रूसी हमलों के बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंक्सी ने की और इंटरसेप्टर मिसाइलों की मांग – BBC

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जे़लेंस्की ने कहा है कि इस वर्ष विदेशों से यूक्रेन को मिलने वाली एयर डिफेंस इंटरसेप्टर मिसाइलों की आपूर्ति पिछले साल की तुलना में केवल एक-तिहाई रह गई है.
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सौरभ यादव, अरशद मिसाल
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यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जे़लेंस्की ने कहा है कि इस वर्ष विदेशों से यूक्रेन को मिलने वाली एयर डिफेंस इंटरसेप्टर मिसाइलों की आपूर्ति पिछले साल की तुलना में केवल एक-तिहाई रह गई है.
जे़लेंस्की का यह बयान ऐसे समय आया है, जब रूस के रातभर चले मिसाइल और ड्रोन हमलों में पूरे यूक्रेन में कम से कम 21 लोगों की मौत हो गई. इनमें सबसे अधिक नुक़सान राजधानी कीएव और उसके आसपास के इलाक़ों में हुआ.
उन्होंने सहयोगी देशों से अपील की कि वे यूक्रेन को विशेष रूप से ऐसी मिसाइलों की आपूर्ति बढ़ाएं, जो रूस की बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर सकें. उन्होंने कहा कि इससे कई लोगों की जान बचाई जा सकती है.
रूसी हमलों में एक रेलवे स्टेशन और डाक विभाग के सॉर्टिंग सेंटर सहित कई महत्वपूर्ण ठिकानों को नुक़सान पहुंचा है. इसे इस वर्ष यूक्रेन पर रूस के सबसे घातक हमलों में से एक माना जा रहा है.
इस बीच, यूक्रेन के पूर्वी दोनेत्स्क क्षेत्र के प्रशासन प्रमुख ने क्रामातोर्स्क शहर और आसपास के गांवों में रहने वाले बच्चों वाले सैकड़ों परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर जाने का आदेश दिया है. अधिकारियों के अनुसार, इस इलाके पर रूस के हमले लगातार तेज़ होते जा रहे हैं.
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बिहार सरकार के निर्वाचन विभाग ने बुधवार को अधिसूचना जारी कर पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश को बिहार विधान परिषद का मनोनीत सदस्य नियुक्त किए जाने की जानकारी दी.
बिहार गजट में प्रकाशित अधिसूचना के अनुसार, संविधान के अनुच्छेद 171 के खंड (3) के उपखंड (ड) तथा खंड (5) के तहत प्राप्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्यपाल ने उन्हें विधान परिषद पद पर मनोनित किया.
यह नियुक्ति बिहार विधान परिषद के मनोनीत सदस्य देवेश कुमार के 31 जुलाई 2026 से प्रभावी इस्तीफे के कारण रिक्त हुई एक सीट को भरने के लिए की गई है.
अधिसूचना के मुताबिक, राज्यपाल के आदेश पर निर्वाचन विभाग ने दीपक प्रकाश को बिहार विधान परिषद का मनोनीत सदस्य नियुक्त किया है.
दरअसल गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने विधानसभा या विधानपरिषद के सदस्यता के बिना छह महीने से ज़्यादा वक़्त तक बिहार सरकार में मंत्री बने रहने पर सवाल उठाया था. जिसके बाद एमएलसी देवेश कुमार ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया था और उनकी जगह दीपक प्रकाश को विधान परिषद का सदस्य मनोनीत किया गया है.
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रूस ने यूक्रेन पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से बड़ा हमला किया, जिसमें कम से कम 21 लोगों की मौत हो गई.
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जे़लेंस्की ने कहा कि अगर पर्याप्त इंटरसेप्टर मिसाइलें उपलब्ध होतीं, तो कई लोगों की जान बचाई जा सकती थी.
राजधानी कीएव और उसके आसपास के इलाकों में इस साल का सबसे घातक हमला हुआ. यहां 17 लोगों की मौत की खबर है. वहीं, खार्किव में एक और दोनेत्स्क क्षेत्र में तीन लोगों की जान गई.
यूक्रेन लंबे समय से अपने सहयोगी देशों से रूस की बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने के लिए अमेरिका निर्मित पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम के इंटरसेप्टर मिसाइलों की मांग कर रहा है.
हालांकि, यूक्रेन ने इस हमले के दौरान किसी भी बैलिस्टिक मिसाइल को मार गिराने की जानकारी नहीं दी.
