पाकिस्तान में मीडिया पर प्रतिबंध कोई नई बात नहीं है, लेकिन स्थानीय मीडिया संस्थानों को अक्सर विदेशी मीडिया की तुलना में अधिक दबाव का सामना करना पड़ता है.
सौरभ यादव, अरशद मिसाल
इमेज स्रोत, EPA
पाकिस्तान सरकार ने देश में अंतरराष्ट्रीय मीडिया की रिपोर्टिंग को लेकर नई पाबंदियां लागू की हैं, जिसकी पत्रकारों ने कड़ी आलोचना की है.
नई गाइडलाइंस के तहत विदेशी मीडिया के लिए काम करने वाले पाकिस्तानी नागरिक या किसी भी व्यक्ति को इस्लामाबाद, कराची और लाहौर के अलावा देश के किसी अन्य हिस्से से रिपोर्टिंग करने के लिए पहले अनुमति लेनी होगी.
इन प्रतिबंधों के बाद पाकिस्तान के ज़्यादा हिस्सों में विदेशी मीडिया की ज़मीनी रिपोर्टिंग अधिकारियों की मंजूरी और समय पर निर्भर हो जाएगी. गौरतलब है कि वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम इंडेक्स में पाकिस्तान 180 देशों में 153वें स्थान पर है.
राजनीतिक टिप्पणीकार मुस्तफा नवाज खोखर ने कहा, "ये दिशानिर्देश अंतरराष्ट्रीय मीडिया की आवाज़ दबाने जैसे हैं और देश में पहले से सीमित होती जा रही मीडिया स्वतंत्रता को और प्रभावित करेंगे."
पाकिस्तान में मीडिया पर प्रतिबंध कोई नई बात नहीं है, लेकिन स्थानीय मीडिया संस्थानों को अक्सर विदेशी मीडिया की तुलना में अधिक दबाव का सामना करना पड़ता है.
खोखर ने कहा, "लोग स्वतंत्र रिपोर्टिंग के लिए अंतरराष्ट्रीय मीडिया पर भरोसा करते हैं. इस तरह के प्रतिबंध सिर्फ ग़लत सूचनाओं और फर्जी ख़बरों के फैलने की गुंजाइश बढ़ाते हैं."
डॉन अखबार के संपादक जफर अब्बास ने पाकिस्तान में विदेशी मीडिया की रिपोर्टिंग पर लगाई गई नई पाबंदियों की आलोचना करते हुए इन्हें "बेतुका और पूरी तरह अस्वीकार्य" बताया है.
उन्होंने कहा, "मैंने इस देश में 40 साल से अधिक समय तक पत्रकार के रूप में काम किया है. इस दौरान दो सैन्य शासकों और कई तानाशाही प्रवृत्ति वाली नागरिक सरकारों के दौर में रिपोर्टिंग की है, लेकिन मैंने कभी ऐसी पाबंदियां लागू होते नहीं देखीं."
इमेज स्रोत, ANI
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बुधवार को अलग-अलग राज्यों से आए युवा प्रदर्शनकारियों से मुलाक़ात की.
मुलाक़ात के बाद उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "सबसे पहले मैं इन युवाओं और इनके जैसे हज़ारों अन्य युवाओं का धन्यवाद करना चाहता हूं, जिन्होंने संविधान, शिक्षा व्यवस्था और भारत के भविष्य के लिए आवाज उठाई और मज़बूती से खड़े रहे."
उनहोंने कहा, "हमने कुछ युवा प्रदर्शनकारियों से खुलकर बातचीत की. उन्होंने हमें बताया कि उनके साथ मारपीट की गई, उन्हें पीटा गया और धमकियां दी गईं."
राहुल गांधी ने आगे कहा, "मुझे इन युवाओं पर गर्व है. वो और उनके जैसे हज़ारों युवाओं ने संविधान की रक्षा की है, भारत के विचार की रक्षा की है और देश के भविष्य की रक्षा की है."
