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तमिलनाडु के नागरकोइल में न्यायिक हिरासत के दौरान एक आरोपी की संदिग्ध मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. अवैध गुटखा बेचने के आरोप में गिरफ्तार किए गए सबरीवर्मन की जेल के भीतर मौत हो गई. फिलहाल मौत की असली वजह सामने नहीं आई है. पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ हो सकेगी.
सबरीवर्मन को पुलिस ने अवैध गुटखा बिक्री के मामले में गिरफ्तार किया था. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह तीसरी बार था जब उसके खिलाफ इसी तरह का मामला दर्ज किया गया था. गिरफ्तारी के बाद उसे 9 जुलाई को जिला अदालत में पेश किया गया, जहां से कोर्ट ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया था. इसके बाद उसे जेल में रखा गया था.
13 जुलाई की तड़के जेल प्रशासन को सबरीवर्मन मृत अवस्था में मिला. घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे. एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी ने पुष्टि की कि मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका पता लगाने के लिए जेल के अंदर लगे CCTV कैमरों की फुटेज की जांच की जाएगी. अधिकारी ने कहा कि यह भी देखा जाएगा कि इस मामले में किसी पुलिसकर्मी या सह-कैदी की कोई भूमिका तो नहीं थी.
मामले के एक प्रत्यक्षदर्शी ने दावा किया कि सबरीवर्मन के शरीर पर बाहर से दिखाई देने वाली करीब चार चोटों के निशान थे. हालांकि अधिकारियों ने इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और पुलिस का कहना है कि मौत की वास्तविक वजह मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी. वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी ने यह भी बताया कि सबरीवर्मन हल्के शारीरिक रूप से दिव्यांग थे.
इस घटना के बाद तमिलनाडु की राजनीति भी गरमा गई है. डीएमके नेता ने इस मामले की निंदा करते हुए पुलिस के रवैये पर सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस का व्यवहार ऐसा प्रतीत होता है मानो आम लोगों के लिए एक कानून है और टीवीके (TVK) के सदस्यों के लिए दूसरा कानून.
इस बयान के बाद मामले को लेकर राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है. अब सभी की नजर CCTV फुटेज और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी है, जिनसे इस मौत की असली वजह सामने आने की उम्मीद है.
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