जे़लेंस्की ने कहा कि सहयोगी देशों से एंटी-बैलिस्टिक सिस्टम मिलने में हो रही देरी के कारण भारी जनहानि और व्यापक तबाही हो रही है.
उन्होंने बाद में यह भी कहा कि इस वर्ष सहयोगी देशों से मिलने वाले इंटरसेप्टर मिसाइलों की आपूर्ति में काफी कमी आई है.
वहीं, रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उसने कीएव और उसके आसपास के क्षेत्रों में स्थित लॉजिस्टिक्स हब और सैन्य आपूर्ति केंद्रों को निशाना बनाया.
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बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने राहुल गांधी के उस बयान पर पलटवार किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि अमित शाह सदन में नहीं आ रहे हैं.
संबित पात्रा ने कहा, “राहुल गांधी जी, क्या आप सदन को चलने भी दे रहे हैं? राहुल गांधी और उनके सांसद ऐसा हंगामा करते हैं कि सदन को दो मिनट के भीतर स्थगित करना पड़ जाता है۔ जिस विभाग पर चर्चा होती है, उस विभाग के ज़िम्मेदार मंत्री सदन में मौजूद रहते हैं. जब गृह मंत्रालय पर चर्चा होगी तो गृह मंत्री अमित शाह भी निश्चित रूप से मौजूद रहेंगे और वह मौजूद हैं."
उन्होंने आगे कहा, "दूसरों के कंधे पर बंदूक रखकर राजनीतिक नैरेटिव गढ़ने की कोशिश ठीक नहीं है. जहां तक मुस्कान नाम की युवती का सवाल है, चाहे आप मुस्कान शर्मा हों या मुस्कान खान, आप इस देश की बेटी हैं. यह देश ‘सबका साथ, सबका विश्वास, सबका विकास’ के मंत्र के साथ आगे बढ़ता है.”
बीजेपी सांसद ने कहा कि राहुल गांधी जिस तरह का विभाजनकारी एजेंडा आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं, वह ग़लत है.
उन्होंने कहा, “कभी यह मत सोचिए कि इस देश के बच्चों को धर्म के आधार पर बांटने की कोई कोशिश की जा रही है.”
दरअसल कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने युवा प्रदर्शनकारियों से मुलाक़ात के बाद कहा कि इन युवाओं का यहां आना साहस का काम है.
राहुल गांधी ने कहा, "मुझे गर्व है कि ये युवा इतनी स्पष्टता और आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रख रहे हैं. देश को ऐसे ही युवाओं की ज़रूरत है. ऐसे हजारों युवा हैं और मुझे उनके काम पर गर्व है."
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ हुई हिंसा के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ज़िम्मेदार हैं.
राहुल गांधी ने कहा कि गृह मंत्री के पास संसद में आकर इस मुद्दे पर बोलने का साहस नहीं है.
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बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख़ हसीना ने दिल्ली में मीडिया के साथ वर्चुअल बातचीत में कहा है कि उन्होंने पिछले दो सालों में अपने "प्यारे बांग्लादेश को तकलीफ़ झेलते हुए देखा है."
उन्होंने कहा, "यह वह बांग्लादेश नहीं है जिसे हमने बनाया था. यह वह बांग्लादेश नहीं है, जिसके लिए 1971 में 30 लाख लोगों ने बलिदान दिया था."
जुलाई-अगस्त 2024 के आंदोलन को लेकर शेख़ हसीना ने कहा, "सचाई यह है कि यह कोई शांतिपूर्ण स्टूडेंट्स आंदोलन नहीं था. शुरुआत से ही मेरी सरकार ने बातचीत, कानूनी प्रक्रिया और धैर्य के ज़रिए इस मुद्दे को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने की कोशिश की."
उन्होंने आरोप लगाया कि सुधारों की मांग के पीछे कुछ संगठित समूह काम कर रहे थे, जो स्टूडेंट्स की मांगों को एक हिंसक राजनीतिक हथियार में बदलना चाहते थे.
पूर्व प्रधानमंत्री शेख़ हसीना ने कहा, "मैं एक ऐसी व्यक्ति के तौर पर बोल रही हूं जिसने अपनी ज़िंदगी बांग्लादेश के लोगों के साथ बिताई है और जिसे अपने देश से दूर जाने पर मजबूर होना पड़ा, लेकिन मैं कभी भी अपने लोगों से अलग नहीं हुई."
