दिघलबैंक। एक संवाददाता सामरिक और आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण भारत-नेपाल सीमा सुरक्षा सड़क परियोजना एक बार फिर निर्धारित समय सीमा में पूरी नहीं हो सकी। जून माह के अंत तक कार्य पूरा करने की अंतिम समय-सीमा समाप्त हो गई, लेकिन करीब 13 वर्ष पहले शुरू हुई इस महत्वाकांक्षी परियोजना का निर्माण अब भी अधूरा है। किशनगंज जिला में करीब 80 किलोमीटर लंबी यह सड़क जिले के टेढ़ागाछ, दिघलबैंक और ठाकुरगंज प्रखंड के सीमावर्ती क्षेत्रों से होकर गुजरती है। कंचनबाड़ी सहित कई स्थानों पर पुलों का निर्माण कार्य जारी है, जबकि हाथीडुब्बा और हाफिज टोला में एप्रोच पथ अब भी अधूरा है। वर्ष 2017 की बाढ़ के बाद संशोधित प्राक्कलन के तहत बनाए जा रहे अधिकांश पुल पूरे हो चुके हैं, लेकिन कनकई नदी पर कंचनबाड़ी और हाड़ीभिट्ठा पुल का निर्माण अभी बाकी है।
दिघलबैंक बाजार के समीप बेरबन्ना पुल के एप्रोच पथ को लेकर भी विवाद बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि यहां अंडरपास का निर्माण नहीं हुआ तो बेरबन्ना-दिघलबैंक संपर्क मार्ग बाधित हो जाएगा, जिससे सैकड़ों लोगों की आवाजाही प्रभावित होगी। इसी कारण इस हिस्से का कार्य भी लंबित है।
परियोजना की समय-सीमा पहले दिसंबर 2025, फिर मार्च 2026 और अंतत: जून 2026 तय की गई थी, लेकिन भूमि अधिग्रहण, 2017 की बाढ़ के बाद पुल-पुलियों के पुनर्निर्माण, संशोधित स्वीकृति मिलने में देरी तथा नेपाल क्षेत्र में भारी बारिश से बार-बार डायवर्सन टूटने जैसी वजहों से कार्य पूरा नहीं हो सका।
भारत नेपाल सीमा पर तैनात एसएसबी की उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम सहित कुल छ: राज्यों में फैली 455 सीमा चौकियों को मिलाने वाली यह सीमा सुरक्षा सड़क एसएसबी की सीमा चौकियों को जोड़ने के साथ-साथ तस्करी, मानव तस्करी, मादक पदार्थों और अन्य अवैध गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से अधूरी पड़ी इस परियोजना के शीघ्र पूरा होने से सीमावर्ती क्षेत्रों में आवागमन, सुरक्षा और विकास तीनों को नई गति मिलेगी।
इस खबर पर आपकी क्या राय है?
आरएसएसविज्ञापन र॓टहमार॓ साथ काम करेंहमारे बारे मेंसंपर्क करेंगोपनीयतासाइट जानकारी
Advertise with usAbout usCareers Privacy Contact usSitemapCode Of Ethics
Partner sites: Hindustan TimesMintHT TechShineHT AutoHealthshotsHT SmartcastFAB Play