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पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों के बीच पार्टी के प्रदेश प्रभारी और कांग्रेस महासचिव भूपेश बघेल ने साफ कर दिया है कि राज्य नेतृत्व में कोई बदलाव नहीं होगा. उन्होंने कहा कि हाईकमान का फैसला अंतिम होता है और इसे बार-बार नहीं बदला जा सकता.
चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत के दौरान बघेल ने कहा, ‘जब हाईकमान ने फैसला ले लिया है, तो उसे बदला नहीं जाएगा. क्या यह कोई गुड्डा-गुड़िया का खेल है कि बार-बार निर्णय बदल दिया जाए?’ उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष के पद पर किसी बदलाव का सवाल ही नहीं उठता.
चन्नी से जल्द करेंगे मुलाकात
भूपेश बघेल ने बताया कि उनकी जल्द ही पूर्व मुख्यमंत्री और जालंधर सांसद चरणजीत सिंह चन्नी से मुलाकात होगी. चन्नी को हाल ही में पंजाब कांग्रेस की चुनाव अभियान समिति का अध्यक्ष बनाया गया है. हालांकि, प्रदेश अध्यक्ष नहीं बनाए जाने को लेकर उनके नाराज होने की चर्चाएं चल रही हैं. 1 जुलाई को कांग्रेस हाईकमान ने अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद पर बरकरार रखा था, जबकि चन्नी को चुनाव अभियान समिति की जिम्मेदारी सौंपी गई थी.
बैठक में नहीं पहुंचे चन्नी
बघेल पांच दिन के पंजाब दौरे पर हैं और कई वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर चुके हैं. हालांकि, चन्नी अब तक उनकी बैठकों में शामिल नहीं हुए. दूसरी ओर, चन्नी के करीबी माने जाने वाले कई नेताओं ने हाल ही में मोहाली में बैठक कर उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने की मांग दोहराई थी.
संगठन मजबूत करने पर फोकस
बघेल ने बताया कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी और जिला अध्यक्षों की बैठकों में हाईकमान के फैसले का समर्थन किया गया. सभी नेताओं ने राजा वड़िंग को प्रदेश अध्यक्ष बनाए रखने और कार्यकारी अध्यक्षों की नियुक्ति का स्वागत किया.
इस दौरान बघेल और राजा वड़िंग ने पार्टी नेताओं के साथ बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने, कार्यकर्ताओं के साथ बेहतर तालमेल बनाने और ‘मिशन 2027’ की तैयारियों पर भी विस्तृत चर्चा की. राजा वड़िंग ने कहा कि चरणजीत सिंह चन्नी और सुखजिंदर सिंह रंधावा जैसे वरिष्ठ नेताओं के साथ कोई मतभेद नहीं है और जल्द ही सभी एकजुट नजर आएंगे.
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