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पाकिस्तान सरकार ने देश में अंतरराष्ट्रीय मीडिया की रिपोर्टिंग को लेकर नई पाबंदियां लागू की हैं, जिसकी पत्रकारों ने कड़ी आलोचना की है.
नई गाइडलाइंस के तहत विदेशी मीडिया के लिए काम करने वाले पाकिस्तानी नागरिक या किसी भी व्यक्ति को इस्लामाबाद, कराची और लाहौर के अलावा देश के किसी अन्य हिस्से से रिपोर्टिंग करने के लिए पहले अनुमति लेनी होगी.
इन प्रतिबंधों के बाद पाकिस्तान के ज़्यादा हिस्सों में विदेशी मीडिया की ज़मीनी रिपोर्टिंग अधिकारियों की मंजूरी और समय पर निर्भर हो जाएगी. गौरतलब है कि वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम इंडेक्स में पाकिस्तान 180 देशों में 153वें स्थान पर है.
राजनीतिक टिप्पणीकार मुस्तफा नवाज खोखर ने कहा, "ये दिशानिर्देश अंतरराष्ट्रीय मीडिया की आवाज़ दबाने जैसे हैं और देश में पहले से सीमित होती जा रही मीडिया स्वतंत्रता को और प्रभावित करेंगे."
पाकिस्तान में मीडिया पर प्रतिबंध कोई नई बात नहीं है, लेकिन स्थानीय मीडिया संस्थानों को अक्सर विदेशी मीडिया की तुलना में अधिक दबाव का सामना करना पड़ता है.
खोखर ने कहा, "लोग स्वतंत्र रिपोर्टिंग के लिए अंतरराष्ट्रीय मीडिया पर भरोसा करते हैं. इस तरह के प्रतिबंध सिर्फ ग़लत सूचनाओं और फर्जी ख़बरों के फैलने की गुंजाइश बढ़ाते हैं."
डॉन अखबार के संपादक जफर अब्बास ने पाकिस्तान में विदेशी मीडिया की रिपोर्टिंग पर लगाई गई नई पाबंदियों की आलोचना करते हुए इन्हें "बेतुका और पूरी तरह अस्वीकार्य" बताया है.
उन्होंने कहा, "मैंने इस देश में 40 साल से अधिक समय तक पत्रकार के रूप में काम किया है. इस दौरान दो सैन्य शासकों और कई तानाशाही प्रवृत्ति वाली नागरिक सरकारों के दौर में रिपोर्टिंग की है, लेकिन मैंने कभी ऐसी पाबंदियां लागू होते नहीं देखीं."
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लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बुधवार को अलग-अलग राज्यों से आए युवा प्रदर्शनकारियों से मुलाक़ात की.
मुलाक़ात के बाद उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "सबसे पहले मैं इन युवाओं और इनके जैसे हज़ारों अन्य युवाओं का धन्यवाद करना चाहता हूं, जिन्होंने संविधान, शिक्षा व्यवस्था और भारत के भविष्य के लिए आवाज उठाई और मज़बूती से खड़े रहे."
उनहोंने कहा, "हमने कुछ युवा प्रदर्शनकारियों से खुलकर बातचीत की. उन्होंने हमें बताया कि उनके साथ मारपीट की गई, उन्हें पीटा गया और धमकियां दी गईं."
राहुल गांधी ने आगे कहा, "मुझे इन युवाओं पर गर्व है. वो और उनके जैसे हज़ारों युवाओं ने संविधान की रक्षा की है, भारत के विचार की रक्षा की है और देश के भविष्य की रक्षा की है."
राहुल गांधी ने कहा, "शिक्षा व्यवस्था की खामियों की शिकायत करना कोई अपराध नहीं है. मौजूदा शिक्षा व्यवस्था में कई कमियां हैं, यह लगातार कमज़ोर हो रही है और इसमें सुधार की ज़रूरत है. यही बात ये छात्र कह रहे थे."
उन्होंने कहा, "ये छात्र न तो हिंसा कर रहे थे, न आक्रामक थे और न ही किसी के साथ अभद्र व्यवहार कर रहे थे. इसके बावजूद उनके साथ मारपीट की गई और उन्हें धमकाया गया."
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जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के भारत सरकार के 5 अगस्त 2019 के फ़ैसले के सात साल पूरे होने पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने प्रतिक्रिया दी है.
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि 5 अगस्त 2019 को भारत की ओर से उठाए गए एकतरफा और कथित तौर पर अवैध कदमों के सात साल पूरे हो गए हैं.
