फिर सोना उगलेगी धरती! 25 साल से बंद पड़ी गोल्ड माइन पर आया बड़ा अपडेट, भारत को फायदा-ही-फायदा – India.Com

Published By: Gargi Santosh | Updated: Jul 18, 2026, 6:37 PM
पिछले 25 साल से बंद पड़ी रामागिरि गोल्ड माइन को फिर से शुरू करने की तैयारी है. आंध्र प्रदेश के श्री सत्य साई जिले में स्थित यह सोने की खान कभी भारत की प्रमुख गोल्ड माइनिंग बेल्ट मानी जाती थी. साल 2000 में यहां खनन कार्य बंद कर दिया गया था, लेकिन अब राज्य सरकार ने इसे दोबारा शुरू करने के लिए जरूरी कदम उठा रही है. अगर योजना सफल होती है, तो यह भारत के गोल्ड सेक्टर के लिए बड़ी उपलब्धि साबित हो सकती है.
रामागिरि गोल्ड माइन का संचालन भारत गोल्ड माइंस लिमिटेड (BGML) के पास था, जिसने 1982 से 2002 तक यहां का माइनिंग लीज संभाला. हालांकि, खनन गतिविधियां साल 2000 में ही रोक दी गई थीं. उस समय कम गुणवत्ता वाले अयस्क (Ore) से सोना निकालना महंगा और घाटे का सौदा माना जाता था. अब आधुनिक माइनिंग तकनीक और अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की लगातार बढ़ती कीमतों ने इस परियोजना को दोबारा आर्थिक रूप से फायदेमंद बना दिया है.
भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण विभाग (Geological Survey of India) की हालिया वैज्ञानिक रिपोर्ट के मुताबिक, रामागिरि गोल्ड बेल्ट करीब 150 किलोमीटर तक फैली हुई है. अधिकारियों के अनुसार, यहां करीब 11.4 लाख टन सोना युक्त अयस्क (Gold Ore) मौजूद है. इसमें औसतन प्रति टन चार ग्राम सोना मिलने का अनुमान है. कुल मिलाकर यहां करीब 9.1 टन सोने का भंडार हो सकता है.
विशेषज्ञों का कहना है कि सिर्फ नई खुदाई ही नहीं, बल्कि पहले की माइनिंग के दौरान निकाले गए खनिज युक्त मलबे (Waste Dumps) से भी बड़ी मात्रा में सोना निकाला जा सकता है. शुरुआती सर्वे में ऐसे 4.16 लाख टन से ज्यादा मलबे की पहचान हुई है. नई तकनीक की मदद से इस मलबे में बचा हुआ सोना भी निकाला जा सकता है, जिसे पहले निकालना संभव नहीं था.
हाल ही में राज्य के खनन मंत्री कोल्लू रविंद्र ने रामागिरि क्षेत्र का दौरा किया. इसके बाद स्थानीय लोगों और विशेषज्ञों को उम्मीद है कि बंद पड़ी गोल्ड माइन जल्द ही फिर से चालू हो सकती है. सरकार इस परियोजना की व्यवहार्यता (Feasibility) पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करवा रही है. अगर सभी तकनीकी और आर्थिक पहलू अनुकूल पाए गए, तो आने वाले समय में यहां दोबारा बड़े स्तर पर खनन शुरू किया जा सकता है.
अगर रामागिरि गोल्ड माइन फिर से शुरू होती है, तो इसका फायदा सिर्फ आंध्र प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश को मिलेगा. इससे घरेलू सोना उत्पादन बढ़ेगा, विदेशों से सोने के आयात पर निर्भरता कम हो सकती है और सरकार को राजस्व में बढ़ोतरी होगी. इसके अलावा हजारों लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी. (Photos from Magnific)
Subscribe to Our Newsletter Today!
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.
© 1998-2026 INDIADOTCOM DIGITAL PRIVATE LIMITED, ALL RIGHTS RESERVED

source.freeslots dinogame telegram营销

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Toofani-News