राहुल गांधी ने कहा, "शिक्षा व्यवस्था की खामियों की शिकायत करना कोई अपराध नहीं है. मौजूदा शिक्षा व्यवस्था में कई कमियां हैं, यह लगातार कमज़ोर हो रही है और इसमें सुधार की ज़रूरत है. यही बात ये छात्र कह रहे थे."
उन्होंने कहा, "ये छात्र न तो हिंसा कर रहे थे, न आक्रामक थे और न ही किसी के साथ अभद्र व्यवहार कर रहे थे. इसके बावजूद उनके साथ मारपीट की गई और उन्हें धमकाया गया."
इमेज स्रोत, Getty Images
जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के भारत सरकार के 5 अगस्त 2019 के फ़ैसले के सात साल पूरे होने पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने प्रतिक्रिया दी है.
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि 5 अगस्त 2019 को भारत की ओर से उठाए गए एकतरफा और कथित तौर पर अवैध कदमों के सात साल पूरे हो गए हैं.
शहबाज़ शरीफ़ ने कहा, "ऐसे में किसी भी तरह के दावे या बयानबाज़ी से जम्मू-कश्मीर की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त विवादित स्थिति नहीं बदली जा सकती और न ही वहां के लोगों के अंतरराष्ट्रीय क़ानूनों तथा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों में दिए गए अधिकारों से इनकार किया जा सकता है."
लेकिन भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि 5 अगस्त 2019 को किए गए संवैधानिक बदलाव भारत का पूरी तरह आंतरिक मामला हैं.
विदेश मंत्रालय ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान झूठे दावे कर अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान अपने खराब मानवाधिकार रिकॉर्ड और आतंकवाद के केंद्र के रूप में अपनी छवि से हटाने की कोशिश कर रहा है.
पाकिस्तान के बयान पर भारत ने क्या कहा
इमेज स्रोत, Getty Images
पाकिस्तान के 'यौम-ए-इस्तेहसाल' को लेकर दिए गए बयान पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत पाकिस्तान के उस तथाकथित 'यौम-ए-इस्तेहसाल' और भारत के ख़िलाफ़ दुष्प्रचार फैलाने की उसकी कोशिशों को पूरी तरह खारिज करता है.
उन्होंने कहा, "जम्मू-कश्मीर और लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश भारत के अभिन्न और अविभाज्य हिस्से हैं, हमेशा थे और हमेशा रहेंगे."
रणधीर जायसवाल ने कहा, "5 अगस्त 2019 को किए गए संवैधानिक बदलाव भारत का पूरी तरह आंतरिक मामला हैं. इन फैसलों से क्षेत्र में अभूतपूर्व सामाजिक-आर्थिक विकास, सुशासन और लोकतांत्रिक सशक्तिकरण हुआ है."
उन्होंने कहा कि भारत के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने का पाकिस्तान को कोई अधिकार नहीं है.
संबंधित ख़बर: जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने के सात साल पूरे होने पर ये बोले पीएम मोदी
इमेज स्रोत, Getty Images
बांग्लादेश में बुधवार को पूर्व प्रधानमंत्री शेख़ हसीना के सरकारी आवास 'गणभवन' में 'जुलाई जनविद्रोह स्मारक संग्रहालय' का उद्घाटन किया गया. यह संग्रहालय जुलाई-अगस्त 2024 के छात्र आंदोलन के दौरान मारे गए लोगों की याद में बनाया गया है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने राजधानी ढाका के शेर-ए-बांग्ला नगर स्थित गणभवन में संग्रहालय का उद्घाटन किया. यह कार्यक्रम 5 अगस्त के दिन आयोजित किया गया, इस दिन साल 2024 में शेख़ हसीना देश छोड़कर भारत आई थीं.