शहबाज़ शरीफ़ ने कहा, "ऐसे में किसी भी तरह के दावे या बयानबाज़ी से जम्मू-कश्मीर की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त विवादित स्थिति नहीं बदली जा सकती और न ही वहां के लोगों के अंतरराष्ट्रीय क़ानूनों तथा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों में दिए गए अधिकारों से इनकार किया जा सकता है."
लेकिन भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि 5 अगस्त 2019 को किए गए संवैधानिक बदलाव भारत का पूरी तरह आंतरिक मामला हैं.
विदेश मंत्रालय ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान झूठे दावे कर अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान अपने खराब मानवाधिकार रिकॉर्ड और आतंकवाद के केंद्र के रूप में अपनी छवि से हटाने की कोशिश कर रहा है.
पाकिस्तान के बयान पर भारत ने क्या कहा
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पाकिस्तान के 'यौम-ए-इस्तेहसाल' को लेकर दिए गए बयान पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत पाकिस्तान के उस तथाकथित 'यौम-ए-इस्तेहसाल' और भारत के ख़िलाफ़ दुष्प्रचार फैलाने की उसकी कोशिशों को पूरी तरह खारिज करता है.
उन्होंने कहा, "जम्मू-कश्मीर और लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश भारत के अभिन्न और अविभाज्य हिस्से हैं, हमेशा थे और हमेशा रहेंगे."
रणधीर जायसवाल ने कहा, "5 अगस्त 2019 को किए गए संवैधानिक बदलाव भारत का पूरी तरह आंतरिक मामला हैं. इन फैसलों से क्षेत्र में अभूतपूर्व सामाजिक-आर्थिक विकास, सुशासन और लोकतांत्रिक सशक्तिकरण हुआ है."
उन्होंने कहा कि भारत के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने का पाकिस्तान को कोई अधिकार नहीं है.
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बांग्लादेश में बुधवार को पूर्व प्रधानमंत्री शेख़ हसीना के सरकारी आवास 'गणभवन' में 'जुलाई जनविद्रोह स्मारक संग्रहालय' का उद्घाटन किया गया. यह संग्रहालय जुलाई-अगस्त 2024 के छात्र आंदोलन के दौरान मारे गए लोगों की याद में बनाया गया है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने राजधानी ढाका के शेर-ए-बांग्ला नगर स्थित गणभवन में संग्रहालय का उद्घाटन किया. यह कार्यक्रम 5 अगस्त के दिन आयोजित किया गया, इस दिन साल 2024 में शेख़ हसीना देश छोड़कर भारत आई थीं.
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय की फरवरी 2025 की रिपोर्ट के अनुसार, 15 जुलाई से 15 अगस्त 2024 के बीच हुए छात्र आंदोलन (जुलाई जनविद्रोह), के दौरान 1,400 तक लोगों की मौत हुई थी.
रिपोर्ट में कहा गया था कि हसीना सरकार ने प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ सुरक्षा बलों से सख्त कार्रवाई कराई थी.
सरकारी नौकरियों में आरक्षण (कोटा) व्यवस्था को लेकर शुरू हुए व्यापक विरोध-प्रदर्शनों के बाद शेख़ हसीना ने 5 अगस्त 2024 को देश छोड़ दिया था. इसके तीन दिन बाद मोहम्मद यूनुस ने अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार के रूप में ज़िम्मेदारी संभाली थी.
सरकारी समाचार एजेंसी बीएसएस के अनुसार, गणभवन परिसर में बने इस संग्रहालय का उद्देश्य 2024 के जनआंदोलन के इतिहास को सुरक्षित रखना और आंदोलन के दौरान जान गंवाने वालों के बलिदान को सम्मान देना है.
इस संग्रहालय की स्थापना और गणभवन को संरक्षित करने की प्रक्रिया की शुरुआत मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने की थी.
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वीडियो हटाए जाने के मामले में मेटा के मुख्य वैश्विक मामलों के अधिकारी जोएल कपलान के नेतृत्व में कंपनी के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को नई दिल्ली में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन से मुलाक़ात की.
एएनआई के मुताबिक करीब 45 मिनट तक चली इस बैठक में मेटा के अधिकारियों ने प्रधानमंत्री मोदी का वीडियो ग़लती से हटाए जाने के कारणों की जानकारी दी.
मेटा के अधिकारियों की बुधवार को ही केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव से भी मुलाक़ात करने की संभावना है.
