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दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) ने अपने दो कॉलेजों अदिति महाविद्यालय और भगिनी निवेदिता कॉलेज में एडमिशन के लिए छात्रों को एक और मौका दिया है. खाली बची ग्रेजुएशन की सीटों पर ऑफलाइन मोड में एडमिशन लेने की अनुमति दी है. इन सीटों पर प्रवेश कक्षा 12 के अंकों के आधार पर होगा. यह फैसला सीयूईटी के जरिए हुई सभी प्रवेश प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद भी सीटें खाली रहने की वजह से लिया गया है.
आमतौर पर डीयू में स्नातक प्रवेश केवल सीयूईटी के अंकों और कॉमन सीट एलोकेशन सिस्टम (CSAS) के जरिए ही होता है. लेकिन इस बार इन दो कॉलेजों को खाली सीटें भरने के लिए एक बार की विशेष छूट दी गई है.
शुरू हुए इन कार्यक्रमों में प्रवेश
भगिनी निवेदिता कॉलेज ने 1 अगस्त को नोटिस जारी कर बताया कि बीकॉम,बीए, बीएससी समेत कई स्नातक पाठ्यक्रमों में ऑफलाइन आवेदन लेकर एडमिशन दिया जाएगा. इन कोर्सों में प्रवेश कक्षा 12 के अंकों के आधार पर होगा और सीटें उपलब्ध होने पर ही दाखिला मिलेगा. कॉलेज के अनुसार, आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख 5 अगस्त है. वहीं, दस्तावेजों का वेरिफिकेशन और फीस जमा करने की प्रक्रिया 6 और 7 अगस्त को पूरी की जाएगी.
कॉलेज के अधिकारियों ने कहा कि पिछले कुछ सालों में सीएसएएस काउंसलिंग के कई दौरों के बावजूद सभी उपलब्ध स्नातक सीटों को भरने में विफल रहने के बाद विश्वविद्यालय ने अनुरोध को मंजूरी दे दी.
दोनों कॉलेजों के प्रतिनिधियों ने कहा कि कैंपस में कम एडमिशन होने की वजह से यह कदम उठाया गया है जिसकी एक वजह है लोकेशन है और दूसरा कारण है महिला कॉलेज होने के कारण अपेक्षाकृत कम आवेदन आना भी माना जा रहा है.
भगिनी निवेदिता कॉलेज ने कहा कि सीयूईईटी आधारित काउंसलिंग के कई दौर के बाद भी काफी संख्या में सीटें खाली रह गईं, जिसके चलते संस्थान ने कक्षा 12 की मेरिट के आधार पर प्रवेश की अनुमति मांगी है.
40 प्रतिशत साटें खाली
अदिति महाविद्यालय जो बावाना में स्थित है ने बताया कि सीयूईटी के जरिए प्रवेश के बाद भी उसकी करीब 40% स्नातक सीटें खाली रह गईं. कॉलेज का कहना है कि आसपास के ग्रामीण इलाकों की कई छात्राएं सीयूईटी परीक्षा नहीं देतीं क्योंकि उनके परिवार उन्हें घर से दूर पढ़ने के लिए भेजने में हिचकिचाते हैं. ऐसे में 12वीं में अच्छे अंक लाने वाली कई छात्राएं भी दाखिले से वंचित रह जाती हैं.
विश्वविद्यालय ने साफ किया है कि स्नातक प्रवेश का मुख्य तरीका सीयूईटी ही रहेगा. ऑफलाइन और 12वीं के अंकों के आधार पर दाखिला सिर्फ इस बार खाली सीटें भरने के लिए विशेष अनुमति के तहत दिया जा रहा है. वहीं, भारतीय राष्ट्रीय शिक्षक कांग्रेस (INTEC) ने इस फैसले पर सवाल उठाया है. संगठन का कहना है कि अगर खाली सीटें भरने के लिए यह व्यवस्था बनाई गई है, तो इसका लाभ सिर्फ दो कॉलेजों को नहीं बल्कि सभी कॉलेजों को मिलना चाहिए. INTEC ने कुलपति को पत्र लिखकर सभी कॉलेजों के लिए एक जैसी और पारदर्शी प्रवेश नीति लागू करने की मांग की है.
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