टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में हुए हादसे के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार (अगस्त, 14, 2026) को घटनास्थल का दौरा कर राहत और बचाव अभियान का जायजा लिया. मुख्यमंत्री ने मौके पर पहुंचकर अधिकारियों और रेस्क्यू टीमों से हादसे की स्थिति, अब तक हुई कार्रवाई और टनल में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी ली. मुख्यमंत्री धामी खुद टनल के अंदर भी गए और बचाव कार्य की स्थिति को करीब से देखा. उन्होंने रेस्क्यू अभियान में जुटी विभिन्न एजेंसियों के अधिकारियों से बातचीत कर मौजूदा परिस्थितियों और सामने आ रही चुनौतियों की जानकारी ली. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बचाव अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और उपलब्ध संसाधनों के साथ-साथ आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञता का प्रभावी इस्तेमाल किया जाए.
यह हादसा टीएचडीसी की विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की टीआरटी टनल में हुआ है. इस टनल की कुल लंबाई करीब 3 किलोमीटर है. जानकारी के मुताबिक, टनल के लगभग 1.50 किलोमीटर हिस्से में भूधंसाव के कारण अचानक मलबा और पानी भर गया, जिससे वहां काम कर रहे लोग फंस गए. जिलाधिकारी गौरव कुमार ने मुख्यमंत्री को घटनाक्रम और रेस्क्यू ऑपरेशन की अब तक की पूरी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि टनल में कुल 22 लोग फंसे थे, जिनमें से 19 को अब तक सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है. वहीं, 3 लोगों की तलाश और उन्हें बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान लगातार जारी है. हादसे में अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है.

मुख्यमंत्री ने NDRF, SDRF, ITBP, पुलिस और अन्य बचाव दलों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि टनल में फंसे बाकी तीन लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए हर संभव प्रयास किया जाना चाहिए. उन्होंने रेस्क्यू टीमों से पूरी सावधानी और गंभीरता के साथ अभियान चलाने को कहा. हादसे में घायल लोगों को उपचार के लिए जिला चिकित्सालय गोपेश्वर पहुंचाया गया है. अस्पताल में चिकित्सकों और स्वास्थ्य विभाग की टीम घायलों के इलाज के साथ उनकी लगातार निगरानी कर रही है. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि घायलों के उपचार और उनके परिजनों की सहायता में किसी तरह की कमी नहीं होनी चाहिए.
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि रेस्क्यू अभियान के साथ घटनास्थल पर सुरक्षा, चिकित्सा और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं को लगातार मजबूत रखा जाए. उन्होंने बचाव दलों से नियमित संपर्क बनाए रखने और परिस्थितियों के अनुसार तत्काल जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए. इस दौरान काबीना मंत्री एवं प्रभारी मंत्री भरत चौधरी, थराली विधायक भूपाल राम टम्टा, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, राज्य मंत्री हरक सिंह, पूर्व काबीना मंत्री राजेंद्र भंडारी सहित कई जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. आपदा सचिव विनोद कुमार सुमन, गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, जिलाधिकारी गौरव कुमार और पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार समेत संबंधित विभागों के अधिकारी भी घटनास्थल पर मौजूद रहे.
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