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय की फरवरी 2025 की रिपोर्ट के अनुसार, 15 जुलाई से 15 अगस्त 2024 के बीच हुए छात्र आंदोलन (जुलाई जनविद्रोह), के दौरान 1,400 तक लोगों की मौत हुई थी.
रिपोर्ट में कहा गया था कि हसीना सरकार ने प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ सुरक्षा बलों से सख्त कार्रवाई कराई थी.
सरकारी नौकरियों में आरक्षण (कोटा) व्यवस्था को लेकर शुरू हुए व्यापक विरोध-प्रदर्शनों के बाद शेख़ हसीना ने 5 अगस्त 2024 को देश छोड़ दिया था. इसके तीन दिन बाद मोहम्मद यूनुस ने अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार के रूप में ज़िम्मेदारी संभाली थी.
सरकारी समाचार एजेंसी बीएसएस के अनुसार, गणभवन परिसर में बने इस संग्रहालय का उद्देश्य 2024 के जनआंदोलन के इतिहास को सुरक्षित रखना और आंदोलन के दौरान जान गंवाने वालों के बलिदान को सम्मान देना है.
इस संग्रहालय की स्थापना और गणभवन को संरक्षित करने की प्रक्रिया की शुरुआत मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने की थी.
इमेज स्रोत, Getty Images
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वीडियो हटाए जाने के मामले में मेटा के मुख्य वैश्विक मामलों के अधिकारी जोएल कपलान के नेतृत्व में कंपनी के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को नई दिल्ली में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन से मुलाक़ात की.
एएनआई के मुताबिक करीब 45 मिनट तक चली इस बैठक में मेटा के अधिकारियों ने प्रधानमंत्री मोदी का वीडियो ग़लती से हटाए जाने के कारणों की जानकारी दी.
मेटा के अधिकारियों की बुधवार को ही केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव से भी मुलाक़ात करने की संभावना है.
यह बैठक ऐसे समय हुई है, जब संसद की संचार और सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी स्थायी समिति ने बुधवार को मेटा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) मार्क जुकरबर्ग से प्रधानमंत्री मोदी का वीडियो फेसबुक से हटाए जाने के मामले में बिना शर्त माफी मांगने की मांग की है.
समिति ने चेतावनी दी कि यदि इस तरह की घटनाएं दोहराई जाती हैं, तो भारत में मेटा को मिलने वाली कानूनी सुरक्षा पर भी असर पड़ सकता है.
इमेज स्रोत, Reuters
स्पेसएक्स के फाल्कन 9 रॉकेट का एक बेकार ऊपरी हिस्सा चांद से टकरा गया है. हालांकि, वैज्ञानिक अभी इस टक्कर की आधिकारिक पुष्टि का इंतज़ार कर रहे हैं.
फिलहाल टक्कर की तस्वीरें सामने नहीं आई हैं, क्योंकि उस समय चांद की परिक्रमा कर रहे किसी भी अंतरिक्ष यान की स्थिति ऐसी नहीं थी कि वह इस घटना को सीधे रिकॉर्ड कर सके.
वैज्ञानिक अब चांद की सतह की पहले और बाद की तस्वीरों की तुलना करेंगे, ताकि टक्कर से बने नए गड्ढे या निशान का पता लगाया जा सके. इस प्रक्रिया में कुछ समय लग सकता है.
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने कहा है कि इस टक्कर से पृथ्वी को कोई ख़तरा नहीं है. विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटना से चांद से जुड़ा नया वैज्ञानिक डेटा जुटाने और अंतरिक्ष में मौजूद वस्तुओं की निगरानी की तकनीक को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी.
चिली की परानाल ऑब्ज़र्वेटरी में टेलीस्कोप ऑपरेटर रोड्रिगो पालोमिनोस ने बताया कि अनुमानित समय पर फाल्कन 9 रॉकेट के अपर स्टेज की टक्कर के संकेत मिले हैं.
