स्कोर 92 रन दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ है, जो कटक में साल 2015 में आया था। भारत 101 रन के स्कोर में श्रीलंका के खिलाफ 2016 में पुणे में आउट हुआ था, जो टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पांचवां सबसे कम टोटल है। जिम्बाब्वे के खिलाफ भी इंडिया साल 2016 में 102 रनों पर ऑलआउट हो गई थी जो भारत का 6वां सबसे कम स्कोर है।
74 बनाम ऑस्ट्रेलिया, मेलबर्न, 2008
76 बनाम इंग्लैंड, ट्रेंट ब्रिज, 2026
79 बनाम न्यूज़ीलैंड, नागपुर, 2016
92 बनाम दक्षिण अफ्रीका, कटक, 2015
101 बनाम श्रीलंका, पुणे, 2016
102 बनाम ज़िम्बाब्वे, हरारे, 2024
नॉटिंघम में मंगलवार, 7 जुलाई को खेले गए मुकाबले में भारत के कप्तान श्रेयस अय्यर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। इंग्लैंड ने बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 201 रन बना दिए। 202 के लक्ष्य के जवाब में भारतीय टीम ताश के पत्तों की तरह ढेर हो गई। 11 में से सिर्फ चार बल्लेबाज ही दहाई का आंकड़ा पार कर सके। बाकी सात ईकाई के अंक तक ही रह गए। अभिषेक शर्मा और अक्षर पटेल ने मुश्किल से दहाई का आंकड़ा छुआ और 10-10 रन बनाए। वैभव सूर्यवंशी और ईशान किशन ने सर्वाधिक 13-13 रन बनाए। इसके अलावा कोई भी बैटर दहाई तक नहीं पहुंचा। कप्तान श्रेयस अय्यर 5, तिलक वर्मा 3, हर्षित राणा 9, शिवम दुबे 2, अर्शदीप सिंह 4, वरुण चक्रवर्ती 5, प्रिंस यादव 2 रन बनाए। यह किसी मोबाइल नंबर की तरह लगता है। एक क्रम में लिखें तो 5,3,9,2,4,5,2..,किसी टीम के स्कोरकार्ड की तरह नहीं बल्कि मोबाइल नंबर की तरह ही दिखाई देता है, टीम इंडिया का ऐसी गति हुई है।
विमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार

संक्षिप्त विवरण
विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।

विस्तृत बायो

परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
विमलेश ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान से अपनी शिक्षा ग्रहण की है। वे 2021-22 बैच के भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के छात्र रहे हैं। उन्होंने इस नामी संस्थान से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है। इसके बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ही मास्टर्स यानी (M.A) की डिग्री भी हासिल की है। इन्होंने अपना ग्रेजुएशन मध्य प्रदेश के नामचीन साइंस कॉलेजों में से एक होलकर साइंस कॉलेज से किया है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही विमलेश की दिलचस्पी साहित्य और पत्रकारिता की ओर जागृत होने लगी थी। यही कारण था कि ग्रेजुएशन के दिनों में ही उन्होंने दैनिक चैतन्यलोक नामक इंदौर की क्षेत्रीय पत्रिका में काम करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद उन्होंने दैनिक भास्कर में बतौर कॉपी एडिटर ट्रेनिंग ली। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से मास मीडिया में इंटर्नशिप की। विमलेश कुमार भुर्तिया को कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है।

खेल पत्रकारिता और पत्रकारिता का उद्देश्य
विमलेश खेल से जुड़ी तमाम तरह की स्टोरीज पाठकों तक पहुंचाते हैं, जिनमें तथ्यों की स्पष्टता होती है और सकारात्मक विश्लेषण भी शामिल होता है। ये क्रिकेट की दुनिया का अच्छा ज्ञान रखते हैं और राजनीति में गहरी दिलचस्पी है। राजनीति और क्रिकेट में घट रही घटनाओं का विश्लेषण करना उनकी तह तक जाना विमलेश को पसंद है। उनका मानना है कि एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी तथ्यपरकता (Fact-checking) है। चाहे वह चकाचौंध से भरा क्रिकेट जगत हो या अन्य खेल और खिलाड़ियों का जीवन। बतौर खेल पत्रकार यह कसौटी हर वक्त बनी रहनी चाहिए कि लेखन हमेशा प्रमाणिक हो। उनकी रिपोर्टिंग का उद्देश्य पाठकों को न केवल सूचित करना है, बल्कि उन्हें सही और सुरक्षित जानकारी के माध्यम से सशक्त बनाना भी है। पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य सूचना, शिक्षा और मनोरंजन होता है और इन्हीं उद्देश्यों को पूरा करना एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी होनी चाहिए।
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