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कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को परीक्षाओं में अनियमितताओं और पेपर लीक के मुद्दे पर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी को भारत के इतिहास का सबसे युवा विरोधी प्रधानमंत्री बताते हुए आरोप लगाया कि वह केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बचा रहे हैं. राहुल गांधी ने दावा किया कि देशभर में 152 परीक्षा प्रश्नपत्र लीक हुए हैं, जिससे करीब 7.5 करोड़ छात्र प्रभावित हुए हैं. उन्होंने कहा कि इतने बड़े संकट के बावजूद अब तक किसी भी जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई है.
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक वीडियो संदेश जारी किया. उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री मोदी भारत के इतिहास के सबसे युवा-विरोधी प्रधानमंत्री हैं- इतने युवा विरोधी कि एक नाकाम शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भी नहीं ले सकते. 152 पेपर लीक, 7.5 करोड़ छात्र पीड़ित, और सजा एक दोषी को भी नहीं. सजा किसे मिली? मेहनती युवाओं को. और जब इन बच्चों ने शिक्षा के जायज सवाल उठाए- तो जवाब में मिली लाठी और हिरासत. लीक करने वाले अपराधी आजाद और वाजिब मुद्दे उठाने वाले छात्र घसीटे जाते हैं, पीटे जाते हैं. यह सरकार सिर्फ युवाओं को नाकाम नहीं कर रही- उनपर टूट पड़ी है.’
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार सिर्फ युवाओं को निराश ही नहीं कर रही, बल्कि उनके विरोध को भी बलपूर्वक दबाने की कोशिश कर रही है. लोकसभा में विपक्ष के नेता की यह टिप्पणी उस दिन आई, जब CJP के ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और दिल्ली पुलिस के बीच झड़प हुई, क्योंकि मार्च में शामिल लोग संसद की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे थे. नीट पेपर लीक और एग्जाम सिस्टम में व्यापक सुधारों की मांग को लेकर दो महीने पहले गठित कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से आयोजित ‘संसद चलो’ मार्च को पुलिस ने संसद मार्ग के पास रोक दिया.
पुलिस के बार-बार हटने के आग्रह के बावजूद प्रदर्शनकारी नहीं माने, जिसके बाद उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया गया. इस दौरान कई प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि झड़प के दौरान पुलिस ने उनके खिलाफ बल प्रयोग किया. वहीं दिल्ली पुलिस का दावा है कि प्रदर्शन के दौरान उसके और पैरामिलिट्री फोर्सेज के 50 से अधिक जवान घायल हुए हैं. दिल्ली पुलिस सूत्रों ने बताया कि अलग-अलग स्थानों से मिली शिकायतों के आधार पर एफआईआर दर्ज की जा रही हैं. अब तक 70 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया हैत्र
इससे पहले दिन में सीजेपी के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात कर उन्हें एक ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की रिहाई, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने और नीट-यूजी पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले अभ्यर्थियों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग की गई है. दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों और आम जनता के लिए एडवाइजरी जारी की है. इसमें कहा गया है, ‘दिल्ली पुलिस ने सभी प्रदर्शनकारियों से संयम बरतने और शांति व कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करने की अपील की है.
दिल्ली पुलिस ने एडवाइजरी जारी करके कहा, ‘सभी प्रदर्शनकारियों से अनुरोध है कि वे शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन करें. किसी भी गैर-कानूनी या हिंसक गतिविधि में शामिल न हों और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों द्वारा दिए गए कानूनी निर्देशों का पालन करें. जनता को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से अफवाहों, गलत जानकारी या अपुष्ट जानकारी पर विश्वास न करें और न ही उन्हें फैलाएं.’ दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि अंगमो और 12 साल की एक बच्ची पर बल प्रयोग के सीजेपी के दावों को झूठा और भ्रामक बताकर खारिज कर दिया.
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