जिले के चिन्हित 25 मॉडल विद्यालयों में पढ़ने वाले कक्षा 9वीं से 12वीं के विज्ञान संकाय के विद्यार्थियों के लिए पढ़ाई अब और आसान होने जा रही है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ‘विद्या साथी’ कार्यक्रम शुरू कर रही है। इसके तहत विद्यार्थियों को 24×7 लाइव व
विद्यार्थी पढ़ाई के दौरान आने वाली किसी भी समस्या का समाधान शिक्षकों से पूछकर कर सकेंगे। इंटरैक्टिव लर्निंग की इस व्यवस्था में विद्यार्थी मोबाइल, कंप्यूटर, टैब या लैपटॉप के माध्यम से पढ़ाई कर सकेंगे। स्क्रीन पर 10 शिक्षकों का पैनल उपलब्ध रहेगा। विद्यार्थी अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी शिक्षक से सवाल पूछ सकेंगे। यदि किसी विषय या अध्याय को समझने में परेशानी होती है तो वे दूसरे शिक्षक से भी मदद ले सकेंगे। शुरुआती स्तर पर साइंस,गणित, फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी,हिन्दी और अंग्रेजी जैसे विषयों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
विद्यार्थियों को केवल लाइव शिक्षकों की सुविधा ही नहीं मिलेगी, बल्कि फिलो एप के माध्यम से अध्यायवार नोट्स, पिछले वर्षों के प्रश्न-पत्र, प्रश्न बैंक समेत अन्य अध्ययन सामग्री भी उपलब्ध कराई जाएगी। ऐप के माध्यम से विद्यार्थी अपनी पढ़ाई को स्कूल के समय के अलावा भी जारी रख सकेंगे। समिति की योजना के अनुसार विद्यार्थियों की पहचान और शैक्षणिक प्रगति को भी डिजिटल माध्यम से जोड़ा जाएगा। विद्यार्थियों की अपार आईडी और नामांकन संख्या को ऐप से लिंक किया जाएगा। इससे यह आकलन करने में मदद मिलेगी कि इंटरैक्टिव लर्निंग की सुविधा मिलने के बाद विद्यार्थियों के प्रदर्शन और परीक्षा परिणाम में कितना सुधार हुआ।
नहीं लिया जाएगा कोई शुल्क: ‘विद्या साथी’ कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए पूरी तरह नि:शुल्क रहेगा। कार्यक्रम से जुड़े किसी भी व्यक्ति या संस्था को किसी स्तर पर शुल्क देने की जरूरत नहीं है। यदि ऐप के माध्यम से किसी प्रकार की राशि की मांग की जाती है तो नि:शुल्क एक्टिवेशन के लिए फिलो टीम से संपर्क करने का निर्देश दिया गया है।
शिक्षकों का विजुअल और बोर्ड भी देख सकेंगे विद्यार्थी इंटरैक्टिव लर्निंग की खासियत यह होगी कि विद्यार्थी केवल शिक्षक की आवाज नहीं सुनेंगे, बल्कि शिक्षक का विजुअल और उनके द्वारा ब्लैक बोर्ड या व्हाइट बोर्ड पर समझाए जा रहे विषय को भी देख सकेंगे। इससे ऑनलाइन पढ़ाई को अधिक प्रभावी और कक्षा जैसी बनाने का प्रयास किया गया है।डीईओ हेमचन्द्र ने बताया कि कई बार कक्षा में विद्यार्थी अपनी शंका पूछने में संकोच करते हैं या समय के अभाव में सवाल अनसुलझा रह जाता है। ‘विद्या साथी’ में विद्यार्थी अपनी सुविधा के अनुसार सवाल पूछ सकेंगे। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को प्रभावी मेंटरशिप उपलब्ध कराना है, ताकि वे किसी भी समय शिक्षकों से अपने सवाल पूछकर शैक्षणिक शंकाओं का समाधान कर सकें।
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