उन्होंने कहा कि टक्कर के तय समय पर प्रकाश की कुछ उत्सर्जन रेखाओं में बदलाव देखा गया, जो पहले मौजूद नहीं थीं.
पालोमिनोस के मुताबिक, यह एक "उत्साहजनक शुरुआती संकेत" है, जो टक्कर के बाद निकले पदार्थ की ओर इशारा कर सकता है. हालांकि, इसकी अंतिम पुष्टि आगे के विश्लेषण के बाद ही हो सकेगी.
इमेज स्रोत, Getty Images
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने बुधवार को कहा कि उनकी पार्टी फिलहाल एक प्रेशर ग्रुप के रूप में काम करेगी, क्योंकि मौजूदा समय में देश को इसकी ज़रूरत है.
महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में सीजेपी की कोर टीम की बैठक से पहले पत्रकारों से बातचीत करते हुए दीपके ने कहा कि बैठक में मीडिया और न्यायपालिका जैसी संस्थाओं पर लोगों का घटता भरोसा प्रमुख मुद्दा रहेगा.
उन्होंने बताया कि बैठक में एथेनॉल मिश्रित ईंधन और बढ़ती बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर भी चर्चा की जाएगी.
वहीं, सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पार्टी के मार्गदर्शक बने रहेंगे और पार्टी आगे भी उनसे सलाह लेती रहेगी.
इमेज स्रोत, getty
होर्मुज़ स्ट्रेट खोलने को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को फिर चेतावनी दी है.
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, "होर्मुज़ स्ट्रेट बहुत जल्द' खुल जाएगा, वरना ईरान पर 'बहुत ज़ोरदार हमला' होगा."
यह बात ऐसे समय में कही गई जब किसी समझौते की उम्मीद के बीच तेल की क़ीमतें तीन हफ़्ते के निचले स्तर पर आ गई हैं.
ट्रंप ने ये बातें फॉक्स न्यूज़ चैनल से बातचीत के दौरान कही हैं.
वहीं अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा, "होर्मुज़ स्ट्रेट से होकर जाने वाला दक्षिणी रास्ता, अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग से गुज़रने वाले सभी कमर्शियल जहाज़ों के लिए खुला हुआ है."
इससे पहले अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा था कि ईरान से बातचीत में प्रगति हुई है और उम्मीद है कि इस सप्ताह से ही तेल और अन्य सामान की समुद्री ढुलाई फिर शुरू हो सकती है.
नमस्कार
अब मुझे यानी बीबीसी संवाददाता सौरभ यादव को इजाजत दीजिए. अब से देर रात दस बजे तक बीबीसी संवाददाता अरशद मिसाल आप तक अहम ख़बरें पहुंचाएंगे
बीबीसी हिन्दी के पेज पर मौजूद कुछ बड़ी ख़बरों को पढ़ने के लिए नीचे दिए हुए लिंक्स पर क्लिक करें.
– सीजेपी प्रोटेस्ट: इस लड़की को मिल रही हैं धमकियां, पूरे परिवार ने क्यों घर छोड़ा
– हेलीकॉप्टर सीधे ज्वालामुखी में जा गिरा, उबलते लावे के बीच कैसे बिताई पूरी रात?
– हज़ारों किलोमीटर दूर चल रही जंग की आंच यूपी के देवरिया तक कैसे पहुंच गई?
– यमन के पास हमले में भारतीय झंडे वाला जहाज़ डूबा, यमन ने हूती विद्रोहियों को बताया ज़िम्मेदार
इमेज स्रोत, ANI
जम्मू कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने के सात साल पूरे होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रतिक्रिया दी है.
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर कहा, "सात साल पहले, इसी दिन आर्टिकल 370 और 35(A) इतिहास बन गए जिससे जम्मू-कश्मीर और लद्दाख की यात्रा में एक निर्णायक नया अध्याय शुरू हुआ."