यह बैठक ऐसे समय हुई है, जब संसद की संचार और सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी स्थायी समिति ने बुधवार को मेटा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) मार्क जुकरबर्ग से प्रधानमंत्री मोदी का वीडियो फेसबुक से हटाए जाने के मामले में बिना शर्त माफी मांगने की मांग की है.
समिति ने चेतावनी दी कि यदि इस तरह की घटनाएं दोहराई जाती हैं, तो भारत में मेटा को मिलने वाली कानूनी सुरक्षा पर भी असर पड़ सकता है.
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स्पेसएक्स के फाल्कन 9 रॉकेट का एक बेकार ऊपरी हिस्सा चांद से टकरा गया है. हालांकि, वैज्ञानिक अभी इस टक्कर की आधिकारिक पुष्टि का इंतज़ार कर रहे हैं.
फिलहाल टक्कर की तस्वीरें सामने नहीं आई हैं, क्योंकि उस समय चांद की परिक्रमा कर रहे किसी भी अंतरिक्ष यान की स्थिति ऐसी नहीं थी कि वह इस घटना को सीधे रिकॉर्ड कर सके.
वैज्ञानिक अब चांद की सतह की पहले और बाद की तस्वीरों की तुलना करेंगे, ताकि टक्कर से बने नए गड्ढे या निशान का पता लगाया जा सके. इस प्रक्रिया में कुछ समय लग सकता है.
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने कहा है कि इस टक्कर से पृथ्वी को कोई ख़तरा नहीं है. विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटना से चांद से जुड़ा नया वैज्ञानिक डेटा जुटाने और अंतरिक्ष में मौजूद वस्तुओं की निगरानी की तकनीक को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी.
चिली की परानाल ऑब्ज़र्वेटरी में टेलीस्कोप ऑपरेटर रोड्रिगो पालोमिनोस ने बताया कि अनुमानित समय पर फाल्कन 9 रॉकेट के अपर स्टेज की टक्कर के संकेत मिले हैं.
उन्होंने कहा कि टक्कर के तय समय पर प्रकाश की कुछ उत्सर्जन रेखाओं में बदलाव देखा गया, जो पहले मौजूद नहीं थीं.
पालोमिनोस के मुताबिक, यह एक "उत्साहजनक शुरुआती संकेत" है, जो टक्कर के बाद निकले पदार्थ की ओर इशारा कर सकता है. हालांकि, इसकी अंतिम पुष्टि आगे के विश्लेषण के बाद ही हो सकेगी.
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कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने बुधवार को कहा कि उनकी पार्टी फिलहाल एक प्रेशर ग्रुप के रूप में काम करेगी, क्योंकि मौजूदा समय में देश को इसकी ज़रूरत है.
महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में सीजेपी की कोर टीम की बैठक से पहले पत्रकारों से बातचीत करते हुए दीपके ने कहा कि बैठक में मीडिया और न्यायपालिका जैसी संस्थाओं पर लोगों का घटता भरोसा प्रमुख मुद्दा रहेगा.
उन्होंने बताया कि बैठक में एथेनॉल मिश्रित ईंधन और बढ़ती बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर भी चर्चा की जाएगी.
वहीं, सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पार्टी के मार्गदर्शक बने रहेंगे और पार्टी आगे भी उनसे सलाह लेती रहेगी.
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होर्मुज़ स्ट्रेट खोलने को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को फिर चेतावनी दी है.
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, "होर्मुज़ स्ट्रेट बहुत जल्द' खुल जाएगा, वरना ईरान पर 'बहुत ज़ोरदार हमला' होगा."
यह बात ऐसे समय में कही गई जब किसी समझौते की उम्मीद के बीच तेल की क़ीमतें तीन हफ़्ते के निचले स्तर पर आ गई हैं.
ट्रंप ने ये बातें फॉक्स न्यूज़ चैनल से बातचीत के दौरान कही हैं.
वहीं अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा, "होर्मुज़ स्ट्रेट से होकर जाने वाला दक्षिणी रास्ता, अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग से गुज़रने वाले सभी कमर्शियल जहाज़ों के लिए खुला हुआ है."
इससे पहले अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा था कि ईरान से बातचीत में प्रगति हुई है और उम्मीद है कि इस सप्ताह से ही तेल और अन्य सामान की समुद्री ढुलाई फिर शुरू हो सकती है.
नमस्कार
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जम्मू कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने के सात साल पूरे होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रतिक्रिया दी है.
