नेपाल में आई भीषण बाढ़ से मची तबाही और भारी संख्या में हुई जनहानि पर कांग्रेस पार्टी ने अपनी गहरी संवेदना और इस मुश्किल घड़ी में एकजुटता व्यक्त की है. पार्टी ने कहा कि हमारी संवेदनाएं उन परिवारों और उन सभी लोगों के साथ हैं, जिन्होंने अपने प्रियजनों को इस भयानक त्रासदी में खो दिया है और जो अभी भी अपने प्रियजनों के सलामत होने की खबर का इंतजार कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि भारत के लोग इस संकट की घड़ी में नेपाल की जनता के हर संभव मदद के लिए पूरी तरह से तैयार हैं.
नेपाल में आए संकट पर सलमान खुर्शीद की प्रतिक्रिया
कांग्रेस के विदेश विभाग के चेयरमैन और देश के पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने नेपाल में बुधवार (26 अगस्त) को आई भीषण बाढ़ पर पार्टी और देश की तरफ से संवेदना जताई है. उन्होंने इस संबंध में शनिवार (29 अगस्त, 2026) को एक आधिकारिक बयान भी जारी किया है.
बयान में कहा गया, ‘भारत की जनता की तरफ से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) नेपाल के लोगों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करती है. हम पूरी तरह से नेपाल की जनता के साथ एकजुटता से खड़े हैं. नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ की वजह से अब तक सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है और देश के गंभीर आर्थिक और मानवीय क्षति पहुंची है.’
Statement by Shri @salman7khurshid, Chairman, INC Foreign Affairs Department, on the flash floods in Nepal. pic.twitter.com/g5K4jJuDT9
उन्होंने कहा, ‘हमारी संवेदनाएं उन सभी लोगों के साथ हैं, जो अभी भी अपने प्रियजनों के सुरक्षित होने की खबर का इंतजार कर रहे हैं.’
भारत और नेपाल के रिश्ते पर बोले सलमान खुर्शीद
कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने आधिकारिक बयान में कहा, ‘भारत और नेपाल के बीच एक ऐसी सभ्यतागत विरासत है, जो आधुनिक देश और राज्यों के अस्तित्व में आने से पहले की है. यह साझा आस्था, संस्कृति और हिमालय की पारिस्थिति (इकोलॉजी) पर आधारित है, जिसने कई सदियों से हमारे दोनों देशों के लोगों को जोड़े रखा है.’
भारत-नेपाल की रिश्ते में पंडित नेहरू की भूमिका महत्वपूर्ण- खुर्शीद
उन्होंने भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू का जिक्र करते हुए कहा, ‘साल 1950 में शांति और मैत्री संधि (Treaty of Peace and Friendship, 1950) के माध्यम से पंडित जवाहरलाल नेहरू ने भारत और नेपाल के संबंध को औपचारिक रूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. उन्होंने एक ऐसे रिश्ते की परिकल्पना की थी, जो खुलेपन और आपसी सहयोग से परिभाषित होती है.’
उन्होंने आगे कहा, ‘भारत की जनता नेपाल के लोगों को हर संभव मदद देने के लिए तैयार है. हम इस संकट से उबरने के दौरान नेपाल के एक भरोसेमंद साझेदार के रूप में पूरी मजबूती से उसके साथ खड़े रहेंगे.’
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पिछले करीब पांच सालों से भारतीय मीडिया का हिस्सा हैं. अक्टूबर, 2024 से एबीपी न्यूज नेटवर्क में बतौर हिंदी कंसल्टेंट राइटर के तौर पर भूमिका निभा रहे हैं. प्रिंट मीडिया के साथ अपने पत्रकारिता सफर की शुरुआत की है और आज डिजिटल मीडिया में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय डेस्क पर लेखन कार्य कर रहे हैं. साल 2020 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के नोएडा कैंपस से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री हासिल की. क्षेत्रीय से लेकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति, चुनाव और सामाजिक विषयों पर खबरें लिखते रहे हैं. तथ्यों की गहराई और भाषा की संवेदनशीलता पर हमेशा बेहतर करने की कोशिश है. स्केचिंग, पेटिंग, फिल्में देखना, शायरी-कविताएं लिखना और घूमना बहुत ज्यादा पसंद है.
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