पीएम मोदी ने कहा, "तब से जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लोगों के जीवन में बड़े बदलाव आए हैं. इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार हुआ है और शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, उद्यमिता और खेल जैसे क्षेत्रों में अवसर बढ़े हैं. चाहे महिलाएं हों या हाशिए पर रहने वाले समुदाय, जिन्हें दशकों तक उनके बुनियादी संवैधानिक अधिकारों से वंचित रखा गया था वे अब भारत के संविधान के पूरी तरह से लागू होने की वजह से सशक्त हुए हैं."
"हम जम्मू-कश्मीर और लद्दाख की प्रगति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि हर नागरिक को बड़े सपने देखने, उन्हें पूरा करने और 'विकसित भारत' के निर्माण में योगदान देने का अवसर मिले."
इमेज स्रोत, ANI
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक मुद्दे पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे स्टूडेंट नेता देवेंद्र नाथ महतो ने सोनम वांगचुक से फोन पर बात करने के बाद पानी पी लिया है.
देवेंद्रनाथ महतो ने फ़ोन पर सोनम वांगचुक से कहा, "मैं 2 अगस्त को अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठा था. मैं बहुत थक गया था. यहां 26 साल से कई पेपर लीक हो रहे हैं. लगातार पेपर लीक हो रहे हैं. यहां की सरकार छात्रों के हित में कोई निर्णय नहीं ले रही है. कल डॉक्टर ने हिदायत दी कि अगर मैंने पानी नहीं लिया तो मुझे हॉस्पिटल में भर्ती होना पड़ेगा."
सोनम वांगचुक ने कहा, "देवेंद्र जी आप पानी पीजिए नहीं तो ये आत्महत्या के बराबर होगा. अभी अपने आपको समय चाहिए इसमें दो दिन हफ़्ते भी लग सकते हैं. लेकिन मैं उम्मीद करता हूं कि उससे पहले सरकार को सदबुद्धि आएगी और वो सही फ़ैसला लेगी."
झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) से जुड़े देवेंद्रनाथ महतो ने 25 जुलाई को राजधानी रांची के मोरहाबादी मैदान स्थित गांधी प्रतिमा के सामने धरना देने के साथ की.
इमेज स्रोत, ANI
जम्मू कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने के सात साल पूरे होने पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह ने प्रतिक्रिया दी है.
उमर अब्दुल्लाह ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "7 साल बीत गए हैं, लेकिन हम न तो भूले हैं और न ही हमने मौजूदा हालात से समझौता किया है, उन्हें स्वीकार करना तो दूर की बात है.
उन्होंने कहा, "मैं और मेरी पार्टी जम्मू-कश्मीर के साथ जो कुछ भी किया गया, जिससे हमारे अधिकार छीन लिए गए और हमारी पहचान पर खतरा पैदा हो गया उसे पलटने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं."
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने 5 अगस्त 2019 को जम्मू कश्मीर के विशेष राज्य का दर्जा ख़त्म करते हुए आर्टिकल 370 और 35 को हटाया दिया था.
ये भी पढ़ें-
अनुच्छेद 370 हटाने के बाद इस पर क्या था विवाद, जानिए अहम बातें
इमेज स्रोत, getty
चांद से टकरा सकता है स्पेस एक्स के रॉकेट का एक टुकड़ा. यह टुकड़ा लगभग 2.43 किलोमीटर प्रति सेकंड (करीब 5,400 मील प्रति घंटा) की रफ़्तार से ऑर्बिट में घूम रहा है.
यह फाल्कन 9 स्पेसक्राफ्ट का ऊपरी हिस्सा है, जो लगभग पांच मंज़िला इमारत जितना बड़ा है और इसका वज़न कम से कम 4,000 किलोग्राम है.
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के अनुसार यह टक्कर लगभग 7:35 BST (12:35 पीएम भारतीय समयानुसार) पर हो सकती है.