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर कहा, "सात साल पहले, इसी दिन आर्टिकल 370 और 35(A) इतिहास बन गए जिससे जम्मू-कश्मीर और लद्दाख की यात्रा में एक निर्णायक नया अध्याय शुरू हुआ."
पीएम मोदी ने कहा, "तब से जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लोगों के जीवन में बड़े बदलाव आए हैं. इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार हुआ है और शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, उद्यमिता और खेल जैसे क्षेत्रों में अवसर बढ़े हैं. चाहे महिलाएं हों या हाशिए पर रहने वाले समुदाय, जिन्हें दशकों तक उनके बुनियादी संवैधानिक अधिकारों से वंचित रखा गया था वे अब भारत के संविधान के पूरी तरह से लागू होने की वजह से सशक्त हुए हैं."
"हम जम्मू-कश्मीर और लद्दाख की प्रगति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि हर नागरिक को बड़े सपने देखने, उन्हें पूरा करने और 'विकसित भारत' के निर्माण में योगदान देने का अवसर मिले."
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झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक मुद्दे पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे स्टूडेंट नेता देवेंद्र नाथ महतो ने सोनम वांगचुक से फोन पर बात करने के बाद पानी पी लिया है.
देवेंद्रनाथ महतो ने फ़ोन पर सोनम वांगचुक से कहा, "मैं 2 अगस्त को अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठा था. मैं बहुत थक गया था. यहां 26 साल से कई पेपर लीक हो रहे हैं. लगातार पेपर लीक हो रहे हैं. यहां की सरकार छात्रों के हित में कोई निर्णय नहीं ले रही है. कल डॉक्टर ने हिदायत दी कि अगर मैंने पानी नहीं लिया तो मुझे हॉस्पिटल में भर्ती होना पड़ेगा."
सोनम वांगचुक ने कहा, "देवेंद्र जी आप पानी पीजिए नहीं तो ये आत्महत्या के बराबर होगा. अभी अपने आपको समय चाहिए इसमें दो दिन हफ़्ते भी लग सकते हैं. लेकिन मैं उम्मीद करता हूं कि उससे पहले सरकार को सदबुद्धि आएगी और वो सही फ़ैसला लेगी."
झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) से जुड़े देवेंद्रनाथ महतो ने 25 जुलाई को राजधानी रांची के मोरहाबादी मैदान स्थित गांधी प्रतिमा के सामने धरना देने के साथ की.
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जम्मू कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने के सात साल पूरे होने पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह ने प्रतिक्रिया दी है.
उमर अब्दुल्लाह ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "7 साल बीत गए हैं, लेकिन हम न तो भूले हैं और न ही हमने मौजूदा हालात से समझौता किया है, उन्हें स्वीकार करना तो दूर की बात है.
उन्होंने कहा, "मैं और मेरी पार्टी जम्मू-कश्मीर के साथ जो कुछ भी किया गया, जिससे हमारे अधिकार छीन लिए गए और हमारी पहचान पर खतरा पैदा हो गया उसे पलटने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं."
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने 5 अगस्त 2019 को जम्मू कश्मीर के विशेष राज्य का दर्जा ख़त्म करते हुए आर्टिकल 370 और 35 को हटाया दिया था.
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चांद से टकरा सकता है स्पेस एक्स के रॉकेट का एक टुकड़ा. यह टुकड़ा लगभग 2.43 किलोमीटर प्रति सेकंड (करीब 5,400 मील प्रति घंटा) की रफ़्तार से ऑर्बिट में घूम रहा है.
यह फाल्कन 9 स्पेसक्राफ्ट का ऊपरी हिस्सा है, जो लगभग पांच मंज़िला इमारत जितना बड़ा है और इसका वज़न कम से कम 4,000 किलोग्राम है.
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के अनुसार यह टक्कर लगभग 7:35 BST (12:35 पीएम भारतीय समयानुसार) पर हो सकती है.
जानकारों का कहना है कि इसे धरती से बिना किसी उपकरण के नहीं देखा जा सकेगा लेकिन जिनके पास हाई क्वालिटी के टेलीस्कोप है वे शायद चांद की सतह से निकलती चमक देख पाएं.
इसे ख़तरनाक भी नहीं माना जा रहा है बल्कि वैज्ञानिक इसे एक अनोखे मौके के तौर पर देख रहे हैं, जिससे यह अध्ययन किया जा सके कि जब कोई चीज़ चंद्रमा से टकराती है तो क्या होता है.
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