Bhagalpur News: भागलपुर, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। कंपनीबाग स्थित बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर छात्रावास में रविवार की देर रात करीब 10.30 बजे यहां आवासित 10वीं और 8वीं कक्षा के छात्रों के बीच मामूली बात पर बहस हो गई। जो मारपीट में बदल गई। भोजन की क्वालिटी और जातिसूचक संबोधन को लेकर उठा बवाल इतना बढ़ गया कि दो पक्षों ने एक-दूसरे को देख लेने की धमकी के तहत आमने-सामने आ गए। छात्रावास के अधीक्षक और अन्य शिक्षकों के बीच-बचाव के बाद भी ‘जेन-अल्फा’ उम्र वालों में भारी हंगामा किया।
सीनियर्स से पिटे जूनियर्स ने पूरे मामले की शिकायत करने के लिए करीब तीन किमी दूर पैदल चलकर कचहरी चौक पहुंचे और सड़क को जाम कर दिया। इन लोगों का आरोप था कि रास्ते में तातारपुर थानेदार ने उनकी पिटाई की है और उनके दो साथियों को साथ ले गई है। पीक आवर में करीब आधे घंटे तक सड़क जाम होने की जानकारी पर डीएम के निर्देशानुसार सदर एसडीओ विकास कुमार, कार्यपालक दंडाधिकारी चंदन कुमार व अन्य कचहरी चौक पहुंचे और छात्रों को समझाने-बुझाने लगे। आठवीं के छात्रों ने दसवीं के छात्रों पर कार्रवाई की मांग और तातारपुर थानेदार की गिरफ्त से दो साथियों को निकालने की मांग पर अड़े रहे। छात्रों की जिद पर जब एसडीओ ने तातारपुर थाना चलने की बात मानी तो छात्रों ने उन्हें भी अपने साथ लेकर पैदल ही तातरपुर थाना लाया।
थाने में थानाध्यक्ष विनोद कुमार ने बताया कि उन्होंने 20-25 छात्रों को हाथ में लाठी-रॉड लेकर जाते देखा तो लगा कि ये लोग कहीं मारपीट करने जा रहे हैं। इसलिए उन्हें रोका और हाथ से लाठी छीन ली। लाठियां छीनने के क्रम में थोड़ी सख्ती बरती गई और एहतियात के लिए दो उदंड छात्रों को साथ थाने ले आए। उन्हें तब तक पता नहीं था कि ये बच्चे छात्रावास के हैं। इधर, आठवीं कक्षा के रोशन ने बताया कि सीनियर्स ने जाति सूचक गाली देकर मारपीट किया। इधर, छात्रावास के अंदर सीनियर्स धरना पर बैठ गए हैं। यहां भी भारी संख्या में पुलिस तैनात है। ये लोग मीडिया से दूरी रख रहे हैं। हालांकि एक छात्र ने ऑनस्क्रीन बताया कि आज मेन्यू में सोयाबीन की सब्जी दी जानी थी। लेकिन कद्दू दिया गया। इसी बात पर आठवीं कक्षा के छात्रों ने मारपीट की।
हंगामा में शामिल दोनों पक्ष के छात्रों से बात की गई है। जिस मुद्दे पर विवाद था, उसे शांत करा लिया गया है। अधीक्षक को हंगामा करने वाले छात्रों की पहचान कर रिपोर्ट देने को कहा गया है।
– विकास कुमार, एसडीओ।
बवाल की जानकारी पर थानेदार से बात की गई है। थानेदार ने एहतियात बरतने के लिए बच्चों पर सख्ती की थी, उन्हें नहीं पता था कि ये बच्चे छात्रावास के हैं। दोनों छात्रों को छोड़ दिया गया है।
– राकेश कुमार, डीएसपी-2
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