Published By: Rishabh Kumar | Updated: Aug 12, 2026, 7:36 PM
इंडोनेशिया में इस साल कम बारिश हुई है, जिसकी वजह से देशभर में सूखे जैसे हालात हैं. नदियों और तालाबों में तेजी से पानी घट रहा है. ऐसे ही बैंटन प्रांत के करियन डैम का पानी भी काफी नीचे चला गया. पानी घटने के बाद डैम के नीचे एक घनी आबादी वाला गांव नजर आया. डैम हमेशा पानी से भरा रहता है जिसकी वजह लोगों को ये गांव कभी नजर नहीं आया. डैम के नीचे मौजूद इस गांव में पुराने घर, मस्जिद और बड़ी इमारते हैं. गांव की तस्वीरें सामने आने के बाद लोग इसे देखकर हैरान हैं.
न्यूज एजेंसी AFP की एक रिपोर्ट के अनुसार, डैम के नीचे मौजूद इस गांव का नाम सोमांग है. ये गांव सालों पहले करियन डैम बनाने के लिए पानी में डूबा दिया गया था. डैम प्रोजेक्ट का काम 2015 में शुरू हुआ था और 2023 में इसे जनता के लिए खोला गया था. जब कुछ साल पहले जब डैम का काम पूरा हुआ तो गांव के लोगों को दूसरी जगह बसाया गया था. अब सूखें की वजह से पानी कम हुआ तो गांव फिर से दिखने लगा.
अल-नीनो एक मौसम से जुड़ी स्थिति है, जिसका असर दुनिया के कई हिस्सों में देखने को मिलता है. इस दौरान प्रशांत महासागर के बीच और पूर्वी हिस्से का पानी सामान्य से ज्यादा गर्म हो जाता है. इसका असर बारिश और तापमान के पैटर्न पर पड़ सकता है. इंडोनेशिया में इसका असर कम बारिश के रूप में देखने को मिल सकता है. जब लंबे समय तक बारिश कम होती है और मौसम गर्म रहता है, तो जमीन की नमी कम होने लगती है. साथ ही नदियों, तालाबों और डैम में पानी भी तेजी से घट सकता है.
इंडोनेशिया की मौसम एजेंसी BMKG ने 2026 में कई इलाकों में सामान्य से कम बारिश का अनुमान जताया है. जून में एजेंसी ने बताया था कि देश के करीब 64.5 प्रतिशत हिस्से में सामान्य से कम बारिश हो सकती है. वहीं करीब 57.2 प्रतिशत हिस्से में सूखे का दौर सामान्य से ज्यादा लंबा रहने का अनुमान था. जुलाई में भी बारिश की कमी जारी रही. महीने के पहले हिस्से में देश के करीब 72 प्रतिशत हिस्से में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई. कई इलाकों में लगातार कई हफ्तों तक बारिश नहीं हुई.
बारिश की कमी का असर सिर्फ मौसम पर नहीं पड़ता. जब कई हफ्तों तक पानी नहीं बरसता, तो जमीन में नमी लगातार कम होती जाती है. इसके साथ ही नदियों, तालाबों और डैम का जलस्तर भी नीचे जाने लगता है. इससे खेती के लिए पानी की कमी हो सकती है. लोगों को पीने और रोजमर्रा के कामों के लिए भी पानी जुटाने में परेशानी हो सकती है. लंबे सूखे के कारण जंगलों में आग लगने का खतरा भी बढ़ सकता है. इसलिए मौसम एजेंसियां ऐसे हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं.
BMKG ने जुलाई 2026 के आखिर में बताया था कि अल-नीनो सक्रिय हो चुका है और इसके आगे मजबूत होने की संभावना है. इसके चलते सूखे की स्थिति को लेकर तैयारी बढ़ाने की बात कही गई थी. अगस्त को इंडोनेशिया में सूखे के लिहाज से अहम महीना माना जा रहा है. अनुमान के मुताबिक, अगस्त में देश के करीब 48.84 प्रतिशत हिस्से में सूखे का पीक रह सकता है. अगर बारिश सामान्य से कम रहती है, तो पानी की उपलब्धता पर असर पड़ सकता है. इसका सीधा असर खेती और आम लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों पर भी पड़ सकता है.
करियन डैम ग्रेटर जकार्ता इलाके में पानी की जरूरत पूरी करने वाली बड़ी परियोजनाओं में शामिल है. लेकिन लंबे समय से कम बारिश के कारण इस साल डैम का पानी काफी नीचे चला गया. पानी पीछे हटने के साथ सोमांग गांव का वह हिस्सा फिर दिखाई देने लगा, जो कई साल से जलाशय के नीचे था. पुराने घरों की दीवारें, मस्जिद और दूसरी इमारतों के अवशेष अब साफ नजर आ रहे हैं. कभी यहां लोगों की जिंदगी चलती थी, लेकिन डैम बनने के बाद पूरा इलाका पानी में डूब गया था. अब सूखे ने उस पुराने गांव को फिर दुनिया के सामने ला दिया है. (All Image: AI)
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