जानकारों का कहना है कि इसे धरती से बिना किसी उपकरण के नहीं देखा जा सकेगा लेकिन जिनके पास हाई क्वालिटी के टेलीस्कोप है वे शायद चांद की सतह से निकलती चमक देख पाएं.
इसे ख़तरनाक भी नहीं माना जा रहा है बल्कि वैज्ञानिक इसे एक अनोखे मौके के तौर पर देख रहे हैं, जिससे यह अध्ययन किया जा सके कि जब कोई चीज़ चंद्रमा से टकराती है तो क्या होता है.
इमेज स्रोत, Getty Images
यूक्रेन की राजधानी कीएव पर रूस ने मिसाइलों से हमला किया है. इस हमले में दो लोगों की मौत हो गई है, जबकि 22 लोग घायल हुए हैं.
यूक्रेन के अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी है. यूक्रेन के सैन्य प्रशासन के प्रमुख तिमुर तकाचेंको ने कहा, "दुश्मन एक बार फिर कीएव पर ज़बरदस्त हमला कर रहा है."
मंगलवार की देर रात हुए इस हमले के दौरान घंटों तक सायरन बजते रहे. शहर के भीतर और बाहरी इलाकों में कई मिसाइलें गिरीं.
तकाचेंको ने कहा कि बोरिस्पिल ज़िले में नौ, बुचा ज़िले में चार और फ़ास्टिव ज़िले में एक व्यक्ति की मौत हुई.अधिकारियों के मुताबिक, इस हमले में कम से कम 22 लोग घायल हुए हैं.
यूक्रेन की सेना ने आरोप लगाया कि रूस ने जानबूझकर आम नागरिकों और रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया है.
हालांकि, इस हमले पर रूस की ओर से अभी तक कोई बयान जारी नहीं किया गया है.
इमेज स्रोत, ANI
मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव में हार के बाद भारतीय जनता पार्टी ने दतिया जिले की पूरी संगठनात्मक इकाई को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है.
पार्टी ने यह कार्रवाई उपचुनाव परिणामों की समीक्षा के लिए गठित समिति की सिफारिश पर की है.
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब बीजेपी को दतिया में लगातार दूसरी बार चुनावी हार का सामना करना पड़ा है. उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार कुंवर घनश्याम सिंह ने बीजेपी के आशुतोष तिवारी को 6,016 वोटों से हराया था.
नतीजों के बाद आशुतोष तिवारी ने भीतरघात के सवाल पर पत्रकारों से कहा था, "पहले गद्दार को तलाशना होगा."
प्रदेश कार्यालय मंत्री श्याम महाजन की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के निर्देश और समीक्षा समिति की अनुशंसा पर दतिया जिला संगठन की वर्तमान संरचना भंग की जाती है.
आदेश के मुताबिक जिला अध्यक्ष, जिला पदाधिकारी, जिला कार्यसमिति, मंडल, मोर्चा, प्रकोष्ठ, प्रकल्प और विभिन्न विभागों समेत जिले की सभी संगठनात्मक इकाइयों को तत्काल प्रभाव से पदमुक्त कर दिया गया है.
इससे पहले पार्टी ने प्रदेश महामंत्री गौरव रणदीवे और वरिष्ठ नेता अम्बाराम कराड़ा की दो सदस्यीय समिति बनाई थी. समिति को चुनाव की तैयारियों से जुड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं से चर्चा कर हार के कारणों की समीक्षा करने की जिम्मेदारी दी गई है.
क्या है पूरा मामला?
कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की बैंक धोखाधड़ी के एक मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता चली गई थी. इसी वजह से दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव हुआ.
हालांकि इस उपचुनाव से राज्य सरकार के बहुमत पर कोई असर नहीं पड़ना था, लेकिन इसे मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में बीजेपी की पहली बड़ी चुनावी परीक्षा माना जा रहा था.
