EPFO News: पिछले काफी समय से कई कर्मचारी संगठनों के द्वारा EPS की सैलरी सीमा बढ़ाए जाने की मांग की जा रही थी. जिसे हाल ही में वित्त मंत्रालय ने मंजूरी दे दी है. जिसके बाद कर्मचारियों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा है. अब कर्मचारियों की पीएफ से जुड़ी पेंशन की बचत ज्यादा से ज्यादा हो पाएगी. जिसको लेकर हाल ही में फैसला किया गया है.
क्या है केंद्र सरकार का फैसला?
दरअसल केंद्र सरकार ने कर्मचारियों के लिए EPF और EPS की सैलरी लिमिट बढ़ाने की तैयारी कर ली है. वित्त मंत्रालय ने जरूरी रिटायरमेंट फंड की वेतन सीमा 15 हजार रुपये से बढ़ाकर 25 हजार रुपये हर महीने के हिसाब से करने के प्रस्ता को मंजूरी दे दी है. अब इस प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा. जिसके बाद ही नई सीमा लागू होने की तारीख तय होगी.
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कर्मचारियों को होगा ये फायदा
इस नई सीमा लागू होने से 15 हजार से 25 हजार रुपये तक कमाने वाले बड़ी संख्या में कर्मचारियों को भी भविष्य के लिए बचत और पेंशन की सुविधा मिलेगी. इससे प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा बढ़ सकती है.
कंपनियों पर बढ़ेगा खर्च का बोझ
सरकार के द्वारा किए जा रहे इस बदलाव का असर कंपनियों पर भी पड़ेगा. ज्यादा कर्मचारियों को EPF और EPS में शामिल करने की वजह से कंपनियों को ज्यादा योगदान देना होगा. इससे उनकी पेरोल लागत बढ़ सकती है. EPF व्यवस्था में नियोक्ता बेसिक सैलरी का 8.33 प्रतिशत पेंशन फंड में योगदान करता है, जबकि सरकार 1.16 प्रतिशत का योगदान करती है. ऐसे में कर्मचारियों की संख्या बढ़ने के साथ सरकार का खर्च भी बढ़ सकता है. फाइनेंशियल इयर 2026-27 में EPS के लिए 11,144 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है.
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प्रस्ताव पारित होने पर क्या होगा?
अगर ये प्रस्ताव पारित हो जाता है, तो 15 हजार से 25 हजार तक बेसिक सैलरी पाने वाले कर्मचारी भी अनिवार्य रूप से EPF और EPS के दायरे में आ जाएंगे. अभी 15 हजार रुपये तक की बेसिक सैलरी वाले कर्मचारियों को इन योजनाओं में शामिल होना जरूरी था. इससे ज्यादा कमाने वाले कर्मचारी चाहें तो योजना से बाहर रह सकते थे और उनके नियोक्ता पर उन्हें शामिल करने की कानूनी मजबूरी नहीं होती थी.
कब लागू होगा नियम?
बता दें कि कैबिनेट की मंजूरी के बाद कंपनियों को अपने पेरोल सिस्टम और जरूरी प्रक्रियाओं में बदलाव करने के लिए समय दिया जा सकता है. ऐसे में ये नियम तत्काल प्रभाव से लागू नहीं होगा. फिलहाल उम्मीद की जा रही है कि नई EPF वेतन सीमा 1 अप्रैल 2027 से लागू हो सकती है. हालांकि आखिरी तारीख क्या होगी ये कैबिनेट की मंजूरी और सरकार के फैसले के बाद ही तय होगा.
प्रतीक्षा राणावत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया इंडस्ट्री में करीब 12 वर्षों का अनुभव है. इन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मल्टीमीडिया (B.Sc – Multimedia) में ग्रेजुएशन किया है और इसके बाद जन संचार (Mass Communication) में पोस्ट ग्रेजुएशन भी किया है. अपने करियर की शुरुआत इन्होंने न्यूज़ एंकर के रूप में की, लेकिन समय के साथ लेखन में भी अपनी मजबूत पहचान बनाई. वर्तमान में प्रतीक्षा बिजनेस और यूटिलिटी विषयों के लिए लेखन करती हैं. इसके अलावा इन्होंने लंबे समय तक एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर भी लिखा है. लिखने के साथ- साथ ही इन्हें ट्रैवलिंग, नई चीज़ों को एक्सप्लोर करना और किताबें पढ़ने का भी शौक है
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