25 अमेरिकी राज्यों ने ट्रंप प्रशासन के नए टैरिफ के खिलाफ मुकदमा दायर किया है, इसे अवैध बताते हुए कहा कि यह परिवारों और व्यवसायों पर बोझ बढ़ाएगा। …और पढ़ें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप।
25 अमेरिकी राज्यों ने ट्रंप के नए टैरिफ पर मुकदमा किया।
राज्यों का आरोप, प्रशासन अवैध रूप से टैक्स बढ़ा रहा है।
ट्रंप प्रशासन ने ‘ट्रेड एक्ट 1974’ का हवाला दिया।
डिजिटल डेस्क, वॉशिंगटन। अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के नए टैरिफ के खिलाफ 25 राज्यों ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। इन राज्यों ने भारत समेत 60 देशों से आने वाले सामानों पर लगाए गए 10% से 12.5% तक के आयात शुल्क को अवैध बताते हुए मुकदमा दायर किया है। इतना ही नहीं दायर मुकदमे में कोर्ट से मांग की गई है कि इन टैक्सों पर तुरंत रोक लगाई जाए और जो पैसा वसूला जा चुका है, उसे वापस लौटाया जाए।
राज्यों के अनुसार पिछले महीने अमेरिका ने भारत समेत 59 देशों और यूरोपीय संघ पर भारी आयात कर लगाए थे। प्रशासन का तर्क था कि ये देश जबरन श्रम से बने उत्पादों को रोकने में नाकाम रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले अस्थायी टैक्स लगाए थे, जिनकी मियाद खत्म होने पर अब नए कदम उठाए गए हैं।
न्यूयॉर्क की अटॉर्नी जनरल लेटिटिया जेम्स समेत 25 राज्यों ने इस कदम को अवैध बताया है। उनका कहना है कि इससे अमेरिकी परिवारों और व्यवसायों पर बोझ बढ़ेगा। पिछले साल राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्रेड डेफिसिट को राष्ट्रीय आपातकाल बताकर टैक्स लगाए थे, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया था कि राष्ट्रपति के पास ऐसे कर लगाने का अधिकार नहीं है। इसके बाद सरकार को आयातकों को पैसे रिफंड करने पड़े थे।
गौरतलब है कि पुरानी भरपाई के लिए अब ट्रंप प्रशासन ने ‘ट्रेड एक्ट 1974 के सेक्शन 301’ का इस्तेमाल किया है। इसके तहत अनुचित व्यापार प्रथाओं और जबरन श्रम रोकने में असफल रहने वाले देशों पर 10% से 12.5% तक का टैक्स लगाया गया है। व्हाइट हाउस ने इस कार्रवाई को पूरी तरह वैध बताया है और कहा है कि यह अमेरिकी श्रमिकों और व्यापार को बचाने के लिए जरूरी है।