पिछले साल जुलाई में प्रदेश अध्यक्ष बने हेमंत खंडेलवाल के लिए भी इसे संगठनात्मक परीक्षा के तौर पर देखा जा रहा था. चुनाव प्रचार में मुख्यमंत्री मोहन यादव, दोनों उपमुख्यमंत्री, कई मंत्री और संगठन के वरिष्ठ नेता शामिल हुए थे.
बीजेपी ने इस सीट से छह बार विधायक रहे और पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर पहली बार चुनाव लड़ रहे आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया था.
टिकट की घोषणा के बाद पार्टी के भीतर नाराज़गी की चर्चा रही. कुछ पदाधिकारियों ने इस्तीफा दिया और नामांकन के दौरान नरोत्तम मिश्रा के भावुक होने की भी चर्चा हुई. हालांकि बाद में उन्होंने पार्टी उम्मीदवार के समर्थन में प्रचार किया.
दूसरी ओर कांग्रेस भी आंतरिक खींचतान से जूझ रही थी. चुनाव प्रचार के आखिरी दौर में कांग्रेस उम्मीदवार कुंवर घनश्याम सिंह और पूर्व विधायक राजेंद्र भारती के बीच आरोप-प्रत्यारोप सामने आए.
मतगणना से एक दिन पहले कांग्रेस ने राजेंद्र भारती को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया था. इसके बावजूद कांग्रेस यह सीट बचाने में सफल रही.
नतीजों के बाद बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने बिना किसी का नाम लेते हुए, कहा था कि पार्टी परिणामों की समीक्षा करेगी और यदि किसी स्तर पर अनुशासनहीनता सामने आती है तो उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी.
इसके बाद पार्टी ने दो सदस्यीय समीक्षा समिति का गठन किया, जिसकी सिफारिश पर अब दतिया जिले की पूरी संगठनात्मक इकाई को भंग कर दिया गया है.
इमेज स्रोत, Centcom/Reuters
बीबीसी के अमेरिकी पार्टनर सीबीएस न्यूज़ के मुताबिक ईरान के साथ युद्ध के दौरान अमेरिका ने गाइडेड मिसाइलों का अपना लगभग सारा ग्लोबल स्टॉक इस्तेमाल कर लिया है.
बीबीसी की फ़ारसी सेवा के मुताबिक इस मामले की जानकारी रखने वाले दो सूत्रों ने सीबीएस न्यूज़ को यह जानकारी दी है.
इस रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' में खास तौर पर अपने लगभग सभी आर्मी टैक्टिकल मिसाइल सिस्टम (ATACMS) और प्रिसिजन स्ट्राइक मिसाइलों को इस्तेमाल कर लिया था.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने पहले रिपोर्ट दी थी कि अमेरिका ने इस ऑपरेशन में अपनी "लगभग सभी" लंबी दूरी की मिसाइलों का इस्तेमाल कर लिया था.
सीबीएस न्यूज़ ने पहले बताया था कि अमेरिका के पास मौजूद इंटरसेप्टर मिसाइलों और लंबी दूरी की मिसाइलों का स्टॉक खत्म हो गया है और यह प्रशासन के लिए एक अंदरूनी चुनौती बन गई है.
रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका इस रफ्तार से आगे नहीं बढ़ सकता, क्योंकि उसने ईरान युद्ध की शुरुआत में ही अपने सटीक हमले वाले हथियार काफी हद तक इस्तेमाल कर लिए थे.
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि इन मिसाइलों का स्टॉक सीमित है लेकिन ज़्यादा चिंता की बात पैट्रियट और थाड (THAAD) इंटरसेप्टर मिसाइलों की संख्या को लेकर है. इनका इस्तेमाल इतनी तेज़ी से हो रहा है कि अमेरिकी डिफेंस इंडस्ट्री उतनी तेज़ी से इन्हें बना नहीं पा रही है.
