ईरान-पाकिस्तान बॉर्डर से नॉर्थ-वेस्ट इंडिया की ओर बढ़ा धूलभरा तूफान! दिल्ली की हवा हुई 'खराब' – AajTak

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राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में रविवार से हवा की क्वालिटी अचानक खराब हो गई है. इसका मुख्य कारण ईरान, अफगानिस्तान और पाकिस्तान के पास से उठा धूल भरा तूफान है, जो उत्तर-पश्चिम भारत की ओर बढ़ रहा है. इससे दिल्ली-एनसीआर में पीएम10 (धूल के कण) की मात्रा बहुत बढ़ गई है.
कमिशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) की सब-कमिटी ने बताया कि लंबी दूरी का ट्रांसबाउंड्री मिनरल डस्ट ट्रांसपोर्ट हो रहा है. पाकिस्तान-अफगानिस्तान-ईरान इलाके से शुरू हुए इस तूफान ने उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित किया है. रविवार शाम 4 बजे तक दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 200 के ऊपर पहुंच गया है, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है. कुछ जगहों पर AQI 261 तक रिकॉर्ड किया गया. 
बता दें कि 10 जुलाई को दिल्ली-एनसीआर की हवा इतनी साफ हो गई थी जितनी पिछले तीन साल में कभी नहीं रही लेकिन दो दिन बाद ही दिल्ली के वातावरण में हवा की गुणवत्ता धराशायी हो गई है. 13 जुलाई यानी सोमवार सुबह 10 बजे उमंग एप्लीकेशन के मुताबिक, 131 AQI था. जबकि स्मार्टफोन मॉनिटरिंग में वायु गुणवत्ता 30 के ऊपर दिखाई दे रही है.
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कमिशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) की ओर से रविवार को आयोजित सब-कमिटी की समीक्षा में पाया गया कि अफगानिस्तान, ईरान और पाकिस्तान के निकट उत्पन्न धूल भरा तूफान उत्तर-पश्चिम भारत, जिसमें दिल्ली भी शामिल है, की ओर बढ़ा है. जिसकी वजह से वातावरण में PM₁₀ कणों की सांद्रता में बढ़ोतरी हुई है. इसके अलावा, दिल्ली-एनसीआर सहित पूरे इंडो-गंगा के मैदानी इलाकों में तेज हवाएं चल रही हैं, जिसकी वजह से दिल्ली की वायु गुणवत्ता ‘खराब’ श्रेणी में है. हालांकि, अगले 2-3 दिनों में सीमापार धूल का प्रभाव कम होने की संभावना है.
 
पूर्वानुमान के मुताबिक, दिल्ली की एयर क्वालिटी में अगले एक-दो दिनों में सुधार की संभावना उम्मीद है. इन परिस्थितियों को देखते हुए, उप-समिति ने GRAP के चरण-I (GRAP Stage-I) को लागू नहीं किया है, क्योंकि वायु गुणवत्ता में वर्तमान गिरावट का प्रमुख कारण सीमापार धूल है. हालांकि, दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) तथा संबंधित राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों (SPCB) को ज़मीनी स्तर पर धूल नियंत्रण उपायों को और अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं.
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, इस तरह के धूल भरे तूफान गर्मियों और मॉनसून में आम हैं. इस बार यह तूफान बहुत दूर से आया है. तेज हवाओं ने रेगिस्तानी इलाकों से बारीक धूल के कण उठाए और उन्हें दूर तक पहुंचा दिया है. 
दिल्ली की हवा सोमवार को लगातार दूसरे दिन ‘खराब’ श्रेणी में है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, शहर का औसत AQI 294 दर्ज किया गया है. बता दें कि 0 से 50 AQI अच्छा,  51 से 100 संतोषजनक, 101 से 200 मध्यम, 201 से 300 खराब, 301 से 400 बहुत खराब और 401 से 500  गंभीर श्रेणी में माना जाता है.
 
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