सीमा पर सख्ती बढ़ाने के लिए मोरक्को को वित्तीय मदद करेगा EU, सोशल मीडिया पर फैली अफवाह से स्यूटा की ओर हुआ 60 हजार लोगों का पलायन – eu offers financial aid to morocco for border security news in hindi – Jagran

यूरोपीय संघ ने स्पेन के स्यूटा में अवैध घुसपैठ के बाद मोरक्को को सीमा सुरक्षा बढ़ाने के लिए वित्तीय सहायता देने का प्रस्ताव दिया है। हाल ही में 60,000 …और पढ़ें
मोरक्को में अवैध घुसपैठ।
डिजिटल डेस्क, ब्रसेल्स। पिछले दिनों स्पेन के स्वायत्तशासी क्षेत्र स्यूटा में मोरक्को की तरफ से अवैध तरीके से घुसपैठ के मामले ने यूरोप के कान खड़े कर दिए हैं। इस मामले में मोरक्को को अपनी सीमा पर चाक चौबंद सुरक्षा व्यवस्था कायम करने, तार-बाड़ का घनत्व और बढ़ाने समेत तमाम उपाय करने के लिए यूरोपीय संघ (ईयू) ने मोरक्को को वित्तीय समर्थन देने का प्रस्ताव दिया है।
ईयू अध्यक्ष उर्सुला वोन डेर लेयेन ने ये प्रस्ताव रखा। गौरतलब है कि बीते गुरुवार को करीब 60 हजार अवैध प्रवासी मोरक्को की सीमा लांघकर समुद्र के रास्ते स्यूटा पहुंच गए थे। हालांकि, स्यूटा में सेना तैनात किए जाने के चलते 48 हजार लोग वापस चले गए थे।
हालांकि, अब भी 860 प्रवासी बच्चे स्यूटा में फंसे हुए हैं। इनमें आठ से 17 साल तक के बच्चे शामिल हैं। उनके अभिभावकों का पता नहीं चल रहा। सीमा पार करने के क्रम में स्यूटा में 72, जबकि मोरक्को में 11 लोगों की मौत हुई है।
अफवाह से स्यूटा की ओर हुआ 60 हजार लोगों का पलायन
उत्तरी अफ्रीका में स्थित स्पेन के स्वायत्तशासी क्षेत्र स्यूटा में पिछले गुरुवार करीब 60 हजार लोगों के अवैध प्रवेश ने पूरे यूरोप को झकझोर दिया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि इस अभूतपूर्व पलायन की शुरुआत इंटरनेट मीडिया पर फैली भ्रामक सूचनाओं से हुई। इंस्टाग्राम पर बहुप्रसारित वीडियो में दावा किया गया कि मोरक्को से स्यूटा की सीमा खोल दी गई है। इसके बाद फेसबुक पर कुछ यूजर्स ने तटरक्षक बल की गश्त पर नजर रखने और टिकटाक वीडियो के जरिए सुरक्षित रास्ते बताने शुरू कर दिए। देखते ही देखते यह संदेश हजारों लोगों तक पहुंच गया और उन्हें लगा कि यूरोप पहुंचने का मौका मिल गया है।
कुछ ही घंटों में बड़ी संख्या में युवा बसों, ट्रेनों और टैक्सियों से मोरक्को के सीमावर्ती शहर फ्नीडेक पहुंचने लगे। प्रशासन हालात को समझ पाता, उससे पहले ही हजारों लोग समुद्र तैरकर या सीमा पार कर स्यूटा पहुंच चुके थे। इसे मोरक्को और स्पेन के बीच अब तक का सबसे बड़ा अवैध पलायन माना जा रहा है।इंस्टाग्राम वीडियो से शुरू हुई अफवाहजांचकर्ताओं के अनुसार, स्यूटा से करीब 150 किलोमीटर दूर मोरक्को के लाराचे शहर के तीन युवाओं ने इंस्टाग्राम पर हारागा स्यूटा नाम के अकाउंट का वीडियो देखा, जिसमें दावा किया गया था कि सीमा खोल दी गई है।
मोरक्को में हारागा उन युवाओं के लिए इस्तेमाल किया जाता है जो यूरोप में अवैध प्रवेश की कोशिश में अपनी पहचान से जुड़े दस्तावेज तक नष्ट कर देते हैं।स्यूटा से लौटे लोगों ने बताया कि उन्होंने इंटरनेट मीडिया पर मिली जानकारी पर भरोसा किया और बिना किसी आधिकारिक पुष्टि के सीमा की ओर निकल पड़े। हालांकि, अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि सीमा खुलने की अफवाह फैलाने वाले पोस्ट और वीडियो किसने अपलोड किए थे। बाद में इनमें से कई पोस्ट हटा भी दिए गए।सुप्रीम कोर्ट के फैसले को भी गलत समझा गयाजांच में यह भी सामने आया कि स्पेन के हालिया कानूनी फैसलों की गलत व्याख्या ने भ्रम और बढ़ा दिया।
प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ की आव्रजन नियमितीकरण योजना केवल उन लोगों के लिए थी, जो 1 जनवरी से पहले स्पेन में रह रहे थे। वहीं, अदालत के एक फैसले में तैरकर स्यूटा पहुंचने वाले प्रवासियों को तुरंत वापस भेजने की प्रक्रिया पर कुछ सीमाएं लगाई गई थीं। मोरक्को में कई लोगों ने इसे इस रूप में समझ लिया कि स्यूटा पहुंचने के बाद उन्हें रहने की अनुमति मिल जाएगी। यही धारणा इंटरनेट मीडिया पर तेजी से फैल गई।डिजिटल दुनिया के दुरुपयोग को बताया वजहमोरक्को के गृह मंत्रालय ने इस पूरे घटनाक्रम के लिए गलत जानकारी और डिजिटल प्लेटफार्म के दुरुपयोग को जिम्मेदार ठहराया है।
हालांकि, अधिकारियों ने अब तक इसके समर्थन में कोई ठोस सबूत सार्वजनिक नहीं किया है। मामले की जांच जारी है।मानव तस्करी के दावों पर सवालस्पेन और मोरक्को, दोनों सरकारों ने इस घटना के पीछे मानव तस्करी से जुड़े नेटवर्क की भूमिका होने की आशंका जताई है। लेकिन लौटे हुए प्रवासियों का कहना है कि किसी तस्कर ने उनकी मदद नहीं की। उनका कहना है कि उन्होंने केवल इंटरनेट मीडिया पर फैली जानकारी के आधार पर खुद ही सीमा पार करने का फैसला लिया।
83 मौतें, 860 बच्चे अब भी फंसेइस पूरे घटनाक्रम में मोरक्को और स्यूटा में कुल 83 लोगों की मौत हुई। इनमें 11 लोग मोरक्को में पुलिस से झड़प के दौरान मारे गए, जबकि कई लोग समुद्र में डूब गए या भगदड़ का शिकार हुए। दूसरी ओर, स्यूटा पहुंचने वाले सैकड़ों नाबालिग अपने परिजनों से बिछड़ गए हैं। फिलहाल करीब 860 बच्चे स्पेन में फंसे हुए हैं। स्पेन सरकार उनके संरक्षण और पुनर्वास को लेकर कानूनी विकल्पों पर विचार कर रही है।

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