अमेरिकी रक्षा विभाग के सीनियर प्रवक्ता शॉन पार्नेल ने सीबीएस न्यूज़ को दिए एक बयान में कहा, "अमेरिकी सेना दुनिया की सबसे ताकतवर सैन्य शक्ति है और उसके पास अपने मिशन को पूरा करने के लिए हर ज़रूरी चीज़ मौजूद है. हमने अलग-अलग इलाकों में कई सफल ऑपरेशन किए हैं और साथ ही यह भी सुनिश्चित किया है कि अमेरिकी सेना के पास देश के लोगों और हितों की रक्षा करने के लिए क्षमताओं का विशाल भंडार हो."
इमेज स्रोत, ANI
जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री ने आर्टिकल 370 हटाए जाने के सात साल पूरे होने पर प्रतिक्रिया दी है.
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने 5 अगस्त 2019 को जम्मू कश्मीर के विशेष राज्य का दर्जा ख़त्म करते हुए आर्टिकल 370 और 35 को हटाया दिया था.
पांच अगस्त की पूर्व संध्या पर महबूबा मुफ्ती ने कहा, "जम्मू कश्मीर के लोग मुर्दा लोग नहीं हैं हम ज़िंदा कौम हैं. पीडीपी और हमारी कौम मिलकर कश्मीर की समस्याओं को हल करने के साथ-साथ, आर्टिकल 370, 35ए और जो हमारे लोग देश की जेलों में बंद हैं, उनकी रिहाई के लिए जद्दोजहद करेंगे."
"अगर ये सरकार कहती है कि हालात ठीक हो गए हैं. तो हम कहते हैं सेना को सिविल एरिया से निकालकर बैरकों में वापस भेजिए. मुज़फ़्फ़राबाद और रावलाकोट के लिए जो रास्ते खुले थे उन पर फिर से व्यापार शुरू होना चाहिए."
वहीं समाचार एजेंसी पीटीआई और एएनआई के मुताबिक आर्टिकल 370 को हटाए जाने के सात साल पूरे होने को लेकर जम्मू कश्मीर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है.
इमेज स्रोत, Getty Images
बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता प्रदीप रावत का 74 साल की उम्र में निधन हो गया.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक उनका निधन मंगलवार को मुंबई में हुआ. प्रदीप रावत कैंसर की बीमारी से जूझ रहे थे.
प्रदीप रावत ने 'ग़जनी' और 'लगान' जैसी फ़िल्मों में अभिनय किया, इसके अलावा उन्होंने बीआर चोपड़ा के मशहूर सीरियल महाभारत में भी अश्वत्थामा की भूमिका निभाई थी.
"लगान" फिल्म के को-स्टार यशपाल शर्मा ने सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि देते हुए अपने दोस्त के निधन की खबर शेयर की.
इमेज स्रोत, Getty Images
कैलिफ़ोर्निया में अधिकारियों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निजी गोल्फ़ कोर्स के पास से एक शख्स को गिरफ्तार किया है.
ट्रंप वहां पर फंड जुटाने के लिए आयोजित एक डिनर में शामिल होने वाले थे.
जांचकर्ताओं का कहना है कि रैंचो पालोस वर्डेस में ट्रंप के नेशनल गोल्फ कोर्स से 38 साल के जेनिन जॉन टैले को गिरफ़्तार किया गया है, उनके पास से एक पिस्तौल और गैर-कानूनी गोला-बारूद बरामद किया गया है.
लॉस एंजिल्स शेरिफ़ डिपार्टमेंट के अनुसार, जेनिन को गोल्फ़ कोर्स के मैदान में घूमते हुए, फ़ोटो और वीडियो लेते हुए और सुरक्षा-योजना से जुड़ी गतिविधियों पर नज़र रखते हुए देखा गया.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित
© 2026 BBC. बाहरी साइटों की सामग्री के लिए बीबीसी ज़िम्मेदार नहीं है. बाहरी साइटों का लिंक देने की हमारी नीति के बारे में पढ़ें.