Eid milad un nabi 2026 kab hai: ईद मिलादुन्नबी का पर्व हर साल इस्लामिक कैलेंडर के तीसरे महीने रबीउल अव्वल की 12 तारीख को मनाया जाता है। इस वर्ष यह पर्व पूरे भारत में 26 अगस्त को मनाया जाएगा। इस्लाम धर्म की मान्यता के अनुसार पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहो अलैहि वसल्लम का जन्म 12 रबीउल अव्वल सन् 570 ईसवी को सऊदी अरब के पवित्र शहर मक्का में हुआ। आप कुरैश कबीले से ताल्लुक रखते थे। आपके वालिद का नाम हजरत अब्दुल्ला और वालिदा का नाम बीबी आमना था। आपके जन्म से पहले ही आपके वालिद का इंतेकाल हो गया था। आपकी परवरिश आपके दादा और चाचा ने की। मुसलमान आपको अल्लाह का आखिरी नबी मानते हैं। आप बचपन से ही अल्लाह की इबादत में लीन रहे। आपका कहना था कि अल्लाह एक है।
ईद-उल-फितर और ईद-उल-अजहा के बाद मुसलमानों में ईद मिलादुन्नबी का बहुत महत्व है, क्योंकि इस दिन पैगंबर-ए-इस्लाम इस दुनिया में तशरीफ लाए। आपके जन्म के समय अरब की धरती पर बहुत-सी सामाजिक बुराइयां फैली हुई थीं। ऐसे माहौल में पैगंबर-ए-इस्लाम ने इंसानियत की अलख जगाई। बेटियों का जन्म अशुभ माना जाता था। उनके जन्म लेते ही जमीन में जिंदा दफन कर दिया जाता था। महिलाओं व मजदूरों के साथ जुल्म-ज्यादती की जाती थी। लोग उन्हें खरीदते और बेचते थे। शराब, जुआ, सूद, लड़ाई-झगड़े आम थे। लोग छोटे-छोटे कबीलों के बीच बंटे थे। एक-दूसरे की जान के दुश्मन थे। उस वक्त पैगंबर-ए-इस्लाम ने इंसानों के साथ पशु-पक्षियों व महिलाओं के हक में आवाज बुलंद की।
आपका कहना था कि सभी इंसान बराबर है। पड़ोसियों के साथ अच्छा सलूक करने और मेहमानों के आदर-सत्कार पर जोर दिया। जीवन में हमेशा सच बोलने और अमानत में खयानत न करने की सीख दी। आप पशु क्रूरता के भी खिलाफ थे। लोगों से पशु-पक्षियों के साथ अच्छा व्यवहार करने व महिलाओं की कद्र करने का हुक्म दिया। महिलाओं को बराबरी का दर्जा दिया। जुआ, शराब, सूद, जिना को हराम करार दिया। साम्यवाद की बात भी आपने सबसे पहले लोगों के सामने रखी। काले-गोरे,अमीर-गरीब का भेद खत्म किया। पेड़-पौधे लगाने को सवाब का काम बताया।
ईद मिलादुन्नबी का पर्व प्रेम,अमन, शांति, भाईचारे और मानवता का प्रतीक है। इस दिन मुसलमान अपने घरों पर इस्लामिक झंडा लगाने के साथ खूबसूरत रोशनी से घरों, मस्जिदों, बाजारों व प्रतिष्ठानों को सजाते हैं। एशिया, यूरोप, अमेरिका,अफ्रीका के तमाम देशों में आपकी याद में जुलूस निकाले जाते हैं। एक-दूसरे को मिठाई बांटी जाती है।
ईद मिलादुन्नबी हमें शिक्षा और प्रेरणा देता है कि हम सब मुसलमान पैगंबर-ए-इस्लाम के बताए हुए अखलाक (सदाचार) को अपनी जिंदगी का हिस्सा बनाएं। दीन-दुखियों के साथ जरूरतमंदों की खूब मदद करें। बेसहारों का सहारा, भूखों के लिए भोजन, प्यासों के लिए पानी, बीमारों के लिए दवा की व्यवस्था करें। छोटे से प्रेम और अपने से बड़ों का सम्मान करें। यही खिराज-ए-अकीदत पैगंबर-ए-इस्लाम के लिए होगी। अपने वतन से सच्ची मोहब्बत के साथ हम इस दिन को विश्व शांति दिवस के रूप में मनाएं।
संक्षिप्त विवरण
सौम्या तिवारी लाइव हिन्दुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा हैं और इस संस्थान के साथ करीब 5 वर्षों से अधिक समय से जुड़ी हैं। इन्हें डिजिटल पत्रकारिता में करीब 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। यहां वह ग्रह राशि परिवर्तन, टैरो, वैदिक ज्योतिष, फेंगशुई, अंकराशि, रत्न शास्त्र और व्रत-त्योहार आदि से जुड़ी खबरें लिखती हैं।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव
सौम्या तिवारी की ग्रह राशि परिवर्तन, व्रत-त्योहार, सामुद्रिक शास्त्र, अंकज्योतिष, वास्तु शास्त्र एवं फेंगशुई, कथा-कहानी जैसे विषयों पर अच्छी पकड़ है। उन्हें ज्योतिष एवं धार्मिक विषयों में करीब 6 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में बतौर डिप्टी कंटेंट प्रोड्यूसर कार्यरत हैं और धर्म व ज्योतिष (एस्ट्रोलॉजी) सेक्शन का हिस्सा हैं।
इसके अलावा उन्होंने मनोरंजन (एंटरटेनमेंट) और राजनीतिक (पॉलिटिक्स) विषयों पर भी विभिन्न मीडिया संस्थानों में काम किया है। लाइव हिन्दुस्तान में सौम्या की टॉप परफॉर्मेंस रही है, जिसके लिए उन्हें कई बार पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। खाली समय में वह धार्मिक ग्रंथों और पुराणों का अध्ययन करना और पाठकों तक सही जानकारी पहुंचाना पसंद करती हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
सौम्या तिवारी ने कानपुर विश्वविद्यालय से स्नातक (बीए) किया है और जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से जनसंचार एवं पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा प्राप्त किया है। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान ही उन्हें हैदराबाद की लोकल न्यूज वेबसाइट इंडिलिक्स से पहली नौकरी का प्रस्ताव मिला।
इसके बाद वह जनसत्ता (द इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप), द क्विंट और जी न्यूज जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों से जुड़ी रहीं। साल 2020 में वह लाइव हिन्दुस्तान के धर्म व ज्योतिष सेक्शन का हिस्सा बनीं।
व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले की रहने वाली सौम्या तिवारी को धार्मिक और ज्योतिषीय विषयों की जानकारी जुटाना पसंद है। इसके अलावा उन्हें नई-नई जगहों पर घूमने का भी शौक है।
विशेषज्ञता
ग्रह और नक्षत्रों का राशि पर असर
फेंगशुई
वास्तु शास्त्र
अंक शास्त्र
रत्न विज्ञान
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