भारतीय जनता पार्टी सांसद और एक्ट्रेस कंगना रनौत अब बयान के चलते मुश्किल में फंस सकती हैं। प्रदर्शनकारियों को गटर जनरेशन कहने के चलते उनके खिलाफ याचिका दायर की गई थी, जिसे सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया गया है। जून-जुलाई में CJP यानी कॉकरोच जनता पार्टी की अगुवाई में आंदोलन हुआ था, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र शामिल हुए थे।
उत्तर प्रदेश के आगरा की एक विशेष अदालत ने मंगलवार को सांसद रनौत के खिलाफ दायर याचिका स्वीकार कर ली। एक अधिवक्ता ने यह जानकारी दी। अधिवक्ता ने बताया कि सांसद/विधायक अदालत में यह याचिका प्रश्न पत्र लीक के मुद्दे को लेकर जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों और उनके माता-पिता तथा ‘जेन जेड’ के बारे में रनौत की कथित टिप्पणियों को लेकर दायर की गई थी।
याचिकाकर्ता और अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा ने बताया कि अदालत ने मामले में अगली सुनवाई के लिए 21 अगस्त की तारीख तय की है। शर्मा ने आरोप लगाया कि जब छात्र प्रश्न पत्र लीक के मुद्दे पर जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, तब रनौत ने ‘जेन जेड’ और प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों के माता-पिता के खिलाफ भी आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।
उन्होंने कहा, ‘मैंने भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत के खिलाफ स्पेशल कोर्ट MP-MLA में एक वाद दायर किया है। वाद इस बात को लेकर है कि कंगना रनौत ने जंतर मंतर पर प्रदर्शन करने वाले छात्रों को गटर जनरेशन बताया…उनको ऐसी बाते करने की आदत है। उन्होंने देश के छात्रों का अपमान किया है और उनके माता-पिता को गाली दी…यह छात्रों के भविष्य का सवाल है…21 अगस्त को इस मामले पर कोर्ट में सुनवाई होगी…।’
अधिवक्ता ने कहा कि यह याचिका कथित टिप्पणियों के संबंध में दायर की गई थी और अदालत ने इसे स्वीकार कर लिया है। उन्होंने कहा कि 21 अगस्त को होने वाली सुनवाई की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं और उस दिन दलीलें सुने जाने की उम्मीद है, जिसके बाद अदालत अपना फैसला सुनाएगी।
शर्मा ने कहा कि अगर आगरा की अदालत याचिका खारिज कर देती है तो वह पुनरीक्षण याचिका के माध्यम से सत्र अदालत का रुख करेंगे और जरूरत पड़ने पर ‘जेन जेड’ के खिलाफ कथित टिप्पणियों के मामले को उच्चतम न्यायालय तक ले जाएंगे।
उन्होंने जेन जेड को ‘जेनरेशन गटर’ बताया था और कहा कि उनकी रील्स को देखकर ‘घिन’ आती है। कंगना ने पूछा कि ‘इन्हें कौन पैदा कर रहा है और कौन पाल-पोस रहा है?’। एक सेल्फी वीडियो में हिमाचल प्रदेश के मंडी से सांसद ने उन पर हमला करने के लिए मीडिया को निशाना बनाया। उन्होंने कहा, ‘मैंने उनसे कहा कि वे कुछ प्रदर्शनकारियों के ‘गटर छाप’, अनैतिक और अश्लील व्यवहार को सामान्य नहीं बनाएं। वे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के सामने सड़कों पर ऐसा कर रहे थे। हम समाज में इसे स्वीकार नहीं कर सकते।’
(एजेंसी इनपुट के साथ)
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