सोनभद्र स्थित एनटीपीसी विंध्याचल के राजभाषा अनुभाग ने सोमवार को रसायन और सीएचपी विभागों में हिंदी कार्यशालाओं का आयोजन किया। कार्यशालाओं का उद्देश्य कार्यालयीन कार्यों में राजभाषा हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देना तथा कर्मचारियों को राजभाषा संबंधी नियमों और डिजिटल संसाधनों की जानकारी देना था।
रसायन विभाग में आयोजित कार्यशाला में राजभाषा विभाग के अधिकारियों ने प्रतिभागियों को राजभाषा नियम, 1976 के सभी 12 नियमों और राजभाषा अधिनियम की धारा 3(3) के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी दी। साथ ही कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के प्रयोग को आसान बनाने के लिए विभिन्न ई-टूल्स का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया।
कार्यशाला के दौरान लीला सॉफ्टवेयर, लीला पोर्टल और कंठस्थ 2.0 जैसे भारतीय भाषा आधारित डिजिटल टूल्स के उपयोग और उनके लाभों पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रतिभागियों को ई-ऑफिस में हिंदी टंकण से संबंधित व्यावहारिक जानकारी भी प्रदान की गई।
रसायन विभागाध्यक्ष टी.एन. सीतारमण ने अध्यक्षीय संबोधन में हिंदी को सरल और व्यवहारिक भाषा बताते हुए अधिकारियों एवं कर्मचारियों से कार्यालयीन कार्यों में राजभाषा हिंदी का अधिकतम प्रयोग करने और राजभाषा संबंधी संवैधानिक एवं वैधानिक प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने की अपील की।
वहीं, एम. सुरेश मणिकम ने हिंदी को जनप्रिय भाषा बताते हुए राजभाषा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन और कार्यालयीन कार्यों में इसके अधिकाधिक उपयोग पर बल दिया।
कार्यशाला का संचालन सहायक राजभाषा अधिकारी कल्याण सिंह ने किया। अंत में अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपने दैनिक कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने तथा राजभाषा के प्रचार-प्रसार में सक्रिय सहयोग का संकल्प लिया।
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