कासगंज में 22 घंटे बाद खत्म हुआ दादा-नाती का ड्रामा: बच्चे को लेकर आए बाबा, रिटायर्ड कॉन्स्टेबल ने बताई पूरी कहानी – grandfather opens door himself emerges with grandson after 22 hours police take both to the station – Jagran

कासगंज में रिटायर्ड कॉन्स्टेबल बाबूराम ने 22 घंटे तक अपने नाती को घर में बंद रखने के बाद बुधवार तड़के दरवाजा खोल दिया। पुलिस के समझाने पर बाबा मान गए और नाती को सुरक्षित बाहर निकाला गया, बच्चे ने बाबा से कोई शिकायत नहीं बताई।
कोतवाली में बैठे बाबा-नाती।
रिटायर्ड कॉन्स्टेबल ने 22 घंटे नाती को घर में रखा बंद।
पुलिस के समझाने पर बाबा ने खुद खोला दरवाजा।
बच्चा सुरक्षित, बाबा से कोई शिकायत नहीं बताई।
जागरण संवाददाता, कासगंज। रिटायर्ड कॉन्स्टेबल बाबा बाबूराम और उनका नाती बुधवार तड़के 4:30 बजे घर से बाहर आ गए । इंस्पेक्टर जगदीश चंद्र द्वारा समझाए जाने के बाद पुलिस घर में दाखिल हो सकी। इससे पहले पुलिस जैसे ही घर में अंदर घुसने का प्रयास करती थी वैसे ही बाबूराम बंदूक दिखाकर धमकाते रहे। 22 घंटे बाद यह संकट समाप्त हो गया बच्चों का कहना है कि उसे बाबा से कोई शिकायत नहीं है।
घर में बंद रहने के बावजूद उसे कोई परेशानी नहीं हुई। बच्चे ने अपने पिता को फोन पर बताया है कि रात में उसने खाना भी खाया और पूरी तरह से सुरक्षित है।
मंगलवार सुबह सात बजे बाबा ने नाती को अपने साथ घर में बंद कर लिया था। बुधवार तड़के बाबा ने खुद ही दरवाजा खोला। पुलिस बाबा और नाती को थाने ले गई है। बच्चे के पिता को भी बुलाया गया है। बाबा ने पुलिस को बयान दिया है कि बच्चे का पिता अविनाश साढे़ चार साल बाद उससे मिलने आया है। वह उसे सिर्फ इसलिए ले जाना चाहता है क्योंकि बच्चे के नाम संपत्ति है।
दरअसल बाबा ही बच्चे की परवरिश कर रहे हैं। बच्चे को जन्म देने के बाद उसकी मां का निधन हो गया था और पिता ने दूसरी शादी कर ली। बाबा का कहना है की सौतेली मां बच्चों के साथ मारपीट करती थी इसलिए उन्होंने स्वयं परवरिश करने की ठानी। बाबूराम की पत्नी का भी निधन हो चुका है और एक हादसे में बड़े बेटे की मौत भी हो चुकी है।
 
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उधर मोहल्ले वासी रात को चैन से नहीं सो सके। तमाम लोग अपनी छतों पर बैठे रहे उन्हें लग रहा था कि बाबा कहीं कुछ गलत ना कर बैठें। पुलिस भी मकान की घेराबंदी किए रही। बच्चा कक्षा आठ में पढ़ रहा है। वह फर्रुखाबाद के एक हॉस्टल में रहता है। एक महीने पहले बाबा उसे हॉस्टल से घर ले आए थे। उन्हें लग रहा था कि उनका बेटा अविनाश बच्चे को कहीं अपने साथ ना ले जाए। बाबा ने मकान अन्य संपत्ति अपने बेटे के नाम कर दी है।
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एसपी ओपी सिंह ने बताया बच्चा और उसके बाबा दोनों सुरक्षित हैं। समझाने के बाद बाबा मान गए थे। और उन्होंने खुद ही दरवाजा खोल दिया। बच्चा कहां रहेगा इस संबंध में दोनों पक्षों से बातचीत की जा रही है।

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